CM सिटी में असलहा लाइसेंस फर्जीवाड़े का खुलासा, पुलिस के हाथ आया जालसाज

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 24, 2019, 11:51 AM IST
CM सिटी में असलहा लाइसेंस फर्जीवाड़े का खुलासा, पुलिस के हाथ आया जालसाज
जिले में फर्जी तरीके से शस्‍त्र लाइसेंस बनाने और असलहा खरीदने के सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने यह गिरफ्तारी की है.

जिले में फर्जी तरीके से शस्‍त्र लाइसेंस बनाने और असलहा खरीदने के सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने यह गिरफ्तारी की है.

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गोरखपुर पुलिस (Gorakhpur Police) ने एक बड़ी कामयाबी अपने नाम दर्ज की है. यहां पुलिस ने शस्त्र लाइसेंस बनाने के फर्जीवाड़े का खुलासा किया है. दरअसल जिले में फर्जी तरीके से शस्‍त्र लाइसेंस बनाने और असलहा खरीदने के सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने यह गिरफ्तारी की है. जिसमें पुलिस ने गोरखपुर-शस्त्र लाइसेंस के फर्जीवाड़े के खुलासा किया है. पुलिस ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस के साथ एक जालसाज विजय प्रताप को गिरफ्तार किया है. जो लग्जरी कार से नेपाल भागने की फिराक में था.

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आरोपी विजय प्रताप के पास से पिस्टल, रायफल मैगजीन और एक फर्जी लाइसेंस भी बरामद किया गया है. दिलचस्प है कि कूटरचित दस्तावेज से के जरिए फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने के साथ ही शस्त्र विक्रेता की साठगांठ से असलहा भी खरीद लेते थे. खासकर असलहा शौकीनों से शस्त्र दलाल लाखों लेकर फर्जी लाइसेंस दिया करते थे. हालांकि इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड गोपी अभी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाया है.

गोपी की गिरफ्तारी का इंतजार
माना जा रहा है कि गोपी की गिरफ्तारी से शस्त्र लाइसेंस बनाने के अवैध धंधे का पूरा सच बाहर आयेगा. वहीं क्राइम ब्रांच की टीम ने पीपीगंज इलाके से जालसाज विजय प्रताप को गिरफ्तार किया है. आप को बता दें कि इसके पहले शस्त्र लाइसेंस फर्जीवाड़े के मामले में गोरखनाथ इलाके के युवक तनवीर खान को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस को उसके पास से फर्जी लाइसेंस पर खरीदा गया अवैध पिस्‍टल भी मिला था.

फर्जी लाइसेंस से ली रायफल
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पूछताछ के बाद पुलिस ने जालसाजी और आर्म्‍स एक्‍ट के तहत मामला दर्ज किया. वहीं मामले का खुलासा करते हुये एसपी सिटी डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि विजय से पूछताछ में पता चला है कि उसने अपना फर्जी लाइसेंस साल 2016 में जारी करवाया था. हैरानी की बात यह है कि इस फर्जी लाइसेंस के जरिए विजय ने एक रायफल और एक पिस्टल भी खरीद लिया था. इतना ही नहीं विभाग में मिलीभगत करके इसे ऑनलाइन भी दर्ज करवा लिया.

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पुलिस ने टाउन हाल इलाके में स्थित रवि गन हाऊस को सीज किया है.


पुलिस ने सीज किया गन हाउस
इस मामले में पुलिस अभी विजय से पूछताछ कर उसके नेटवर्क को खंगाल रही है. शस्त्र लाइसेंस के फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद पुलिस ने टाउन हाल इलाके में स्थित रवि गन हाऊस को सीज किया है. वहीं इस दुकान पर काम करने वाले मास्‍टरमाइंड गोपी की तलाश जारी है. इस मामले में पुलिस ने विजय प्रताप को गिरफ्तार किया है जिसने गोपी के सहयोग से फर्जी शस्त्र का लाइसेंस बनवाया और उसी लाइसेंस के आधार पर शस्त्र भी हासिल कर लिया था.

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First published: August 24, 2019, 11:51 AM IST
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