अपना शहर चुनें

States

संपूर्ण लाकडाउन के दौरान गोरखपुर मॉडल से होगी जरूरत के सामानों की होम डिलिवरी !

एक स्टडी में कहा गया है कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं खोज ली जाती, तब तक लॉकडाउन नहीं हटाया जाना चाहिए.
एक स्टडी में कहा गया है कि जब तक कोरोना की वैक्सीन नहीं खोज ली जाती, तब तक लॉकडाउन नहीं हटाया जाना चाहिए.

गोरखपुर में 27 मार्च को ही जिला प्रशासन ने सुबह के वक्त मिलने वाली तीन घंटे की छूट को खत्म कर दिया था.

  • Share this:
गोरखपुर. यूपी के जिन 15 जिलों के हॉटस्पाट (Hotspot) पर सम्पूर्ण लॉकडाउन (Lockdown) घोषित किया गया है, वहां पर लोगों को राहत देने के लिए गोरखपुर मॉडल (Gorakhpur Model) लागू किया जा सकता है. गोरखपुर में 27 मार्च को ही जिला प्रशासन ने सुबह के वक्त मिलने वाली तीन घंटे की छूट को खत्म कर दिया था. और लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी थी. प्रशासन लोगों के घरों तक जरूरत के सभी सामानों की होम डिलिवरी तभी से शुरू करवा दी.

इसके लिए सबसे पहले प्रशासन ने मोहल्ले की राशन और दूध के दुकानीं को चिन्हित कर उनके फोन नम्बर जारी किये. जिससे लोग किराने और दूध को जरूरत के अनुसार उन नम्बरों पर फोन कर घर पर मंगा सकते हैं. महेवा सब्जी मंडी में आम लोगों के जाने पर पाबंदी लगा दी गई थी. सब्जी घर घर तक पहुंचाने के लिए 70 से अधिक गाड़ियां चलाईं. साथ ही ठेले वालों को मोहल्ले के हिसाब से पास जारी कर घर-घर तक सब्जी पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गयी. जिला प्रशासन सब्जियों के दामों पर काबू करने के लिए प्रतिदिन उसकी रेट लिस्ट जारी करनी शुरू कर दी. इसी तरह से फलो को भी लोगों के घर तक पहुंचाया जाने लगा.

8 ऑनलाइन पोर्टल चालू किये



इसके अलावा जिला प्रशासन ने 8 ऑनलाइन पोर्टल चालू किये, जिस पर लोग आर्डर देते और सामान दो घंटे के अन्दर उनके घरों तक पहुंच जाता. इन ऑनलाइन पोर्टल में कम से कम तीन सौ रुपये का आर्डर देना जरूरी होता है. इसमें 50 रुपये होम डिलिवरी चार्ज भी लगता है, ये पोर्टल गोरखपुर में पूरी तरह से सफल भी है, क्योंकि इन पोर्टल पर करीब दस दिनों में एक लाख से अधिक आर्डर आ चुके हैं. स्पेसर जैसी अन्य रिटेल शॉप से भी होम डिलिवरी शुरू कराई गयी. दूध पर विशेष ध्यान देते हुए पराग की तरफ 14 छोटे और बड़े वाहनों से लोगों के घरों तक होम डिलिवरी कराई गयी. इसी के साथ अन्य दूध विक्रेता कंपनियों को भी होम डिलिवरी के गाड़ी चलवाने के निर्देश दिये गये. इस तरह जिला प्रशासन ने लोगों के उनके घरों तक कैद कर दिया और उनके जरूरत के सभी सामानों को उन तक पहुंचाने में सफल रहा. यानी कि गोरखपुर में जिस तरह से प्रशासन ने लोगों के घरों तक उनके जरूरत के सामानों को पहुंचाया है उसी तरह से 15 जिलों के प्रशासन को भी पहुंचाना होगा.
ये भी पढ़ें:

लखनऊ में टल गईं करीब 1650 शादियां, 4 लाख लोगों की रोजी-रोटी सीधे प्रभावित
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज