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गोरखपुर यूनिवर्सिटी टॉपर फर्जीवाड़ा: प्रिंसिपल नीलम पांडेय ही निकलीं छात्रा शिवांगी

ETV UP/Uttarakhand
Updated: June 21, 2017, 1:07 PM IST
गोरखपुर यूनिवर्सिटी टॉपर फर्जीवाड़ा: प्रिंसिपल नीलम पांडेय ही निकलीं छात्रा शिवांगी
पंडित दीं दयाल उपाध्याय यूनिवर्सिटी, गोरखपुर

दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बहुचर्चित टॉपर फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया है. दरअसल बीए टॉपर शिवांगी और कोई नहीं बल्कि रेशमा देवी महाविद्यालय अमवां सोहनरिया देवरिया की प्रिंसिपल और केंद्राध्यक्ष डॉ नीलम पांडेय हैं.

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दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बहुचर्चित टॉपर फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया है. दरअसल बीए टॉपर शिवांगी और कोई नहीं बल्कि रेशमा देवी महाविद्यालय अमवां सोहनरिया देवरिया की प्रिंसिपल और केंद्राध्यक्ष डॉ नीलम पांडेय हैं. आरोप है की दुबारा डिग्री हासिल करने के लालच में प्रिंसिपल नीलम पांडेय ने नाम बदलकर परीक्षा दी और इसके लिए उन्होंने अपने पद का दुरूपयोग किया.

पिछले साल अक्टूबर में बैठी जांच समिति ने नीलम पांडेय को दोषी मानते हुए कॉलेज प्रबंधन को उनके खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है. इतना ही नहीं उन्हें तत्काल उनके पद से सस्पेंड कर दिया गया है.

दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.विजय कृष्ण सिंह ने कहा कि टॉपर फर्जीवाड़ा प्रकरण में परीक्षा समिति ने जांच समिति की रिपोर्ट और अनुशंसा को स्वीकार कर लिया है. कॉलेज को निर्देश है कि वह तत्कालीन प्राचार्य डॉ नीलम पांडेय पर एफआईआर दर्ज कराए.

ये है पूरा मामला

दरअसल रेशमा देवी महाविद्यालय अमवां सोहनरिया, देवरिया की शिवांगी पांडेय नाम की छात्रा ने विश्वविद्यालय के सत्र 2015-16 के स्नातक कला संकाय में टॉप किया था. उसे 35वें दीक्षांत समारोह में स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाना था, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन को उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई.

विश्वविद्यालय ने शिवांगी से संपर्क करने की बहुत कोशिश की लेकिन उसका कोई अत पता नहीं चला. मीडिया में खबर आने के बाद विश्वविद्यालय विश्वविद्यालय के कुलपति ने चार सदस्यीय समिति गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी. शुरुआती जांच में रेशमा देवी कॉलेज की कार्यवाहक प्रिंसिपल नीलम पांडेय की भूमिका संदिग्ध लगी.

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी नीलम पांडेय का फर्जीवाड़ा सामने आने लगा. प्रिंसिपल ने खुद परीक्षार्थी बनने और विश्वविद्यालय टॉप करने की साजिश बेहतरीन तरीके से रची.शिवांगी और प्रिंसिपल के दस्तावेजों में समानता

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की बीए टॉपर शिवांगी पांडेय और प्रिंसिपल डॉ नीलम के दस्तावेजी साक्ष्यों में बहुत समानता है. दस्तावेजों को देखें तो प्रिंसिपल के रूप में डॉ नीलम पांडेय ने पिता व पति का नाम और घर का जो पता विश्वविद्यालय में दर्ज कराया है, बिल्कुल वही ब्योरा शिवांगी पांडेय के अभिलेखों में भी दर्ज है.

जांच में पता चला कि प्रिंसिपल नीलम पांडेय और छात्रा शिवांगी पांडेय के दस्तावेजों में अधिकतर तथ्य एक जैसे ही हैं. शिवांगी पांडेय के आधार कार्ड संख्या 342203127394 में पति का नाम समीर पांडेय लिखा है, जबकि घर का पता ग्राम देवकली, गगहा, जिला गोरखपुर दर्ज है. विश्वविद्यालय के अभिलेखों में नीलम के पति का नाम और घर का पता भी ठीक यही है.

शिवांगी ने विश्वविद्यालय में अपने पिता का नाम राम कृपाल पांडेय लिखा है, जो कि प्रिंसिपल नीलम के पिता का भी नाम है. यही नहीं नीलम और शिवांगी की तस्वीरों में भी समानता है. इतनी एकरूपता होने के बाद जांच समिति को स्पष्ट हो गया कि शिवांगी और कोई नहीं बल्कि नीलम पांडेय ही हैं.

फिलहाल जांच समिति ने प्रिंसिपल डॉ नीलम पांडेय को दोषी मानते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश सुनाया है. वहीं उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड भी कर दिया गया है. कुलपति ने बताया कि डिग्री भी रद्द कर दी गई है और उस परीक्षा केंद्र को भी निरस्त कर दिया गया है.

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First published: June 21, 2017, 1:07 PM IST
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