'गोरखपुर अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई का कॉन्ट्रेक्ट मार्च में ही हो गया था खत्म'

आईएएनएस
Updated: August 12, 2017, 11:22 PM IST
'गोरखपुर अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई का कॉन्ट्रेक्ट मार्च में ही हो गया था खत्म'
Baba Raghav Das Medical College ( Photo : PTI)
आईएएनएस
Updated: August 12, 2017, 11:22 PM IST
गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी से हुई 60 से ज्यादा बच्चों की मौतों पर प्रदेश सरकार अपना बचाव करने में जुट गई है. वहीं, ऑक्सीजन की सप्लाई करने वाली फर्म का कहना है कि अस्पताल को ऑक्सीजन की सप्लाई का कॉन्ट्रेक्ट मार्च में ही समाप्त हो गया था. उसके बाद कॉन्ट्रेक्ट को रिन्यू नहीं किया गया.

पुष्पा सेल्स कंपनी के मालिक परवीन मोदी, जो बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की सप्लाई करते थे, ने साफ तौर पर सप्लाई के किसी टेंडर से इनकार कर दिया.

उन्होंने मीडिया कर्मियों को बताया कि अस्पताल के साथ कॉन्ट्रेक्ट मार्च में ही खत्म हो गया था और इसे फिर से रिन्यू नहीं किया गया. उन्होंने कहा कि जब तक नए टेंडर की औपचारिकताएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक सप्लायर को बिना किसी रुकावट के इसे जारी रखने के लिए कहा जाता है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया.

इस साल भाजपा सरकार आने के बाद पुष्पा सेल्स से कॉन्ट्रेक्ट खत्म कर दिया गया और नया कॉन्ट्रेक्ट इलाहाबाद के इंपीरियल गैस के साथ किया गया.

परवीन ने कहा कि अस्पताल पर अभी तक 20 लाख रुपए बकाया है, इसके बावजूद मंडलायुक्त के अनुरोध पर शुक्रवार को लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई की गई थी.

उन्होंने कहा कि मैंने ऐसा सिर्फ मानवता के नाते किया. उन्होंने उन रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें कहा गया है कि उन्होंने बकाया भुगतान न मिलने के कारण ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी थी.

परवीन के कहा कि मैंने अधिकारियों द्वारा किए गए अनुरोध के बाद 200 सिलेंडर की सप्लाई की है.

राज्य सरकार के लिए और अधिक शर्मिंदगी तब हुई जब यह बात सामने आई कि केंद्रीय ऑक्सीजन पाइपलाइन संयंत्र के स्टाफ ने अस्पताल के बाल चिकित्सा विभाग के प्रमुख को ऑक्सीजन स्टॉक के बारे में चेतावनी देते हुए लिखा था.

उन्होंने चेतावनी दी थी कि ऑक्सीजन की कमी के कारण अस्पताल में विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों और खासकर बच्चों को परेशानी हो सकती है. हालांकि, ऐसा लगता है कि चेतावनी को अनसुना कर दिया गया और ऑक्सीजन के लिए कोई अग्रिम व्यवस्था नहीं की गई.
First published: August 12, 2017
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