गोरखपुर: भाजपा विधायक ने कश्मीर में जमीन खरीदने की इच्छा जताई

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने के फैसले से खुश भाजपा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के जश्न के बीच स्थानीय पार्टी विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने सोमवार को कश्मीर में भूखंड खरीदने की इच्छा जाहिर की.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 5, 2019, 11:46 PM IST
गोरखपुर: भाजपा विधायक ने कश्मीर में जमीन खरीदने की इच्छा जताई
अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ मिठाई बांटते और जश्न मनाते हुए कहा, 'मैंने भूखंड खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और कश्मीर में अपने मित्र यासिर से इस संबंध में बात की है.'
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Updated: August 5, 2019, 11:46 PM IST
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने के फैसले से खुश भाजपा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं के जश्न के बीच स्थानीय पार्टी विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने सोमवार को कश्मीर में भूखंड खरीदने की इच्छा जाहिर की.

अग्रवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ मिठाई बांटते और जश्न मनाते हुए कहा, 'मैंने भूखंड खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और कश्मीर में अपने मित्र यासिर से इस संबंध में बात की है.' अग्रवाल ने अनुच्छेद-370 को हटाए जाने के फैसले को देश में नए युग की शुरूआत बताया.

कश्मीर में थी दोहरी गुलामी
उन्होंने कहा कि आजादी से लेकर अब तक कश्मीर के स्थानीय लोग दोहरी गुलामी का सामना कर रहे थे. उन्हें राष्ट्रविरोधी नेताओं की गुंडागर्दी बर्दाश्त करनी पड़ती थी। युवा पत्थरबाजों के समूह में शामिल हो रहे थे.

अग्रवाल ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यह कदम सैकड़ों जवानों और राष्ट्रवादी नागरिकों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने कश्मीर को देश के साथ एकजुट रखने के लिए अपने जीवन की कुर्बानी दी.

जम्मू-कश्मीर में ये होंगे बदलाव
गौरतलब है कि अब जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के खत्म होने से अब उसका कोई अलग ध्वज या संविधान नहीं होगा और यह उसे ‘भारत संघ’ में पूरी तरह से समाहित कर देगा. ऐसा ही 1950 में अन्य देशी रियासतों को किया गया था. अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी. जम्मू कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश) विधानसभा का कार्यकाल अब अन्य राज्यों और दो केंद्रशासित प्रदेशों दिल्ली और पुडुचेरी की तरह ही पांच साल का होगा.
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अब तक जम्मू कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल छह साल का होता था. आपराधिक मामलों से निपटने में रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की जगह अब भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) ले लेगा. साथ ही, किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने से संबद्ध 'अनुच्छेद 356' भी नये केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू कश्मीर और लद्दाख पर लागू होगा.
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First published: August 5, 2019, 11:43 PM IST
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