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BUDGET 2019: मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग को खत्म करने का दावा, ये रहा रियलिटी चेक

NAVEEN LAL SURI | News18Hindi
Updated: February 2, 2019, 11:43 AM IST
BUDGET 2019: मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग को खत्म करने का दावा, ये रहा रियलिटी चेक
फाइल फोटो.

बता दें कि पिछले साल अप्रैल में हुए कुशीनगर हादसे के बाद ही रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सभी मानवरहित फाटकों को खत्म करने की समय सीमा 2020 से घटाकर सितंबर, 2019 कर दी थी.

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  • Last Updated: February 2, 2019, 11:43 AM IST
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मोदी सरकार के अंतरिम बजट में मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग को खत्म करने का दावा किया गया है. जानिए सीएम योगी के शहर गोरखपुर में कितने मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग है. जो हादसों को दावत देते रहे है. लखनऊ, गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, संतकबीरनगर और डुमरियागंज जिलों का रियलिटी चेक के बाद मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं. इस संबंध में पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी संजय यादव ने न्यूज18 से बातचीत में बताया कि अब 29 दिसंबर 2018 से अब एक भी मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग नहीं बची है. सारी रेलवे क्रॉसिंग पर कर्मचारियों को तैनात कर दिया गया है. सीपीआरओ के मुताबिक इज्जतनगर, लखनऊ और वाराणसी डिवीजन के अंदर आने वाले सभी जगहों से मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग खत्म हो गई है.

बता दें कि पिछले साल अप्रैल में हुए कुशीनगर हादसे के बाद ही रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सभी मानवरहित फाटकों को खत्म करने की समय सीमा 2020 से घटाकर सितंबर, 2019 कर दी थी. रेलवे के इतिहास में यह सर्वाधिक सुरक्षित साल रहा है। मंत्री ने दावा कि ब्रॉडगेज लाइनों  पर सभी मानवरहित क्रॉसिंग को समाप्त कर दिया गया है.

गौरतलब है कि कुशीनगर के विशुनपुरा थाने के दुदही मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर एक स्कूली वैन की पैसेंजर ट्रेन से हुई टक्कर में 13 बच्चों की मौत हो गई थी. यह ट्रेन सिवान से गोरखपुर आ रही थी. जानकारी के मुताबिक इस स्कूल वैन में 10 साल की उम्र तक के करीब 25 बच्चे सवार थे और अपने स्कूल जा रहे थे.

रेलवे ने देश से सभी मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग को खत्म करने का दावा इस साल की शुरुआत में ही कर दिया था, मगर बस एक क्रॉसिंग इलाहाबाद मंडल में बची थी. उसे भी 31 जनवरी को खत्म कर दिया गया और उसकी याद में वहां एक पत्थर लगाया गया है. बता दें कि 2014-2015 में मानवरहित फाटकों पर विभिन्न घटनाओं में 130 लोगों की जान चली गई थी. 2015-16 में ऐसे फाटकों पर 58 लोगों और 2016-17 में 40 लोगों की मौतें हुईं.

2017-2018 में 26 लोग ऐसे फाटकों पर अपनी जान गंवा बैठे, जबकि पहली अप्रैल, 2018 से 15 दिसंबर, 2018 तक 16 लोग मारे गए थे, उनमें 13 लोग कुशीनगर हादसे में मारे गए, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे.

 देश में थी 7701 मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग

मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग की संख्या देश में करीब 7701 थे. पिछले चार साल में ऐसी क्रॉसिंग की वजह से 220 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. 2017 में मोदी सरकार ने दो साल में ऐसे फाटकों को खत्म करने का एलान किया था. 2014-2015 में मानवरहित फाटकों पर इस तरह के 50 हादसे, 2015-2016 में 29 हादसे, 2016-2017 में 20 हादसे, 2017-2018 में 10 हादसे और इस साल एक हादसा हुआ है.
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First published: February 2, 2019, 11:26 AM IST
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