गोरखपुर: तिहरे हत्याकांड से बरी होने के लिए फिर 3 की हत्या, 1 लाख के इनामी सन्नी और युवराज गिरफ्तार

गोरखपुर पुलिस और एसटीएफ ने तिहरे हत्याकांड के आरोपी सन्नी सिंह और युवराज सिह को गिरफ्तार कर लिया है.

Gorakhpur News: एसएसपी के अनुसार पकड़े गए बदमाश सन्नी व राज ने बताया कि 2013 में तिहरा हत्याकांड को अंजाम दिया था. जिसमें 2020 में जमानत मिली थी. उसी मामले में वह लोग वादी बांके लाल गुप्ता से सुलह कराने के लिए दवाब बना रहे थे. जिसमें रितेश व शम्भू मौर्या विरोध कर रहे थे.

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गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (Gorakhpur) में गगहा थाना क्षेत्र में 10 मार्च को रितेश मौर्य और 31 मार्च को शम्भू मौर्य और संजय पाण्डेय की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए गोरखपुर पुलिस और एसटीएफ ने एक-एक लाख दो इनामी सन्नी सिंह और युवराज सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त असलहों को भी बरामद कर लिया गया है. एसएसपी दिनेश कुमार का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी गगहा थाना क्षेत्र में ओपी मेमोरियल स्कूल के पास बंद पड़े कृष्णानंद पाण्डेय के ट्यूबेल के पास बगीचे से हुई है.

एसएसपी ने बताया कि सन्नी व राज ने पूछताछ में बताया कि 2013 में उसने तिहरा हत्याकांड को अंजाम दिया था. जिसमें उसे 2020 में जमानत मिली थी. उसी मामले में वह लोग वादी बांके लाल गुप्ता से सुलह कराने के लिए दवाब बना रहे थे. जिसमें गगहा के ही रितेश मौर्या व शम्भू मौर्या द्वारा विरोध किया जा रहा था. साथ ही उस हत्या की पैरवी भी इनके द्वारा की जा रही थी. जिसके बाद रितेश और शम्भू के सह अभियुक्त सिंहासन यादव ने इन दोनों की हत्या का प्लान बनाया. पुलिस की पूछताछ में अपराधी सन्नी ने बताया कि सिंहासन यादव ने उसे एक 32 बोर की पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराई थी. साथ ही सिंहासन यादव ने बताया था कि उसकी अच्छी जान पहचान पूर्व ब्लाक प्रमुख बडहलगंज विजय यादव व गोरखपुर ग्रामीण के पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव से है.



सिंहासन यादव ने यह भी बताया था कि ये दोनों लोग पैरवी करेंगे और हर जगह साथ खड़े रहेंगे. कई दिन रितेश मौर्या की रेकी करने के बाद उसकी हत्या 10 मार्च को कर दी. उसके बाद गोरखपुर लखनऊ और मेरठ में छिपा रहा. फिर 31 मार्च को गोरखपुर आकर शम्भू मौर्या की गोली मारकर हत्या कर दी. इसी बीच उनके दुकान पर काम करने वाला संजय भी सामने आ गया, उसकी भी हत्या कर दी. जिसके बाद फिर गोरखपुर लखनऊ होते हुए मेरठ भाग गये.