गोरखपुर में प्रवासी श्रमिकों को मिला रोजगार, CM योगी को बताया गरीबों का मसीहा
Gorakhpur News in Hindi

गोरखपुर में प्रवासी श्रमिकों को मिला रोजगार, CM योगी को बताया गरीबों का मसीहा
गोरखपुर में प्रवासी श्रमिकों को मिला रोजगार

गोरखपुर जिले के अधिकतर ग्राम सभाओं में इस समय सड़क और नाला निर्माण का कार्य इन श्रमिकों (Migrant workers) से लिया जा रहा है.

  • Share this:
  • fb
  • twitter
  • linkedin
गोरखपुर. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में दूसरे प्रदेशों से प्रवासी कामगारों, मजदूरों (Migrant Workers Laborers) को योगी सरकार (Yogi Government) ने रोजगार मुहैय्या कराया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के निर्देश पर गांव स्तर पर प्रवासी श्रमिकों को रोजगार मिला है. जिले में मनरेगा (MGNREGA) के तहत प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिया जा रहा है. जहां दस-बीस की संख्या में श्रमिक काम करते थे, लेकिन आज सैकड़ों की तादाद में श्रमिक काम करने में जुटे हैं. इस कड़ी में पीपीगंज के ग्रामसभा मखना में किस तरह मनरेगा श्रमिक काम करने में जुटे हैं.

गौरतलब है कि देश में कोरोना के प्रकोप ने लोगों को बुरी तरह प्रभावित किया है. खासतौर पर दूसरे राज्य में रहकर काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों को कोरोना काल में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे प्रदेश गए श्रमिक अब दाने-दाने के मोहताज हो रहे हैं. इन जैसे श्रमिकों के लिए अब उत्तर प्रदेश सरकार ने गांव स्तर पर पर ही रोजगार देने की व्यवस्था शुरू की है. हर ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत ऐसे श्रमिकों से काम लिया जा रहा है. जो इस लॉकडाउन के दौरान अपने गांव वापस आए हैं.

गोरखपुर जिले के अधिकतर ग्राम सभाओं में इस समय सड़क और नाला निर्माण का कार्य इन श्रमिकों से लिया जा रहा है. खासतौर पर कम से कम 100 दिन का रोजगार प्रतिदिन प्राप्त करने वाले श्रमिक सरकार की पहल से फीलगुड कर रहे हैं. प्रवासी श्रमिक मनीष बैंगलोर में इलेक्ट्रीशियन का काम कर रहे थे. लेकिन कोरोना की वजह से घर वापस लौटना पड़ा है. मनीष ने कहा है कि परदेश में रहना दुश्वार हो गया था, इतना ही नहीं खाने-पीने की समस्या से परेशान होकर घर वापस लौटना पड़ा है. हालांकि की घर वापसी के बाद योगी सरकार द्वारा मनरेगा के तहत रोजगार मिलने पर खुशी जतायी है.



वहीं हैदराबाद में पेंटर राजवीर ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा है कि पेंटर की कमाई से महीने का 15 हजार कमाते थे. जिसमें 10 हजार बचता था. लेकिन कोरोना के प्रकोप की वजह से धंधा चौपट होने से घर वापस आना पड़ा है. अब घर में ही रोजगार मिलना शुरू हो जाएगा तो यह वापस वहां नहीं जाएंगे. कमाई थोड़ी कम ही होगी, लेकिन जब अपने गांव और परिवार में सरकार रोजी-रोटी की व्यवस्था कर देगी तो यह थोड़े में ही खुश रह लेंगे. मनरेगा में काम मिलने पर राजवीर ने प्रदेश सरकार का आभार जताया है.



ये भी पढे़ं:

रामपुर: बिना मास्क पकड़ा तो आजम खान के समधी ने बेटे को बताया अमेरिकन पुलिस ऑफिसर, दर्ज हुई FIR
First published: June 2, 2020, 11:07 AM IST
अगली ख़बर

फोटो

corona virus btn
corona virus btn
Loading