मेरठ में बंदर ले भागे Corona टेस्ट का सैंपल, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- मुझे खबर ही नहीं
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मेरठ में बंदर ले भागे Corona टेस्ट का सैंपल, स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- मुझे खबर ही नहीं
गोरखपुर में प्रेस वार्ता करते स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह.

यूपी के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह (Health Minister Jaipratap Singh) से गोरखपुर में प्रेसवार्ता के दौरान जब मेरठ और झांसी की घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने दो टूक कह दिया कि वे दो दिन से बाहर थे, इसलिए उन्हें जानकारी नहीं है.

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गोरखपुर. मेरठ में कोरोना वायरस (COVID-19 Test Sample) टेस्ट सैंपल लेकर बंदरों के भागने की खबर के बारे में दुनियभर को भले ही मालूम हो, लेकिन यूपी स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह (Health Minister Jaipratap Singh) को इसकी जानकारी नहीं है. गोरखपुर (Gorakhpur) में आज एक प्रेस वार्ता में जयप्रताप सिंह ने कहा कि वे दो दिनों से बाहर हैं, इसलिए उन्हें इस घटना के बारे में पता ही नहीं है. इसके अलावा झांसी से गोरखपुर और फिर झांसी गई श्रमिक एक्सप्रेस के शौचालय में पांच दिनों तक बंद रहे श्रमिक के शव के बारे में भी मंत्री ने अनभिज्ञता जाहिर की.

आपको बता दें कि मेरठ मेडिकल कॉलेज (Meerut Medical College) में शुक्रवार को बंदरों ने एक लैब टेक्नीशियन से कोरोना मरीजों की तमाम जांचों के लिए गए सैंपल छीन लिए. इस घटना का वीडियो वायरल हो गया है. इसी घटना के बारे में जब गोरखपुर में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह से सवाल पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की.

स्वास्थ्य विभाग में टेंडर को लेकर लिखी चिट्ठी! 
गोरखपुर में प्रेस वार्ता के दौरान स्वास्थ्य विभाग में टेंडर को लेकर लिखी चिट्ठी पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को चिट्ठी नहीं लिखी है, बल्कि एक टेंडर में कुछ कमियां थीं, जिसके विषय में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को लिखा था. इसमें मंत्री ने कहा था कुछ कमियां हैं, सुधार कर लीजिए और इस बारे में केवल सूचनार्थ मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र भेजा था. मंत्री ने कहा कि इसमें कोई घोटाला नहीं है.



 



 



सभी स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने पर जोर

कोरोना संकट काल में अस्पताल और नर्सिंग होम खोलने को लेकर स्वास्थ्य मंत्री जयप्रताप सिंह ने बताया कि एक नियम बनाया गया और उसके बाद सभी को प्रशिक्षण दिया गया. उन्होंने कहा कि ओपीडी को छोड़कर और सभी स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने पर सरकार का जोर है. मंत्री ने कहा कि यूपी में पहला केस 8 मार्च को आया था, जिसके बाद आज तक 7560 केस सामने आए हैं. इसमें से 4462 मरीज ठीक हो गए, 2900 एक्टिव केस हैं और 204 मौत हुई हैं.

प्रवासी श्रमिकों के कारण बढ़े केस

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस समय में जो प्रवासी श्रमिक आ रहे हैं, खासकर महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली में अधिक संक्रमण है, जिसके कारण केस बढ़े हैं. लॉकडाउन के बाद अभी तक करीब 28 लाख लोग यूपी आए हैं. प्रदेश में 78 हजार बेड तैयार हैं, अगले कुछ दिनों में 1 लाख बेड तैयार हो जाएंगे. आगे अगर जो भी स्थिति बनेगी, प्रदेश सरकार उससे निपटने के लिए तैयार है. यूपी में अभी दो हजार टेस्ट प्रतिदिन हो रहा है. पूलटेस्टिंग दस से ग्यारह हजार के करीब प्रतिदिन हो रहा है. मार्च में सिर्फ एक लैब थी, आज 27 लैब में जांच चल रही है. जून के पहले सप्ताह में कोबास मशीन आ रही है, जिससे जांच में और तेजी आएगी.

जयप्रताप सिंह ने कहा कि सभी जिलों में टूनेट मशीन भी लगाने पर काम हो रहा है. यह मशीन टीबी जांच के लिए होती है पर आईआरएमआरसी की गाइडलाइन के तहत इससे कोरोना की भी जांच की जाएगी. इससे दो घंटे के अंदर ही जांच रिपोर्ट आ जाएगी. गोरखपुर में हो रही धीमी जांच पर उन्होंने कहा कि इस बारे में प्रमुख सचिव और मंत्री से बात हुई है. जल्द ही इस समस्या को खत्म किया जाएगा.

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