तेजस की तर्ज पर 50 प्राइवेट ट्रेन चलाने की तैयारी में रेलवे...
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तेजस की तर्ज पर 50 प्राइवेट ट्रेन चलाने की तैयारी में रेलवे...
पिछले साल सितंबर में लखनऊ से दिल्ली के बीच भारतीय रेल की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस चलाई गई थी. (फाइल फोटो)

पूर्वोत्तर रेलवे (Northeast Railway) के जीएम राजीव अग्रवाल ये दावा करते हैं कि इस पूरे साल देश में कहीं भी रेल दुर्घटना (train accident) में किसी की मौत नहीं हुई है, ये अब तक की रेलवे (Railway) की इस समय की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है.

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गोरखपुर. भारतीय रेलवे (Indian Railway) की पहचान पहले गंदगी, लेट लतीफी और एक्सीडेंट से हुआ करती थी पर अब भारतीय रेलवे अपनी पहचान को नए सिरे से स्थापित कर रही है. रेलवे की साफ-सफाई के बाद अब यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया गया यह कहना है पूर्वोत्तर रेलवे (Northeast Railway) के जीएम राजीव अग्रवाल का. अब यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए देशभर में 50 नई प्राइवेट ट्रेन चलाने की तैयारी में है रेलवे.

आधुनिक सुविधाएं देने का दावा
लखनऊ से दिल्ली के बीच जब पहली कॉरपोरेट ट्रेन तेजस (Tejas train) को IRCTC ने चलाया तब यात्रियों को ट्रेन में यात्रा करने का एक अलग अनुभव प्राप्त हुआ, ट्रेन में लोगों को वेलकम ड्रिंक के साथ बेहतर सुविधाएं मिलने से ट्रेन में प्लेन का अनुभव होने लगा. तेजस की सफलता को देखते हुए रेलवे अब पूरे देश में 50 प्राइवेट ट्रेन चलाने की संभावना को तलाश रही है. इन प्राइवेट ट्रेन को चलाने के लिए कंपनी अगर चाहेगी तो रेलवे ट्रेन की बोगियां उपलब्ध करा देगी. अगर प्राइवेट कंपनी रेलवे की पुरानी बोगियों नहीं चाहेगी तो बाहर से इंजन और बोगियां मंगा या बनवा सकती है. आने वाले समय में रेलवे में यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी.

indian railway
पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम राजीव अग्रवाल ने बताया कि 50 नई प्राइवेट ट्रेनों की जल्दी ही शुरूआत की जाएगी

पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम की माने तो वो ये दावा करते हैं कि इस पूरे साल देश में कहीं भी रेल दुर्घटना में किसी की मौत नहीं हुई है, ये अब तक की रेलवे की इस समय की सबसे बड़ी उपलब्धि रही है. वहीं रेल दुर्घटना में भी कमी आई है. ट्रेनों की लेट-लतीफी पर भी लगाम लगी है. पूर्वोत्तर रेलवे की 95 प्रतिशत ट्रेनों में बॉयो टॉयलेट यूज किया जा रहा है.



केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे ऑर्गनाइजेशन की री-स्ट्रक्चरिंग करते हुए ग्रुप A की आठ सेवाओं को इंडियन रेलवे मैनेजमेन्ट सर्विस (IRMS) में मिला दिया है. पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम राजीव अग्रवाल का दावा है कि इससे रेलवे के कामकाज में तेजी आएगी. रेलवे में बोर्ड स्तर पर भी परिवर्तन किया गया है, अब रेलवे में चार फंक्शनल सदस्य होंगे, इसी के साथ कुछ स्वतंत्र सदस्य भी रखे जाएंगे. 50 प्राइवेट ट्रेन चलाने को लेकर भले ही रेलवे ये दावा करे कि इससे उसे और पैसे की आमदनी होगी, पर सवाल यही है कि अगर प्राइवेट कंपनियां रेलवे के संसाधनों पर अधिक पैसा कमाकर दे सकती हैं तो फिर रेलवे क्यों नहीं ?

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