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बांसगांव सीट पर फिर कमल खिलाएंगे कमलेश पासवान?

News18 Uttar Pradesh
Updated: May 6, 2019, 7:56 PM IST
बांसगांव सीट पर फिर कमल खिलाएंगे कमलेश पासवान?
दो बार के सांसद कमलेश पासवान

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के गढ़ में पड़ने वाली सीट बांसगांव उन कुछ चुनिंदा सीटों में है जहां बेहद कम प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं.

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यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के गढ़ में पड़ने वाली सीट बांसगांव उन कुछ चुनिंदा सीटों में है जहां बेहद कम प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. यहां तीन बार से लगातार सांसद कमलेश पासवान के अलावा एसपी-बीएसपी गठबंधन के प्रत्याशी सदल प्रसाद है. शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ( लोहिया) के सुरेंद्र प्रसाद भारती हैं. उनके अलावा नशनलिस्ट जनशक्ति पार्टी के लालचंद्र प्रसाद चुनाव मैदान में हैं. कांग्रेस के प्रत्याशी कुश सौरभ का नामांकन खारिज हो गया है.

सीट का इतिहास

इस सीट पर अब भले कमल की दावेदारी ज्यादा मजबूत हो गई हो लेकिन शुरुआती सालों में यहां कांग्रेस का मजबूत दबदबा रहा है. 1957 में इस सीट पर हुए पहले चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता महादेव प्रसाद जीते थे. वो यहां से 1962 में भी जीते. दलित नेता महावीर प्रसाद चार बार सांसद बने. 1967 में संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के मोहलु प्रसाद जीते. 1971 में कांग्रेस के राम सूरत प्रसाद ने इस सीट पर फिर कब्जा जमा लिया. 1977 में इमरजेंसी के बाद हुए चुनाव में भारतीय लोकदल के टिक पर विशारद फिरंगी प्रसाद जीते. इसके बाद इस सीट पर कब्जा जमाया जाने-माने दलित नेता महावीर प्रसाद ने. महावीर यहां से फिर लगातार 1980, 1984 और 1989 में सांसद रहे. वो केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के राज्यपाल रहे थे. 1991 में पहली बार इस सीट पर कमल खिला और राज नारायण पासी जीते, फिर 1996 में समाजवादी पार्टी की शुभावति पासवान ने विजय पाई. 1998 और 99 के चुनाव में राज नारायण पासी बीजेपी के टिकट पर फिर जीते. 2004 में इस सीट पर लंबे अंतराल के बाद महावीर प्रसाद ने फिर कब्जा जमाया. इसके बाद पिछले दो बार से लगातार बीजेपी के कमलेश पासवान यहां से विजेता रहे हैं.



2014 के नतीजे

2014 के चुनाव में कमलेश पासवान ने इस सीट पर जबरदस्त जीत दर्ज की थी. उन्हें 4,17,959 वोट मिले थे. बीएसपी के प्रत्याशी सदल प्रसाद को 2,28,443 वोट मिले थे और समाजवादी पार्टी गोरख प्रसाद पासवान को 1,33,675 वोट मिले थे. दिलचस्प है अगर सपा-बसपा के संयुक्त वोटों से भी काफी ज्यादा वोट कलेश को मिले थे. उस चुनाव में इस सीट पर कुल मतदान प्रतिशत 49.88 प्रतिशत पड़े थे जो 2009 के 39.02 प्रतिशत से करीब 10 ज्यादा थे.

गठबंधन के प्रत्याशी सदल प्रसाद
जातीय और राजनीतिक समीकरण

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का इस सीट पर मजबूत प्रभाव है. बीजेपी को इस सीट पर लगातार कामयाबी के पीछे योगी आदित्यनाथ की इस क्षेत्र में लोकप्रियता भी एक पहलू है. इस सीट में पांच विधानसभा सीटें आती हैं-चौरी-चौरा, बांसगांव, चिल्लूपार, रुद्रपुर, बरहज. वर्तमान में इनमें से चार सीटों पर बीजेपी का कब्जा है. एक सीट बीएसपी के पास है. अनुसूचित जाति की आबादी 28 फीसदी है. 97 फीसदी आबादी गांवों में रहती है. उपचुनाव में बीजेपी को गोरखपुर लोकसभा सीट गंवानी पड़ी थी. अब इस बार योगी के घर यह सीट पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का भी सबब है.

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First published: May 6, 2019, 7:36 PM IST
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