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पर्यावरण की अनदेखी करने पर NGT ने चीनी मिल पर जड़ा ताला

Ashok Shukla | ETV UP/Uttarakhand
Updated: December 16, 2015, 9:53 PM IST
पर्यावरण की अनदेखी करने पर NGT ने चीनी मिल पर जड़ा ताला

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कुशीनगर में एक तरफ जहां सरकार चीनी मिलों को चलाने का प्रबंध कर रही है तो वहीं दूसरी और कुशीनगर के रामकोला में स्थित त्रिवेणी ग्रुप की चीनी मिल में ताला लटक गया है.

नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल (एनजीटी) द्वारा निर्धारित पर्यावरण के मानकों की अनदेखी के आरोप में चीनी मिल को बंद करने का आदेश दिया गया है. मिल पर अपना गन्ना लेकर पहुंचे किसान हाड़ कंपाने वाली ठंड में परेशान हैं. किसानों का कहना है कि मिल प्रबंधन द्वारा 12 घंटे में मिल चलाने की बात कही गई थी, लेकिन चौबीस घंटे बीतने के बाद मिल का कोई अधिकारी जवाब देने की स्थिति में नहीं है.

मिल बंद होने से जहां रामकोला क्षेत्र के लाखों किसानों में मायूसी छा गई है. वहीं मिल प्रबंधन को भी लाखों का घाटा उठाना पड़ रहा है. कभी कुशीनगर को चीनी का कटोरा कहा जाता था. इस छोटे से जनपद में दस-दस चीनी मिलें हुआ करती थीं. सरकारों की बेरुखी और प्रशासनिक उपेक्षा के चलते एक-एक कर पांच चीनी मिलों में ताले लटक गए और इसी के साथ जनपद के गन्ना किसानों के अरमानों पर भी पानी फिर गया.

वर्तमान समय में चल रही पांच चीनी मिलों में से रामकोला चीनी मिल पर भी ग्रहण लग गया है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्‍यूनल ने रामकोला चीनी मिल पर पर्यावरण नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मिल में ताला लगा दिया है. चार दिन पूर्व चालू हुई मिल पर किसान गन्ना लेकर मिल पहुंचे थे, इसके बाद किसान मिल बंद हो जाने से मिल के सामने गाड़ी लेकर पड़े हुए हैं. किसानों का कहना है मिल प्रबंधन उन्हें कुछ बताने से इनकार कर रहा है.

गौरतलब है कि त्रिवेणी ग्रुप की रामकोला चीनी मिल जनपद की प्रमुख चीनी मिलों में से एक है. इस चीनी मिल पर हजारों किसान आश्रित हैं. मिल बंद होने की सूचना से किसानों में हाहाकार मंच गया है. हालांकि, मिल प्रबंधन का कहना है कि पर्यावरण सम्बन्धी सभी मानक पूरे कर लिए गए हैं और सुनवाई के बाद जल्द ही चीनी मिल चालू हो जाएगी, लेकिन चीनी मिल चलेगी या नहीं चलेगी इसको लेकर संशय बरकरार है.

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First published: December 16, 2015, 9:53 PM IST
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