गोरखपुर: Human Trafficking के बड़े रैकेट का खुलासा, दिल्ली में बेचे जाने वाले 19 किशोर हुए रेस्क्यू
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गोरखपुर: Human Trafficking के बड़े रैकेट का खुलासा, दिल्ली में बेचे जाने वाले 19 किशोर हुए रेस्क्यू
छुड़ाए गए किशोर

Human Trafficking: बच्चों की उम्र तकरीबन 12 से 14 साल के बीच बतायी जा रही है. साथ ही बच्चों को लेकर जा रहे 9 लोगों की भी गिरफ्तारी पुलिस ने की है.

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गोरखपुर. गोरखपुर (Gorakhpur) की ह्यूमन ट्रैफिकिंग (Human Trafficking) के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है. चेकिंग के दौरान बिहार (Bihar) से टूरिस्ट बस से 19 किशोरों को दिल्ली (Delhi) भेजा जा रहा था. इन्हें बेचने की तैयारी कर रहे गैंग के 9 लोगों को भी गिरफ्तार (Arrest) किया गया है.  एक तरफ जहां वैश्विक महामारी कोरोना का प्रकोप कम होने का नाम नहीं ले रहा है. वहीं दूसरी तरफ आपदाकाल में भी अवैध धंधे में लिप्त शातिर अपना ऊल्लू सीधा करने में जुटे हैं.

9 लोग भी गिरफ्तार

दरअसल, सीएम सिटी गोरखपुर में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम ने एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है. एएचटीयू की टीम ने खोराबार थाना के जगदीशपुर फोरलेन के पास से चेकिंग के दौरान बिहार से आ रही एक टूरिस्ट बस से 19 नाबालिग बच्चों की बरामदगी की है. बच्चों की उम्र तकरीबन 12 से 14 साल के बीच बतायी जा रही है. साथ ही बच्चों को लेकर जा रहे 9 लोगों की भी गिरफ्तारी पुलिस ने की है.



पुलिस ने कही ये बात
गिरफ्त में आये इन लोगों को ह्यूमन ट्रैफिकिंग के धंधे में लिप्त होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. एएचटीयू प्रभारी अजीत प्रताप सिंह के कहना है कि स्थानीय एनजीओ की शिकायत पर उन्होंने अपनी टीम के साथ चेकिंग के दौरान इतने बड़े पैमाने पर नाबालिग बच्चों की बरामदगी की है. प्रभारी ने बताया है कि गिरफ्त में आये ह्यूमन ट्रैफिकिंग के आरोपी इन बच्चों को बिहार प्रदेश के अररिया जिले से टूरिस्ट बस के जरिए दिल्ली ले जाने की फिराक में थे. लेकिन एएचटीयू की मुस्तैदी से सभी मासूम बच्चों को बरामद करने के साथ 9 आरोपियों की गिरफ्तारी की गयी है.

गिरफ्तार सभी आरोपियों को बाद में कैंट पुलिस के हवाले किया गया है. साथ ही बच्चों को एनजीओ के सुपुर्द किया गया है. एएचटीयू प्रभारी का कहना है कि इन बच्चों के परिजनों को बुलाकर बरामद किशोरों को उनके सुपुर्द किया जायेगा.  गौरतलब है कि लॉकडाउन के बाद बंद पड़े उद्योग धंधों को पटरी को लेकर दूसरे प्रदेशों से आयतित आर्थिक तौर से कमजोर इन बच्चों के जरिए काम लेने की कवायद पर एएचटीयू ने बड़ी कार्रवाई की है.
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