क्या है सीएम योगी का 'कालू' से कनेक्शन, और कैसे एक वो बन गया आम से खास?

NAVEEN LAL SURI | News18Hindi
Updated: August 13, 2017, 6:16 AM IST
क्या है सीएम योगी का 'कालू' से कनेक्शन, और कैसे एक वो बन गया आम से खास?
पालतु कुत्ता कालू का हालचाल लेते सीएम योगी आदित्यनाथ
NAVEEN LAL SURI | News18Hindi
Updated: August 13, 2017, 6:16 AM IST
किसी भी इंसान की कामयाबी के पीछे किसी न किसी का योगदान जरूर होता है, चाहे फिर वो इंसान हो या जानवर. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के जीवन में भी एक जानवर बेहद खास जगह रखता है. माना जाता है कि इस जानवर महज कुछ ही दिनों में योगी की किस्मत बदल दी और उन्हें सांसद से सीएम की कुर्सी तक पहुंचा दिया. महज 8 महीने पहले योगी दिल्ली से एक पिल्ला लेकर गोरखनाथ मंदिर पहुंचे थे. उसके पहुंचने के कुछ ही दिनों में योगी सीएम की कुर्सी पर आसीन हो गए.

बता दें कि गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी का पालतु कुत्ता रहता है जिसे योगी 'कालू' कहकर बुलाते हैं और इससे योगी बेहद प्रेम भी करते हैं. यही वजह है कि वो आज के समय में सीएम योगी का सबसे खास है. जब भी योगी आदित्यनाथ गोरखपुर आते हैं तो कालू भी योगी को देखकर एक विशेष अंदाज में उनका अभिवादन करता है.

जहां योगी को देखकर कालू उनसे लिपट जाता हैं तो वहीं सीएम योगी भी कालू को खूब दुलार करते हैं और उसे पनीर खिलाते नजर आते हैं. वैसे तो योगी को सभी जानवरों से काफी लगाव रहा है और योगी के मठ में कई जानवर भी हैं, लेकिन कालू नाम का यह कुता सीएम योगी के बेहद करीब माना जाता है और कालू आज आम से खास बन गया है.

योगी के दिल के बेहद करीब है कालू

वहीं, मंदिर के कार्यालय प्रभारी द्वारिका तिवारी ने न्यूज18 हिंदी से खास बातचीत में बताया कि योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री रहते हुए भी जब गोरखपुर आते हैं तो वह अपने सारे जरूरी काम निपटाने के बाद कालू को लाड-प्यार करना नहीं भूलते. दिसंबर 2016 में योगी कालू को गुरु गोरक्षनाथ मंदिर लेकर आए और मार्च 2017 में योगी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर आसीन हो गए.

भक्त ने दिया था तोहफा

द्वारिका तिवारी ने बताया कि राजा बाबू नाम के कुत्ते की मौत के बाद से योगी काफी परेशान थे. इस बीच वो दिल्ली स्थित अपने आवास पर ज्यादा समय देने लगे. इसी दौरान नाथ सम्प्रदाय को मामने वाले एक भक्त ने योगी को लेब्राडोर नस्ल का एक पिल्ला तोहफे में दिया. कुछ दिनों तक तो इसकी देखभाल योगी दिल्ली में ही करते रहे. वहीं गोरखपुर वापस आते समय योगी उस पिल्ले को भी अपने साथ ले आए और यहीं उसका नाम कालू पड़ा. मंदिर में आने वाले सभी लोगों में कालू की चर्चा होने लगी. योगी सुबह-शाम कालू को अपनी नजरों के सामने की रखते और कालू को भोजन भी खुद ही कराते.

एक विशेष अंदाज में सीएम योगी का स्वागत करता कालू


शाकाहारी है कालू

तिवारी ने बताया कि कालू अन्य कुत्तों की तरह मांसाहारी नहीं है. कालू शुद्ध रूप से शाकाहारी है और वो भोजन में दूध-रोटी या फिर मंदिर में बने भंडारे का भोजन ही खाता है. योगी की अनुपस्थिति में कालू की देखभाल की जिम्मेदारी वर्तमान समय में योगी और मंदिर के करीबी हिमालय गिरी की होती है. वहीं कालू के रहने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं.

उन्होंने बताया कि मंदिर में हर जानवर के लिए उनकी देखभाल करने वाला कोई ना कोई नियुक्त है, लेकिन कालू की सेवा योगी खुद अपने हाथों से करते हैं. योगी जब यूपी के सीएम बने और कालू से कुछ दिनों के लिए दूर हुए तो कालू ने खाना-पीना सब कुछ छोड़ दिया था. लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद जैसे ही पहली बार योगी मंदिर पहुंचे. वहीं कालू उनसे लिपटकर गले लग गया था.
First published: August 13, 2017
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