गोरखपुर में 'गणपति' की मूर्तियों पर पड़ा Corona का साया, बाजारों में पसरा सन्नाटा
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गोरखपुर में 'गणपति' की मूर्तियों पर पड़ा Corona का साया, बाजारों में पसरा सन्नाटा
गोरखपुर में 'गणपति' की मूर्तियों पर पड़ा Corona का साया (file photo)

मूर्तिकार मोहन (Mohan) का कहना है कि हर मूर्ति बेंचकर छह महीने का खर्चा निकाल लेते थे. लेकिन इस बार मूर्ति का आर्डर ही नहीं आया.

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गोरखपुर. गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का त्यौहार पूरे देश में बड़ी धूम-धाम से मनाया जा रहा है. इस मौके पर लोग भगवान गणेश को अपने घर में स्थापित करते है और उनका आशीर्वाद लेते हैं. उधर, सीएम सिटी गोरखपुर (Gorakhpur) में गणेश चतुर्थी के मौके पर भगवान गणेश की प्रतिमा की स्थापना भव्य और दिव्य तरीके से की जाती थी. लेकिन कोरोना काल में इस बार सब कुछ फीका- फीका रहा. बप्पा इस बार भी विराजे पर लोगों के घरों में, चौराहों पर शांति रही, वहीं मूर्तियों की साइज इस बार छोटी हो गयी है.

गणेश चतुर्थी पर गोरखपुर के हर मोहल्ले में बप्पा बिराजते थे, हर चौराहे पर रौनक होती थी. पर इस बार कोविड-19 के कारण चौराहों पर सन्नाटा पसरा हुआ है. जो लोग मुर्तियां स्थापित करते थे उनका कहना है कि इस बार वो अपने घरों में मूर्तियां स्थापित कर रहे हैं. मिर्जापुर चौराहे पर पिछले 15 सालों से मूर्ति स्थापति करने वाले लोगों का कहना है कि इस बार तीन या सिर्फ पांच दिन के लिए ही मूर्ति की स्थापना कर रहे हैं. साथ ही अपने घरों में बप्पा की पूजा करेंगे.

सिर पर मूर्ति रखकर अपने घर ले जा रहे अमन गुप्ता का कहना है कि हर साल वो भव्य तरीके से बप्पा की स्थापना करते थे. पर इस बार कोविड के प्रोटोकाल के कारण मूर्तियों को अपने घरों में ही स्थापित करना पड़ रहा है. आज भगवान गणेश उनके घर में बिराजेंगे इस लिए वो छोटी सी मूर्ति लेकर घर जा रहे हैं. वहीं मूर्तिकारों का कहना है कि इस बार कोविड के कारण मूर्तियों का ऑर्डर ही नहीं आया, हर साल जो लोग बड़ी बड़ी मूर्तियां बनाते थे.



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इस बार वो लोग छोटी छोटी मूर्तियों का आर्डर दिये हैं. लोगों ने बड़ी संख्या में छोटी- छोटी मूर्तियां खरीदी हैं. और लोग अपने घरों में ही इसको स्थापित कर रहे हैं. मूर्तिकार मोहन का कहना है कि हर मूर्ति बेंचकर छह महीने का खर्चा निकाल लेते थे. लेकिन इस बार मूर्ति का आर्डर ही नहीं आया. छोटी छोटी मूर्तियों का आर्डर आया पर वो भी बहुत कम संख्या में, लोग अपने घरों में ही पूजा कर रहे हैं.
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