Gorakhpur News: CM योगी की नाराजगी का दिखा असर, गुलरिहा थानेदार रवि राय लाइन हाजिर

अधीन्स्थ अधिकारियों की रिपोर्ट पर ही एसएसपी ने थानेदार रवि राय को लाइन हाजिर किया.

अधीन्स्थ अधिकारियों की रिपोर्ट पर ही एसएसपी ने थानेदार रवि राय को लाइन हाजिर किया.

सीएम योगी जनता दर्शन के दौरान जिले के कोतवाली थानेदार जयदीप वर्मा (Police Officer Jaideep Verma) की कार्यशैली की शिकायत मिलने पर नाराज थे.

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गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) इन दिनों पुलिस की कार्यशैली को लेकर खासे नाराज हैं. प्रदेश के बस्ती जिले में पहले दारोगा की करतूत से खाकी को शर्मसार करने की घटना को लेकर सीएम की नाराजगी (Resentment) के बाद कार्रवाई का दौर जारी है. वहीं, दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अपने गृह जनपद गोरखपुर की पुलिस के कामकाज से भी बेहद नाराज हैं. सीएम योगी जनता दर्शन के दौरान जिले के कोतवाली थानेदार जयदीप वर्मा (Police Officer Jaideep Verma) की कार्यशैली की शिकायत मिलने पर नाराज थे. वहीं, दूसरी तरफ युवक की हत्या मामले की विवेचना में लापरवाही बरतने पर गुलरिहा थानेदार रवि राय के कार्यशैली पर सीएम योगी ने कड़ा तेवर अपनाया है. साथ ही बस्ती पुलिस पर हुई कार्रवाई की तर्ज पर यहां पर भी कार्रवाई करने का एसएसपी को निर्देश दिया है.

ऐसे में एसएसपी जोगेन्द्र कुमार ने हत्या मामले की एसपी ऩॉर्थ मनोज अवस्थी और एसपी क्राइम एमपी सिंह की संयुक्त टीम से पूरे प्रकरण की जांच करायी है. अधिकारियों की रिपोर्ट में कई खमियां मिलने की वजह से एसएसपी जोगेन्द्र कुमार ने थानेदार रवि राय को गुलरिहा थाना के प्रभारी से हटाते हुए पुलिस लाइन से अटैच किया है. साथ ही हत्या के केस को क्राइम ब्रांच में स्थान्तरित किया है. गौरतलब है कि अपने गोरखपुर दौरे में जनता दर्शन में पीड़ितों की समस्याएं सुन रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उस वक्त खफा हो गए, जब बेलीपार क्षेत्र के चेरिया से पहुंची मीना देवी अपनी पीड़ा बताने के दौरान रो पड़ीं और गुलरिहा पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल खड़े करने लगीं. इस पर एसएसपी को फटकार लगाते हुए मुख्यमंत्री ने एसएसपी से बस्ती जैसा एक्शन लेने का निर्देश देते हुए कहा कि इससे सब लाइन पर आ जाएंगे.

एसएसपी ने थानेदार रवि राय को लाइन हाजिर किया

आपको बता दें कि जनता दर्शन के दौरान बेलीपार थाना के चेरिया निवासी मीना देवी के पास जब मुख्यमंत्री पहुंचे तो उन्होंने बताया कि 25 साल के बेटे संजीव की उसके मौसा व मौसेरे भाई ने हत्या कर दी. मगर पुलिस हत्यारों की मदद कर रही है. मीना देवी ने मुख्यमंत्री को बताया कि 6 मार्च 2020 को उनके बेटे संजीव जायसवाल की गुलरिहा थाना क्षेत्र के टिकरिया में मौसा के यहां गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में उसकी बहन का पति व बहन का पुत्र शामिल था. मगर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने के बजाय फाइनल रिपोर्ट लगा दी. यह सुनकर मुख्यमंत्री नाराज हो गए. मुख्यमंत्री के तेवर के बाद एसएसपी हरकत में आ गए और उन्होंने दो अपर पुलिस अधीक्षकों को पूरे मामले की जांच सौंप दी है. वहीं अधीन्स्थ अधिकारियों की रिपोर्ट पर ही एसएसपी ने थानेदार रवि राय को लाइन हाजिर किया.
निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है

फिलहाल, पुलिस अपनी जांच में इस निष्कर्ष पर पहुंची कि मीना के बेटे संजीव ने मौसा लाला जायसवाल के घर प्रेमिका के चक्कर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. दरअसल, फोन पर बात नहीं करने से नाराज होकर उसने प्रेमिका को गोली मारी थी मगर झुक जाने से वह बच गई थी. बाद में उसने अपनी कनपटी में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी. इस मामले में पहले सुसाइड और बाद में संजीव के पिता की तहरीर पर हत्या का मामला भी दर्ज किया गया था. मीना देवी, बहन के पति व पुत्र को आरोपी बता रही हैं. मगर पुलिस ने साक्ष्य के आधार पर फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी. मीना उस विवेचना से संतुष्ट नहीं हैं. वह घटना को हत्या बता रही हैं. एसएसपी ने इस मामले को क्राइम ब्रांच को स्थान्तरित करते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है.
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