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सेंट जेवियर्स जूनियर हाई स्कूल का नया कारनामा, टीचर्स का वेतन रोका

Ashok Shukla | ETV UP/Uttarakhand
Updated: December 18, 2015, 12:51 PM IST
सेंट जेवियर्स जूनियर हाई स्कूल का नया कारनामा, टीचर्स का वेतन रोका

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कुशीनगर के कसया नगर के प्रतिष्ठित सेंट जेवियर्स जूनियर हाई स्कूल का नया कारनामा सामने आया है. स्कूल प्रबंधन ने पश्चिम बंगाल के 10 शिक्षक-शिक्षिकाओं को अच्छा वेतन देने का लालच देकर बुलाया था, लेकिन दो माह बीतने के बाद भी शिक्षकों को ना तो वेतन दिया गया है और ना ही उन्हें किसी तरह का जवाब दिया जा रहा है.

वेतन ना मिलने के कारण शिक्षक-शिक्षिकाओं को खाने के लाले पड़ गए हैं. शिक्षकों की बदहाली का आलम यह है कि उन्हें ना तो स्कूल प्रबंधन उचित जवाब दे रहा है और ना ही वे अपने घर वापस जा पा रहे हैं. इतना ही नहीं यह स्कूल यूपी बोर्ड की मान्यता लेकर सीबीएसई बोर्ड की कक्षाएं संचालित करके अभिभावकों के जेब पर डाका डाल रहा है और छात्रों के भविष्य को चौपट कर रहा है. कोई रास्ता ना देख सभी शिक्षकों ने प्रशासन से गुहार लगाई है जिसके बाद जिलाधिकारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पूरे मामले की जांच करने का आदेश दिया है.

बेहतर शिक्षा के लिए बड़ी-बड़ी बिल्डिंग और गाड़ियों को देखकर अगर आप अपने बच्चों का दाखिला इन स्कूलों में करा रहे हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है क्योंकि ये अपने शिक्षकों से भी धोखाधड़ी करते हैं. स्कूल प्रबंधन से धोखा खाये शिक्षक अब अपने वेतन के लिये दर-दर भटक रहे हैं. एक साथ दस शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा पढ़ाई बंद करने से स्कूल में पढ़ाई ठप हो गई है और बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है.

पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग शहर से आये इन शिक्षकों को स्कूल प्रबंधन ने बेहतर वेतन देने का वादा किया था लेकिन दो माह बीतने के बाद भी स्कूल ने उन्हें कोई वेतन नहीं दिया जिससे शिक्षकों की माली हालत खराब हो गई. अपनी सरजमीं को छोड़ दूसरे प्रदेश में आये इन शिक्षकों के पास जब रुपये खत्म हो गए तब उन्होंने स्कूल प्रबंधन से वेतन मांगना शुरू कर दिया जिसके बाद स्कूल प्रबंधन ने उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया. यहां तक की शिक्षकों का खाना भी बंद करके स्कूल से बाहर कर दिया गया जिसके बाद शिक्षकों ने स्थानीय पुलिस से गुहार लगाई.

कसया पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शिक्षकों को स्कूल में पुन: प्रवेश तो मिल गया लेकिन स्कूल प्रबंधन ने अभी तक उनका वेतन नहीं दिया है..

एक तरफ जहां टीचर्स ने स्कूल प्रबंधन पर प्रताड़ित करने और वेतन नहीं देने का आरोप लगाया है तो वहीं स्कूल की प्रिंसिपल श्वेता किशोर का कहना है कि शिक्षिकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा था इनके वेतन के बारे में किसी तरह का कोई अनुबंध नहीं किया गया था.

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First published: December 18, 2015, 12:51 PM IST
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