गोरखपुर के जिला अस्पताल में फर्श पर सोने को मजबूर हैं मरीज

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिला अस्पताल परिसर में मरीजों के फर्श पर बैठे रहने की तस्वीरें सामने आई हैं.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 20, 2019, 7:51 AM IST
गोरखपुर के जिला अस्पताल में फर्श पर सोने को मजबूर हैं मरीज
नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिला अस्पताल (एएनआई फोटो)
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Updated: June 20, 2019, 7:51 AM IST
बिहार में एक्यूट इन्सेफेलाइटिस सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome) एईएस यानी चमकी बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है. उधर, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस जिला अस्पताल परिसर में मरीजों के फर्श पर बैठे रहने की तस्वीरें सामने आई हैं.

बताते चलें कि 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के कारण 30 से ज्यादा बच्चों की मौत ने हर किसी को झकझोर दिया था.

बच्चों की मौत पर दाखिल जनहित याचिका की सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
मुजफ्फरपुर में AES बीमारी से बच्चों की लगातार हो रही मौत पर दाखिल की गई जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा. याचिका में केंद्र और बिहार राज्य को 500 आईसीयू की व्यवस्था करने के लिए निर्देश देने के साथ-साथ एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम के प्रकोप से निपटने के लिए आवश्यक चिकित्सा पेशेवरों की संख्या की बढ़ाने की मांग की गई है.
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 वहीं, चमकी बुखार से निपटने के प्रयासों में जुटी बिहार सरकार को दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने मदद की पेशकश की है. अरविंद केजरीवाल ने मेडिकल टीम, पैरा मेडिकल और एंबुलेंस के साथ हर मदद देने की बात कही है. गौरतलब है कि बिहार में चमकी बुखार से निपटने के लिए राज्य और केंद्र सरकार दोनों की तरफ से प्रयास जारी हैं. हालांकि सरकारों के प्रयासों के बावजूद इस बीमारी से मरने वाले बच्चों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है.

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First published: June 20, 2019, 6:43 AM IST
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