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गोरखपुर: अयोध्या केस के मद्देनजर इंडो-नेपाल बॉर्डर पर बढ़ाई गई सुरक्षा

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 7, 2019, 5:18 PM IST
गोरखपुर: अयोध्या केस के मद्देनजर इंडो-नेपाल बॉर्डर पर बढ़ाई गई सुरक्षा
इंडो-नेपाल बार्डर पर बढ़ाई गई सुरक्षा

भारत और नेपाल (Indo-Nepal) )के बीच 1786 किमी लंबी और खुली सीमा है जो उत्तराखंड से शुरू होकर सिलीगुड़ी तक जाती है. सीमा के दोनों तरफ लोगों की खेती और रिश्तेदारी है. बीते साल चार बड़े आतंकवादी विभिन्न राज्यों से लगी नेपाल सीमा से पकड़े जा चुके हैं. IB इनपुट के बाद इस सीमा पर सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई है

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गोरखपुर. अयोध्या (Ayodhya) मामले पर सुप्रीमकोर्ट (Supreme court) से आने वाले फैसले को लेकर सरगर्मियां तेज हैं. समाजिक साहौर्द कायम रखने के लिए जहां लगातार बैठकें हो रही हैं. वहीं इस इस फैसले में मद्देनजर उत्तर प्रदेश में पुलिस और प्रशासन को हाई-अलर्ट पर रखा गया है. सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी तरह से चौकन्नी हैं. इंडो-नेपाल सीमा को लेकर मिले IB इनपुट के बाद इस सीमा पर सुरक्षा बेहद सख्त कर दी गई है.

News 18 की ख़ास रिपोर्ट
कुछ दिन पहले ही अफवाह फ़ैल गई थी कि नेपाल के रास्ते 7 आतंकी भारत में प्रवेश की फिराक में हैं जिसका बाद में खंडन हो गया. भारत-नेपाल की खुली सीमा को लेकर News 18 की ये ख़ास रिपोर्ट.
भारत और नेपाल के बीच 1786 किमी लंबी और खुली सीमा है जो उत्तराखंड से शुरू होकर सिलीगुड़ी तक जाती है. सीमा के दोनों तरफ लोगों की खेती और रिश्तेदारी है. भारत के लोगों की नेपाल में और नेपाल के लोगों की भारत में खेती है. भारत और नेपाल के बीच रोटी और बेटी का संबंध है. ये संबंध ऐसे ही मजबूत बना रहे इसके लिए सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां हाई-अलर्ट पर हैं.

भारत-नेपाल सीमा (Indo-Nepal border) की सबसे संवेदनशील सोनौली सीमा (Sonauli border) पर चौकसी बढ़ा दी गई है. आईबी से मिले इनपुट (IB Input) के बाद पुलिस (police) और एसएसबी (SSB) जवानों ने पेट्रोलिंग भी तेज कर दी है. पिछले दिनों बार्डर पर आईबी के अधिकारियों और एसएसबी के जवानों के बीच तीन घंटे से अधिक की बैठक हुई जिसमें सुरक्षा तैयारियों का खाका भी खींचा गया. यूपी (UP ATS) एटीएस की टीम भी लगातार बार्डर पर नजर रखे हुए है.

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इंडो-नेपाल सीमा पर वाहनों की सघन तलाशी लेते सुरक्षा बल


बड़ी चुनौती है
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पिछले दिनों सोशल मीडिया (Social media) पर नेपाल (Nepal) के रास्ते सात आतंकियों के भारत में घुसने की फिराक की खबर चलने के बाद भले ही एडीजी एटीएस (ADG ATS) ने इसे खारिज कर दिया हो और इस खबर को फेक न्यूज बताया हो पर सीमा पर चेकिंग सख्त कर दी गई है. नेपाल की संवेदनशील सौनाली सीमा पर एसएसबी की महिला जवानों की भी तैनाती की गई है. नेपाल से भारत में प्रवेश करने वालों की सघन जांच के बाद ही उन्हें भारत में प्रवेश मिल रहा है. इतना ही नहीं नेपाल से आने वाले वाहनों की भी जमकर तलाशी ली जा रही है. खुली सीमा होने के कारण लोगों की आवाजाही पगडंडियों के रास्ते भी होती है इसलिए सुरक्षा एजेंसियों के लिए इनपर नजर रखना एक बड़ी चुनौती है.

हालांकि इन पगडंडियों पर विशेष नजर रखी जा रही है. एसएसबी (SSB )के साथ लोकल पुलिस और एलआईयू (LIU) की टीम ने अपने सूचना तंत्र यानि मुखबिरों को भी सक्रिय कर दिया है जिससे कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति सीमा के इस पार न आ पाए. हालांकि नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करते वक्त अब तक दर्जनों आतंकी गिरफ्तार किए जा चुके हैं. बीते साल चार बड़े आतंकवादी विभिन्न राज्यों से लगी नेपाल सीमा से पकड़े जा चुके हैं. इसमें आईएम आतंकी (Im Terrorist) यासीन भटकल (Yasin Bhatkal) भी शामिल रहा है इसे बिहार-नेपाल बॉर्डर से पकड़ा गया था. 13 सितंबर 2013 को यूपी के सोनौली सीमा से एक आतंकवादी को परिवार सहित भारत में घुसते हुए हिरासत में लिया गया था. पिछले दो दशकों में सोनौली बॉर्डर से लगभग 30 आतंकी और सौ से ज्यादा संदिग्ध गिरफ्तार किए जा चुके हैं.

सोनौली सीमा से पकड़े गए प्रमुख आतंकी
1991 मे खालिस्तान एरिया फोर्स का डिप्टी कमांडर सुखबीर सिंह
1991 में ही नेपाल की बढ़नी सीमा पर खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के भागा सिंह और अजमेर सिंह की गिरफ्तारी हुई थी.
1993 में आतंकी टाइगर मेमन
1995 में आईएसआई एजेंट यासिया बेगम
2000 में आसिम अली और चार आतंकी
2002 में परसामलिक थाने के पास कारतूसों का जखीरा पकड़ा गया था जो कि बिहार के एमसीसी उग्रवादियों ने नेपाल के माओवादियों के लिए भेजा था.
2007 में लश्कर के आतंकी सादात रशीद मसूद आलम की गिरफ्तारी
2009 में मुंबई के आतंकी नूरबक्श और इश्तियाक उर्फ शैतान की गिरफ्तारी
2013 में आतंकी लियाकत अली शाह की गिरफ्तारी
अब्दुल करीम टुंडा को भी उत्तराखंड में नेपाल की खुली सीमा पर ही गिरफ्तार किया गया था.
इसी के साथ सुरक्षा एजेंसियां भारत-नेपाल सीमा पर पिछले कुछ सालों में खुले मदरसों पर भी नजर रखे हुए हैं. यूपी और बिहार के सीमाई इलाकों में तकरीबन छह सौ मदरसे हैं.

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First published: November 7, 2019, 5:18 PM IST
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