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NDA की सहयोगी निषाद पार्टी ने भाजपा को बताया कॉरपोरेट समर्थक पार्टी, सजातीय आरक्षण के लिए 13 को संकल्प दिवस

निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने 13 को गोरखपुर में संकल्प दिवस मनाने का ऐलान किया.
निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने 13 को गोरखपुर में संकल्प दिवस मनाने का ऐलान किया.

एनडीए की घटक दल निषाद पार्टी ने अपनी ताकत दिखाने के लिए 13 जनवरी को गोरखपुर में संकल्प दिवस मनाने के साथ आरक्षण महारैली करने का ऐलान कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 12, 2021, 12:12 AM IST
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गोरखपुर. उत्तर प्रदेश (uttar pradesh) में विधानसभा चुनाव तो अगले साल है, लेकिन विपक्षियों के साथ NDA के घटक दल अभी से भाजपा की चिंताएं बढ़ाने लगे हैं. अपनी ताकत दिखाने के लिए निर्बल इण्डियन शोषित हमारा आम दल (निषाद पार्टी ) ने 13 जनवरी को गोरखपुर (gorakhapur) में संकल्प दिवस मनाने के साथ आरक्षण महारैली करने का ऐलान कर दिया. सोमवार को निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने केन्द्र की भाजपा सरकार (BJP government) को कॉरपोरेट सरकार (corporate government) बता दिया. संजय निषाद (sanjay nishad) ने कहा कि किसी भी सरकार को चलाने के लिए पॉलिटिकल पार्टनरशिप (political partnership) की जरूरत होती है, कांग्रेस के समय विदेशी कंपनियां, सपा के समय अमर सिंह एंड कंपनी थी. बसपा के समय सतीश मिश्रा एंड कंपनी तो वर्तमान सरकार में भी कंपनियां हैं. ये लोग राजनीति एवं बजट के हिस्सेदार होकर सबल होते हैं, वहीं देश के वोटर राजनीति एवं बजट के शिकार हो रहे हैं. इसलिए निर्बल हैं. देश का असली भगवान वोटर है. वोटर पॉलिटिकल पार्टनर बनेगा तभी देश की गरीबी खत्म होगी. साथ ही संजय निषाद ने कहा कि आज थाने पर 10 दारोगा हैं तो 4 सपाई हैं, 3 बसपाई हैं बाकी जिसकी सरकार रहती है उसके हैं. यही हाल अन्य विभागों में भी है.

देश को आजाद कराने वाले मछुआ समुदाय, निषाद एवं अति पिछड़ी जाति के लोग कहां हैं? उनकी भागीदारी का वक्त आ गया है. चाहे सत्ता हो, शिक्षा हो या रोजगार हो. संजय निषाद ने कहा कि गोरखपुर उनकी कर्मभूमि के साथ जन्मभूमि भी है, 2018 और 2019 में निषाद पार्टी ने यहां से चुनाव लड़ा और जीता भी. लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने कई वायदे किए थे पर वो पूरे नहीं हुए. संजय निषाद ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान हमारे लोगों ने निषाद जाति के प्रत्याशी को वोट न देकर भाजपा को वोट दिया था, उन्हें उम्मीद थी कि भाजपा उन्हें आरक्षण जरूर देगी. पर आरक्षण नहीं मिला. मौजूदा योगी सरकार को नौकरशाहों ने घेर रखा है.
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