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गोरखपुर में स्थापित किया जाएगा प्लास्टिक पार्क, डिस्पोजल की भी दी जाएगी ट्रेनिंग

GIDA ने इसे बनाने का प्रस्ताव योगी आदित्यनाथ की सरकार के पास भेज दिया है.  (File Photo)
GIDA ने इसे बनाने का प्रस्ताव योगी आदित्यनाथ की सरकार के पास भेज दिया है. (File Photo)

गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने इसे बनाने का प्रस्ताव योगी आदित्यनाथ की सरकार के पास भेज दिया है. करीब 52 एकड़ जमीन पर इसे स्थापित किया जाएगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 28, 2020, 5:22 PM IST
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गोरखपुर. गोरखपुर (Gorakhpur) के विकास को और पंख देने के साथ-साथ बड़ी संख्या में नौकरी और रोजगार पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (cm Yogi Adityanath) लगातार प्रयास कर रहे हैं. इसी कड़ी में अब वे यहां पर प्लास्टिक पार्क (Plastic park) की स्थापना करने जा रहे हैं. प्रदेश का दूसरा प्लास्टिक पार्क गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) में स्थापित होगा. साथ ही छोटे स्तर पर प्लास्टिक के सामान बनाने के लिए लोगों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी.

52 एकड़ में होगा पार्क

गोरखपुर के विकास के लिए एक तरफ यहां सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है, तो दूसरी तरफ यहां पर उद्योग धंधों को लाने का भी प्रयास किया जा रहा है. इसी कड़ी में गोरखपुर में प्रदेश के दूसरे प्लास्टिक पार्क की स्थापना की जा रही है. गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) ने इसे बनाने का प्रस्ताव सरकार के पास भेज दिया है. करीब 52 एकड़ जमीन पर इसे स्थापित किया जाएगा. गीडा के सीईओ संजीव रंजन का कहना है कि इस पार्क के बनने से जहां प्रत्यक्ष रूप से लोगों को नौकरियां मिलेंगी. साथ ही अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे.



डिस्पोजल की भी ट्रेनिंग दी जाएगी
प्लास्टिक पार्क की स्थापना के साथ-साथ यहां के युवाओं को भी दक्ष किया जाएगा. डीएम के विजयेन्द्र पाण्डियन का कहना है कि युवाओं को प्लास्टिक से सामान बनाने और उसके डिस्पोजल की ट्रेनिंग देने के लिए सीपैड यहां पर दो एकड़ में एक ट्रेनिंग सेन्टर खोलने जा रहा है. इसके खुलने से स्थानीय लोगों को जहां प्लास्टिक के सामान बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी, वहीं प्लास्टिक के डिस्पोजल के बारे में बताया जाएगा. इससे छोटे स्तर पर बड़े रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे

प्लास्टिक पार्क और ट्रेनिंग सेन्टर के खुलने से जहां रोजगार के साधन पैदा होंगे तो वहीं उद्योगों के आने से विकास की रफ्तार और तेज होगी. इससे गोरखपुर के साथ-साथ पूर्वांचल के लोगों के लिए और भी अवसर पैदा होंगे
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