• Home
  • »
  • News
  • »
  • uttar-pradesh
  • »
  • मनीष हत्याकांड: इंस्पेक्टर जेएन सिंह पर पहले भी लगे हिरासत में मौत, फर्जी एनकाउंटर के आरोप

मनीष हत्याकांड: इंस्पेक्टर जेएन सिंह पर पहले भी लगे हिरासत में मौत, फर्जी एनकाउंटर के आरोप

Gorakhpur: गोरखपुर के रामगढ़ताल थाने के एसएचओ जेएन सिंह पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं. (File Photo)

Gorakhpur: गोरखपुर के रामगढ़ताल थाने के एसएचओ जेएन सिंह पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं. (File Photo)

Manish Gupta Death Case: इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह पर पहले भी पुलिस हिरासत में पिटाई से मौत के आरोप लगते रहे हैं, पर वो बच निकलता था. पहली बार ऐसा हुआ है, जब उस पर मुकदमा दर्ज किया गया है.

  • Share this:

गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (Gorakhpur) में कानपुर के करोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड (Manish Gupta Murder Case) से चर्चा में आये रामगढ़ताल थाने के तत्कालीन एसएचओ जगत नारायण सिंह (SHO JN Singh) का विवादों से लंबा नाता रहा है. कारनामों की लिस्ट लंबी होने के बाद भी अपने आकाओं के दम पर न सिर्फ वो बचते रहे बल्कि थानेदारी भी करते रहे. जगत नारायण सिंह पर पहले भी पुलिस हिरासत में पिटाई से मौत के आरोप लगते रहे हैं, पर वो बच निकलता था. पहली बार ऐसा हुआ है, जब उस पर मुकदमा दर्ज किया गया है.

केस नम्बर एक- बांसगांव के थानेदार रहते हुए 7 नवंबर को भी जगत नारायण पर हत्या का आरोप लगा था. बांसगांव थाने के विशुनपुर गांव के मुन्ना प्रसाद के बेटे शुभम को पुलिस ने 11 अक्टूबर  को गिरफ्तार किया था, उसकी 7 नवंबर को जेल में मौत हो गयी थी. इस मामले में पुलिस की पिटाई से शुभम की मौत का आरोप लगा था. हंगामा होने पर तत्कालीन चौकी इंचार्ज को सस्पेंड किया गया जबकि जगत नारायण बच गया.

केस नम्बर दो- जगत नारायण के रामगढ़ताल थानाध्यक्ष बनने के बाद 13 अगस्त को 2020 साल के गौतम सिंह की पुलिस हिरासत में मौत का आरोप लगा था. गायघाट बुजुर्ग में प्रेमका से मिलने गए युवक की लाश मिली थी. पुलिस का कहना था कि लड़की के परिवार वालों ने पीटकर हत्या कर दी जबकि परिजनों ने आरोप लगाया था की पुलिस की पिटाई से मौत हुई थी. इस मामले को भी जगत नारायण अपने आकाओं के दम पर मैनेज कर लिया था.

केस नम्बर तीन- रामगढ़ताल थाने से 200 मीटर की दूरी पर स्थित कृष्णा पैसेल होटल में 27 सितम्बर की रात में कारोबारी मनीष गुप्ता की भी पुलिस की पिटाई से मौत हो गई. मुख्यमंत्री की सख्ती के बाद इस बार जगत नारायण पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, पर उसकी गिरफ्तारी को लेकर पुलिस के आलाधिकारी अपने कायदे कानून बता रहे हैं.

जगत नारायण पर अन्य आरोप

11 जुलाई को 8 बदमाशों को गायघाट लहसड़ी फोरलेन अंडर पास से दबोचा गया था. जेएन सिंह और उनकी टीम ने ये दावा किया था कि लोग शहर में बड़ी डकैती की योजना बना रहे थे. जबकि गिरफ्तारी के बाद आरोपितों ने दावा किया था कि वो शहर के एक होटल में ठहरे थे, पुलिस ने उन्हे वहां से पकड़ा. पकड़े गये सभी लोग गांधीनगर गुजरात के रहने वाले थे.

इसी तरह रामगढ़ताल पुलिस ने 21 अगस्त को सिकंदर नामक अपराधी का हाफ एनकाउंटर किया था. पुलिस ने कहा था कि इसने आंखों में मिर्च पाउडर झोंकर 5.28 लाख की लूट की थी. पर जिस अपराधी को गोली मारी गयी थी, उस पर पहला केस मुठभेड़ के बाद ही दर्ज हुआ था. उसके पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था.

जगत नारायण सिंह सिपाही से प्रमोट होकर इंस्पेक्टर की कुर्सी तक पहुंचा है. एसटीएफ में रहने के दौरान 9 बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया था. गोरखपुर में तैनाती के दौरान जेएन सिंह 4 बदमाशों के पैर में गोली मार चुका था.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज