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गोरखपुर आ रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन हो गई फुल तो UP के 120 मजदूरों को पुणे में ही रोका
Gorakhpur News in Hindi

News18Hindi
Updated: May 21, 2020, 11:05 PM IST
गोरखपुर आ रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन हो गई फुल तो UP के 120 मजदूरों को पुणे में ही रोका
1 जून से बिहार से 22 जोड़ी ट्रेनों का परिचालन होने वाला है

Lockdown के बीच श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से अपने घर जाने के लिए स्टेशन पहुंचे प्रवासी मजदूर हुए निराश. अब एक दिन लेट पहुंच सकेंगे घर

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नई दिल्ली. लॉकडाउन 4.0 (Lockdown 4) के दौरान विभिन्न राज्यों के प्रवासी मजदूर ट्रेनों से अपने घरों तक पहुंच रहे हैं. अलग-अलग राज्यों में रह रहे उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों को भी उनके घर तक पहुंचाया जा रहा है. श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनों (Shramik Express train) में आने के लिए मजदूरों की भारी भीड़ जुट रही है. लोग किसी भी तरह अपने घर पहुंचना चाहते हैं. लेकिन आज महाराष्ट्र के पुणे (Pune) में यूपी के 120 प्रवासी मजदूरों को इस क्रम में निराशा हाथ लगी, जब उन्हें स्टेशन से लौटना पड़ा.

दरअसल, पुणे से गोरखपुर (Gorakhpur) आ रही श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन में सीटें न होने की वजह से इन मजदूरों को रेल प्रशासन, पुलिस और RPF ने रोक लिया. इन सभी मजदूरों को पिंपरी चिंचवाड़ पुलिस ने आकृदि (Akurdi) में ठहराया है, जहां से इन्हें कल ट्रेन में बैठाकर रवाना किया जाएगा.

अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार की दोपहर पिंपरी चिंचवाड़ पुलिस ने यूपी के रहने वाले 120 मजदूरों को ट्रेन की सीटें भर जाने की वजह से रोक लिया. श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन का टिकट लेकर आए 40 वर्षीय कईमुद्दीन ने अखबार से बातचीत में कहा कि उनके परिवार के लोग घर पर हैं. मुझे इस ट्रेन से अकेले ही जाना था. मेरे पास ट्रेन में सफर करने के लिए टोकन भी था. मैंने सोचा कि आखिरकार मैं इतने दिनों के बाद घरवालों से मिल पाऊंगा, लेकिन ऐन वक्त पर रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन में सीटें फुल हो चुकी हैं. पिंपरी चिंचवाड़ में एक निजी कंपनी में काम करने वाले कईमुद्दीन ने कहा कि अधिकारियों ने मुझे लौटा दिया.



कुछ ऐसा ही दर्द 27 साल के सागिब आलम का भी है, जिन्हें अंतिम क्षणों में ट्रेन में चढ़ने से रोक दिया गया. सागिब ने बताया कि मेरे घर के कई लोग ट्रेन से गए, लेकिन मुझे जगह नहीं मिली. हिंजेवाड़ी की कंपनी में काम करने वाले सागिब ने कहा कि अब वह लौटकर अपनी कंपनी में भी नहीं जा सकता, क्योंकि वे मुझे अंदर जाने नहीं देंगे. पुणे से गोरखपुर आने के लिए सैकड़ों की संख्या में आज लोग पहुंचे थे. दोपहर 2.15 बजे ट्रेन को रवाना होना था. इसलिए लोग अपने परिवारों के साथ बैग, पानी की बोतल और अन्य सामान लेकर स्टेशन के आसपास पहुंच गए थे. लेकिन अंतिम क्षणों में 120 मजदूरों को पुलिस और आरपीएफ के जवानों ने श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन में जगह नहीं होने के कारण लौटा दिया.



पुलिस बोली- सुबह की पहली ट्रेन से करेंगे रवाना
यूपी के मजदूरों को रोके जाने को लेकर पिंपरी चिंचवाड़ पुलिस के इंस्पेक्टर और यहां के नोडल अफसर अजय जोगडांड ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन में क्षमता के हिसाब से मजदूरों को बैठाया गया था. जगह भर जाने के बाद बाकी बचे लोगों को रोका गया. इन सभी को अस्थाई शेल्टर होम में ठहराया गया है. कल सुबह खुलने वाली पहली ट्रेन से इन्हें रवाना किया जाएगा. इधर, रेलवे की तरफ से बताया गया कि सभी नोडल अधिकारियों को विभिन्न शहरों के लिए जाने वाली ट्रेन और उसकी सीट क्षमता के बारे में पहले से जानकारी दे दी जाती है. कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए नियम है कि ट्रेन की 90 फीसदी सीटों पर ही लोगों को बैठाया जा सकता है. अगर नोडल अधिकारी इससे ज्यादा लोगों को लाते हैं, तो उन्हें ट्रेन में जगह नहीं दी जा सकती.

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First published: May 21, 2020, 10:59 PM IST
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