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    नवरात्रि 2020 : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां भगवती की शक्ति आराधना कर किया महानिशा पूजन

    परम्परागत रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारियल, गन्ना, केला, जायफर, खीरा की बलि देकर शक्ति की आराधना पूर्ण की.  (फाइल फोटो)
    परम्परागत रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारियल, गन्ना, केला, जायफर, खीरा की बलि देकर शक्ति की आराधना पूर्ण की. (फाइल फोटो)

    शाम 6 बजे से योगी आदित्यनाथ पूजन में शामिल हुए. मंदिर के प्रधान पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी ने गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ से शस्त्र पूजन, द्वादस ज्योतिर्लिंग-अर्द्धनारीश्वर एवं शिव-शक्ति पूजन संपन्न कराया.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 23, 2020, 10:40 PM IST
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    गोरखपुर. गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Temple) के मठ के प्रथम तल पर स्थित शक्ति मंदिर में शुक्रवार की शाम मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने ढाई घंटे तक मां भगवती (Maa Bhagwati) की शक्ति आराधना कर महानिशा पूजा की. हालांकि मंदिर में अनुष्ठान शाम 4 बजे से ही शुरू हो गया, लेकिन योगी आदित्यनाथ 6 बजे के करीब अनुष्ठान में शामिल हुए. अनुष्ठान का सिलसिला 8:30 बजे तक चला.

    नाथ संप्रदाय की परम्परा के अनुसार अष्टमी का हवन अष्टमी की रात में ही हो जाता है. शुक्रवार दिन में 12:30 बजे से अष्टमी तिथि लग गई, इसलिए शुक्रवार की शाम 6 बजे से योगी आदित्यनाथ पूजन में शामिल हुए. मंदिर के प्रधान पुरोहित आचार्य रामानुज त्रिपाठी ने गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ से गौरी गणेश पूजन, वरुण पूजन, पीठ पूजन, यंत्र पूजन, स्थापित मा दुर्गा का विधिवत पूजन, भगवान राम-लक्ष्मण-सीता का षोडसोपचार पूजन, भगवान कृष्ण एवं गोमाता का पूजन, नवग्रह पूजन, विल्व अधिष्ठात्री देवता पूजन कराया. उसके बाद शस्त्र पूजन, द्वादस ज्योतिर्लिंग-अर्द्धनारीश्वर एवं शिव-शक्ति पूजन, वटुक भैरव, काल भैरव, त्रिशूल पर्वत पूजन का अनुष्ठान सम्पन्न कराया. उसके बाद दुर्गा सप्तसती के पाठ एवं वैदिक मंत्रों के साथ पूजन का अनुष्ठान संपन्न हुआ.

    हवन करते गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ.
    हवन करते गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ.




    हवन कर कोरोना से निजात व लोकमंगल की कामना
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने शाम 7 बजे के करीब शक्ति मंदिर के बाहर बनाई गई वेदी पर उगे जौ के पौधे को वैदिक मंत्रों के बीच काटा. उसके बाद हवन वेदी पर ब्रह्मा, विष्णु, रूद्र और अग्नि देवता का आह्वान कर उनका श्रद्धाभाव से पूजन कर कोरोना से निजात व लोकमंगल की कामना की. दुर्गा सप्तशती के सम्पूर्ण पाठ के साथ हवन संपन्न हुआ. परम्परागत रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नारियल, गन्ना, केला, जायफर, खीरा की बलि देकर शक्ति की आराधना पूर्ण की.

    पूजन के बाद गो-सेवा

    शुक्रवार दोपहर बाद 3:41 पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे. उन्होंने विधि विधान से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गुरु गोरखनाथ का पूजन कर अखण्ड ज्योति का दर्शन किया. उसके बाद समाधि पर ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ के समक्ष माथा टेका. उन्होंने तकरीबन 30 मिनट का समय गोशाला में गायों के बीच व्यतीत किया. गो-सेवा करते हुए उन्होंने गायों को गुड़ एवं चना खिलाया.
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