गोरखपुर के युवा वैज्ञानिक की खोज, मास्क में लगे डिवाइस से सीधे हवा से बन जायेगी Oxygen

गोरखपुर के युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह ने एक ऐसा मास्क बनाया है, जो हवा में ऑक्सीजन बना लेगा.

गोरखपुर के युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह ने एक ऐसा मास्क बनाया है, जो हवा में ऑक्सीजन बना लेगा.

देश में कोरोना संकट में सबसे अधिक मारामारी ऑक्सीजन को लेकर है. इस संकट को कम करने के लिए गोरखपुर के एक युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह ने एक ऐसा मास्क बनाया है, जिसमें एक डिवाइस के जरिये हवा में ऑक्सीजन बन जायेगी.

  • Last Updated: May 2, 2021, 12:06 AM IST
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गोरखपुर. देश में जारी कोरोना संकट के बीच सबसे अधिक मारामारी ऑक्सीजन को लेकर है. लोग एक-एक सिलेंडर के लिए भटक रहे हैं. ऑक्सीजन की कमी से सैकड़ों लोगों ने अपनी जान गवां दी. इस संकट को कम करने के लिए गोरखपुर के एक युवा वैज्ञानिक राहुल सिंह ने एक नवाचार किया है. युवा वैज्ञानिक का दावा है कि उन्होने ऑक्सीजन की जरूरत के हिसाब से एक ऐसा मास्क बनाया है जो कि हवा से ऑक्सीजन बनाएगा.

राहुल सिंह का कहना है कि हमने ऑटोमेटिक इलेक्ट्रिक एडवांस टेक्नलॉजी नेचुरल ऑक्सीजन मास्क बनाया है. इस मास्क की साइज बहुत छोटी है. इसको जेब में रख सकते हैं. अगर हम कहीं आक्सीजन नहीं ले पा रहे हैं तो एक बटन को पुश करेंगे तो वह मास्क हवा से ऑक्सीजन को फिल्टर करके उपलब्ध करायेगा. जिससे आपातकाल में यूज कर सकते हैं. असज में, राहुल ने एक एयर मोटर तैयार की है, जिसमें स्मार्ट सर्किट लगाया है. सर्किट के माध्यम से यह एयर मोटर हवा को सात बार फिल्टर कर ऑक्सीजन बना देती है. जिसका लाभ जरूरतमंद को मिलता है.

मदन मोहन मालवीय तकनीकी विश्वविद्यालय के इनोवेशन सेंटर से जुड़े राहुल सिंह दावा करते हैं कि जो डिवाइस उन्होने बनाया है वो प्राकृतिक रूप से ऑक्सीजन तैयार करता है. राहुल का कहना है कि इस डिवाइस में उन्होंने एक चिप लगाई है जिससे कहीं भी यह खराब होती है तो इसकी जानकारी उन्हें तत्काल हो जाएगी. और घर बैठे ही वह उसे ठीक कर देंगे. राहुल के मुताबिक उनके इस डिवाइस का इस्तेमाल किसी भी मास्क में किया जा सकता है.

राहुल का कहना है कि 18 साल तक के बच्चों के लिए मास्क के दाम 500 रुपये और इससे अधिक उम्र के लिए 800 रुपये होगा. आम जनता तक इसे पहुंचाने के लिए सेंट्रल सेल्स टैक्स और डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के पास आवेदन किया है. अगर सरकार अनुमति देती है तो एक दिन में एक लाख मास्क तैयार किया जा सकता है. MMMTU के इनोवेशन सेंटर के सहयोग से करीब 50 नवाचार कर चुके हैं. वर्तमान समय में राहुल कक्षा 12 के छात्र हैं. पिछले साल कोरोना संक्रमण काल के दौरान राहुल ने सैनिटाइजर टनल और हैंड सैनिटाइजर मशीन भी बनाई थी.
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