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गोरखपुर: कोरोना मरीज मिलने के बाद बाहर से आ रही एम्बुलेंस को लेकर सतर्क हुआ प्रशासन

गोरखपुर: कोरोना मरीज मिलने के बाद बाहर से आ रही एम्बुलेंस को लेकर सतर्क हुआ प्रशासन

गोरखपुर में प्रवेश करने वाली हर बाहरी एंबुलेंस की जांच के आदेश दिए गए हैं

गोरखपुर में प्रवेश करने वाली हर बाहरी एंबुलेंस की जांच के आदेश दिए गए हैं

गोरखपुर (Gorakhpur) के जिलाधिकारी का कहना है कि जिस तरह से रविवार को एम्बुलेंस में दिल्ली से व्यक्ति सीधे अपने गांव पहुंच गया था, अब कोई भी सीधे अपने गांव नहीं जा पायेगा. पहले जिला अस्पताल में उसकी जांच होगी.

गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (Gorakhpur) जिले में प्रवेश करने वाली एम्बुलेंस (Ambulance) को अब गोरखपुर पुलिस सीधे जिला अस्पताल (District Hospital) पहुंचाएगी. दरअसल रविवार को गोरखपुर में एक कोरोना का मरीज (COVIS-19 Patient) मिलने के बाद जिला प्रशासन ने एम्बुलेंस को लेकर सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है.

इसके तहत गोरखपुर का रहने वाला कोई भी व्यक्ति अगर दूसरे राज्यों या अन्य जिलों से एंबुलेंस में अपने घर आने की कोशिश करता है तो उसे जिले की सीमा सहजनवां में पुलिस और मजिस्ट्रेट रोकेंगे. यहां एम्बुलेंस के नम्बर, ड्राइवर का पता और फोन नम्बर लिखने के साथ मरीज का पूरा ब्यौरा दर्ज किया जाएगा. उसके बाद उसे वहां से सीधे जिला अस्पताल भेजा जाएगा. जहां मरीज की जांच होगी और जरूरत के हिसाब से क्वारेंटाइन किया जायेगा.

जिले के सीमा से अस्पताल तक रहेगी पुलिस की नजर

जिले की सीमा से लेकर जिला अस्पताल पहुंचने तक एम्बुलेंस कहीं अन्य जगह न जा सके, इसके लिए लगातार वॉच भी किया जाएगा. इसके तहत सहजनवां से उसके आगे की चौकी नौसढ़ को बताया जायेगा कि इस नम्बर का एम्बुलेंस जा रही है, इसे जिला अस्पताल जाना है. जब एम्बुलेंस नौसढ़ पहुंचेगी तो यहां से टीपी नगर और फिर उसके बाद जिला अस्पताल चौकी इंचार्ज को अलर्ट किया जायेगा. इस दौरान रास्ते में पड़ने वाले सभी पुलिस चौकी और पुलिस वाले अलर्ट रहेंगे कि एम्बुलेंस सीधे व्यक्ति को लेकर उसके गांव तो नहीं जा रही है.

अस्पताल में जांच के बाद क्वारेंटाइन की प्रक्रिया

जिला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों के द्वारा जांच की जायेगी. अगर मामला संदिग्ध लगता है तो टीबी अस्पताल में क्वारेंटाइन किया जायेगा. नहीं तो उस व्यक्ति के गांव के बाहर बने क्वरंटाइन सेन्टर में रखा जायेगा. इस मामले में जिलाधिकारी का कहना है कि जिस तरह से रविवार को एम्बुलेंस में दिल्ली से व्यक्ति सीधे अपने गांव पहुंच गया था, अब कोई भी सीधे अपने गांव नहीं जा पायेगा. पहले जिला अस्पताल में उसकी जांच होगी. जिससे बाहर से आ रहे व्यक्ति का सीधा संपर्क यहां के लोगों से नहीं पायेगा और ये संक्रामक बीमारी फैलने नहीं पायेगी.

वाहनों की त्रिस्तरीय जांच के आदेश

डीएम ने निर्देश दिया कि शहर में आने वाले वाहन की त्रिस्तरीय जांच की जाए. कोई भी व्यक्ति या कोई भी वाहन बिना जांच के ही अपने गंतव्य स्थान तक अगर पहुंच जाता है तो इसके लिए संबंधित तहसील के एसडीएम और क्षेत्राधिकारी जिम्मेदार होंगेप्रशासन के इस कवायद के पीछे का मकसद ये है कि कुछ लोग दूसरे राज्यों से एम्बुलेंस से गोरखपुर आ रहे हैं. अभी तक एम्बुलेंस के बारे में पुलिस अधिक पूछताछ नहीं करती थी, जिसके कारण वो सीधे अपने घरों पर पहुंच जा रहे थे, रविवार को इसी तरह की लापरवाही हुई. दिल्ली से चला मरीज सीधे अपने गांव की सीमा तक पहुंच गया, ग्रामीणों की सक्रियता की वजह से वो अपने घर नहीं जा पाया और फिर उसकी जांच हुई तो वो कोरोना का मरीज निकला, अब अगर प्रशासन पहले ही व्यक्ति की जांच करा लेगा तो संक्रमण फैलने का खतरा काफी कम होगा.

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Tags: Corona positive, Gorakhpur news, Lockdown. Covid 19, Uttarpradesh news

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