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अब पैदल चलने से होगा स्मार्टफोन चार्ज, स्कूली छात्रों ने इजाद की नई तकनीक
Gorakhpur News in Hindi

Ram Gopal Dwivedi | News18 Uttar Pradesh
Updated: January 23, 2020, 4:03 PM IST
अब पैदल चलने से होगा स्मार्टफोन चार्ज, स्कूली छात्रों ने इजाद की नई तकनीक
गोरखपुर छात्रों ने किया कमाल

गोरखपुर (Gorakhpur) के पिलर्स एकेडमी में नौवीं क्लास में पढ़ने वाले चार छात्रों के ग्रुप ने मात्र दो हजार रुपये खर्च कर स्मार्टफोन की बैट्री (Smartphone Battery) चार्ज करने लिए नई टेक्नॉलजी की खोज की है

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गोरखपुर. डॉक्टर कहते हैं कि पैदल चलिए और सभी रोगों से मुक्त रहिए. लेकिन अब आप अपने स्वास्थ्य के साथ-साथ अपना मोबाइल (Mobile) भी चार्ज कर सकेंगे. ये करिश्मा कक्षा नौ में पढ़ने वाले चार छात्रों ने कर दिखाया है. वैसे तो मोबाइल आज हर आदमी के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है. बात करनी हो या फिर मनोरंजन, गंभीर मुद्दों पर चर्चा करनी हो या फिर सोशल मीडिया का इस्तेमाल सभी के लिए स्मार्टफोन की आवश्यकता होती है. लेकिन एक बड़ी समस्या बैट्री को लेकर है. ज्यादा इस्तेमाल से स्मार्टफोन (Smart Phone) जल्द डिस्चार्ज हो जाते हैं. लेकिन अब इस समस्या का समाधान ढूंढ निकाला है गोरखपुर (Gorakhpur) के पिलर्स एकेडमी (Pillers Academy) में कक्षा नौ में पढ़ने वाले चार छात्रों ने. इन छात्रों की खोज से न सिर्फ मोबाइल की बैट्री को चार्ज किया जा सकता है, बल्कि अपनी सेहत का भी ख्याल रखा जा सकता है.

ऐसे करता है काम

स्मार्टफोन के दौर में लोगों को सबसे अधिक चिंता फोन की बैट्री को लेकर होती है. लोग घर से बाहर निकलने से पहले अपने फोन की बैट्री चेक करते हैं, साथ ही इसका बैकअप (पावर बैंक) भी लेकर चलते हैं. गोरखपुर के पिलर्स एकेडमी में कक्षा नौ में पढ़ने वाले चार छात्र श्रृजन द्विवेदी, आर्य जायलवाल, अभियोजन प्रसाद और लक्ष्य प्रताप सिंह ने इस समस्या का समाधान ढ़ूढ निकाला है, चार छात्रों के इस ग्रुप ने मोबाइल फोन चार्ज करने लिए नई टेक्नॉलजी की खोज करते हुए उसे जूते में फिट कर दिया है. इसमें सबसे पहले इन छात्रों ने दो पीजो इलेक्ट्रिक प्लेट लिया, दो बल्ब, बैट्री और यूएसबी केबल से इसको बना डाला. जूते के तलवे में इन सभी को फिट किया गया. जिसके बाद आप जितना पैदल चलेंगे उतना ही आपका मोबाइल चार्ज होता रहेगा. इसके साथ आपकी सेहत भी बनेगी. यानी पैदल चलिए स्वस्थ्य रहिए.

दो हजार रुपये के खर्च में किया इजाद

दरअसल इसे बनाने की सोच तब सामने आयी जब स्कूल में सांइस प्रदर्शनी लगनी थी, सभी बच्चे अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे थे. तभी इन चारों छात्रों ने कुछ अलग करने की सोची. गूगल पर आर्टिकल पढ़कर जूतों से मोबाइल चार्ज करने विधि सीखी और फिर दो हजार रुपये के खर्च में इसे बना डाला. अध्यापकों का कहना है कि अभी प्राइमरी स्तर पर इसे तैयार किया गया है. आगे और रिसर्च कर इसे और बेहतर बनाया जायेगा. छात्रों ने जिस तरह से स्वास्थ्य के साथ मोबाइल चार्जर की विधि को खोजा है उससे निश्चित रूप से लोगों के मोबाइल फोन तो चार्ज होंगे ही साथ उनका स्वास्थ्य भी बेहतर हो जायेगा.

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First published: January 23, 2020, 3:28 PM IST
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