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राम मंदिर पर अब क्‍या स्‍टैंड लेंगे यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ?

राम मंदिर पर अब क्‍या स्‍टैंड लेंगे यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ?

गोरखनाथ पीठ की तीन पीढ़ियां राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं. यह मंदिर इस आंदोलन का केंद्र रहा है.  दिग्विजय नाथ के निधन के बाद उनके शिष्य महंत अवैद्यनाथ ने आंदोलन को आगे बढ़ाया. आदित्य नाथ भी इसे उतनी ही मुखरता प्रदान करते रहे हैं.

गोरखनाथ पीठ की तीन पीढ़ियां राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं. यह मंदिर इस आंदोलन का केंद्र रहा है. दिग्विजय नाथ के निधन के बाद उनके शिष्य महंत अवैद्यनाथ ने आंदोलन को आगे बढ़ाया. आदित्य नाथ भी इसे उतनी ही मुखरता प्रदान करते रहे हैं.

गोरखनाथ पीठ की तीन पीढ़ियां राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं. यह मंदिर इस आंदोलन का केंद्र रहा है. दिग्विजय नाथ के निधन के बाद उनके शिष्य महंत अवैद्यनाथ ने आंदोलन को आगे बढ़ाया. आदित्य नाथ भी इसे उतनी ही मुखरता प्रदान करते रहे हैं.

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    ‘राम मंदिर चुनावी मुद्दा नहीं...मेरे लिए जीवन का मिशन है’.

    ‘जब हिंदू संकल्‍पित होगा तो अयोध्‍या में हमारे आराध्‍य भगवान श्रीराम का मंदिर बनाने से दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती’.

    ‘जिस तरह मक्‍का-मदीना और वेटिकन सिटी में मंदिर का निर्माण नहीं हो सकता, उसी तरह अयोध्‍या में किसी मस्‍जिद का निर्माण नहीं हो सकता’.

    सुप्रीम कोर्ट का सुझाव, बातचीत से सुलझाएं राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद

    ये बयान राम मंदिर पर यूपी के नए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के हैं. यह बयान उन्‍होंने अपने ट्विटर पर सीएम बनने से पहले दिए हैं.



    अब केंद्र में भाजपा सरकार है. यूपी में वे खुद सीएम हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि राम मंदिर विवाद मामले में दोनों पक्ष कोर्ट के बाहर समझौता करें तो अच्छा होगा.

    ऐसे में नए सीएम योगी का इस मसले पर क्‍या स्‍टैंड होगा?

    बीजेपी ने अपने संकल्‍प पत्र में लिखा है कि संविधान के दायरे में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए सभी संभावनाओं को तलाशा जाए.

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    यूपी में नई सरकार का गठन होते ही विश्व हिंदू परिषद ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बन गए हैं. यकीन है कि अब राम मंदिर जरूर बनेगा.

    आदित्यनाथ भी हिंदुओं के ध्रुवीकरण के लिए राम मंदिर के प्रतीक का सहारा लेते रहे हैं. गोरखपुर के वरिष्‍ठ पत्रकार संजय तिवारी कहते हैं कि गोरखनाथ पीठ की तीन पीढ़ियां राम मंदिर आंदोलन से जुड़ी रही हैं. यह मंदिर इस आंदोलन का केंद्र रहा है. अयोध्या विवाद: पढ़ें- कब-कब, क्या-क्या हुआ?





    महंत दिग्विजय नाथ की गिनती उन लोगों में होती है जिन्होंने बाबरी मस्जिद को मंदिर में तब्दील करने की परिकल्पना की थी.



    दिग्विजय नाथ के निधन के बाद उनके शिष्य महंत अवैद्यनाथ ने आंदोलन को आगे बढ़ाया. अवैद्यनाथ श्रीराम जन्‍म भूमि मुक्‍ति यज्ञ समिति के आजीवन अध्‍यक्ष रहे.

    पढ़ें-मंदिर की सियासत कैसे बनी सत्ता की सीढ़ी

    आदित्‍यनाथ भी इसे उतनी ही मुखरता प्रदान करते रहे हैं. लेकिन अब जो कुछ भी दो दिन में दिखा है उसे देखते हुए लगता है कि योगी राम मंदिर पर अपना पुराना स्‍टैंड कायम नहीं रख पाएंगे. क्‍योंकि अब वे संवैधानिक पद पर हैं.



    अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष स्‍वामी चक्रपाणि कहते हैं कि राम मंदिर मामले में पक्षकार हैं. वह कहते हैं राम मंदिर के नाम पर नरेंद्र मोदी केंद्र में बैठे हैं.



    इस मसले को उठाने वाले योगी आदित्‍यनाथ अब यूपी के सीएम बन गए हैं. राम मंदिर अब नहीं बनेगा तो कब बनेगा? उम्‍मीद है कि योगी अपना स्‍टैंड नहीं बदलेंगे.

    पढ़ें: क्या कहती लिब्राहन रिपोर्ट व कौन है दोषी

     

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    Tags: Yogi adityanath

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