PM मोदी के 'मेक इन इंडिया' से प्रभावित होकर पढ़ाई के बाद टेराकोटा को चुना करियर

News18Hindi
Updated: October 13, 2017, 5:14 PM IST
PM मोदी के 'मेक इन इंडिया' से प्रभावित होकर पढ़ाई के बाद टेराकोटा को चुना करियर
टेराकोटा श‍िल्प का काम करते हैं दोनों भाईयों की फोटो.
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Updated: October 13, 2017, 5:14 PM IST
पीएम मोदी के 'मेक इन इंडिया' नारे को अपना लक्ष्‍य बनाते हुए यूपी के गोरखपुर में 2 भाईयों ने ITI और पॉलिटेक्निक की पढ़ाई करने के बाद टेराकोटा (मूर्ति बनाने की कला) को अपने करियर के रूप में चुना है. इस काम से दोनों भाई साल में 5 लाख रुपए का मुनाफा कमा लेते हैं.

सीएम योगी के शहर के रहने वाले ये दोनों भाइयों ने आईटीआई और पॉलिटेक्निक की पढ़ाई की. जब वे 2014-15 और 2015-16 में तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर रहे थे, तो पीएम मोदी के 'मेक इन इंडिया' का नारा खूब चर्चा में रहा. इस नारे ने दोनों भाइयों को प्रभावित किया.

पादरीबाजार इलाके के मानस विहार कॉलोनी के रहने वाले अरविंद और आनंद प्रजापति ने तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने के बावजूद अपने पुश्‍तैनी काम को ही करियर के रूप में चुना. उनके बाबा रामअधार और पिता विश्राम भी टेराकोटा से बनी मूर्तियों से ही दो जून की रोटी का जुगाड़ बरसों से कर रहे हैं. दोनो भाई इस काम में 12-14 घंटा रोजाना देते हैं.

अरविंद ने बताया कि गोरखपुर शहर और प्रदेश के अलावा देश ही नहीं, विदेशों में भी इन मूर्तियों की काफी डिमांड है. इससे साल में 5 लाख रुपए तक का मुनाफा कमा लेते हैं. वहीं धनतेरस और दिवाली के लिए खासतौर पर टेराकोटा शिल्‍प की खास मूर्तियां बनाते हैं. जिसको ग्राहक हाथों हाथ खरीद लेते है.
First published: October 13, 2017
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