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गोरखपुर में बनेगा यूपी का दूसरा साइंस पार्क, NOC मिलने के बाद शुरू हुई कवायद

News18 Uttar Pradesh
Updated: November 27, 2019, 2:11 PM IST
गोरखपुर में बनेगा यूपी का दूसरा साइंस पार्क, NOC मिलने के बाद शुरू हुई कवायद
गोरखपुर में बनेगा यूपी का दूसरा साइंस पार्क

राज्य की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ने प्रस्ताव को हरी झंडी देते हुए 1.75 करोड़ का बजट मंजूर कर लिया है. निर्माण दो चरणों में किया जाना है. पहले चरण में आउटडोर पार्क व दूसरे चरण में इनडोर साइंस पार्क का निर्माण होगा.

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गोरखपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के गृह क्षेत्र गोरखपुर (Gorakhpur) में भी साइंस पार्क का निर्माण होगा. गाजियाबाद के यूपी में यह दूसरा पार्क होगा, इसके लिए नक्षत्रशाला परिसर में एक एकड़ भूमि चिन्हित की गयी है. निर्माण के लिए अंतिम औपचारिकता जीडीए (GDA) ने एनओसी (NOC) शासन को भेज दी है. नक्षत्रशाला परिसर में साइंस पार्क की योजना दो साल पहले बनी थी. साइंस प्रौद्योगिकी विभाग को क्षेत्रीय वैज्ञानिक अधिकारी ने 2.28 करोड़ का बजट तैयार कर इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था.

1.75 करोड़ का बजट मंजूर

राज्य की विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद ने प्रस्ताव को हरी झंडी देते हुए 1.75 करोड़ का बजट मंजूर कर लिया है. निर्माण दो चरणों में किया जाना है. पहले चरण में आउटडोर पार्क व दूसरे चरण में इनडोर साइंस पार्क का निर्माण होगा. नक्षत्रशाला के गेट नंबर-2 को अपग्रेड कर इसे साइंस पार्क के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में तब्दील किया जाएगा. आउटडोर साइंस पार्क को हरा भरा किया जाएगा. फुटपाथ बनेगा जो विज्ञान के हर उपकरण के पास से गुजरेगा.

विज्ञान के इतिहास की मिलेगी झलक

हर उपकरण विज्ञान की बारीकियां सिखाएगा. बच्चे खेल खेल में व प्रयोग से विज्ञान सीख सकेंगे. हर उपकरण के पास इससे संबंधित विज्ञान लिखा होगा. इस विज्ञान की खोज करने वाले वैज्ञानिक के बारे में भी संक्षिप्त जानकारी होगी. ऐसे करीब 35 तरह के अलग-अलग उपकरण लगाए जाएंगे. भौतिकी, रसायन, गणित, जूलॉजी व बॉटनी आदि से संबंधित उपकरण लगेंगे. पास ही इनडोर पार्क बनेगा. इसमें प्राचीन विज्ञान व भारत में विज्ञान के इतिहास की झलक मिलेगी. इसमें प्राचीन के खगोल शास्त्र उपकरण, पंचभूत, ग्रंथ और उसकी शाखाएं, आयुर्वेदिक औषधियों का प्रयोग, सुश्रुत के चिकित्सा उपकरण, हड़प्पा कालीन नगरीय सभ्यता तथा प्राचीन काल में जहाज व नौका परिवहन आदि की विस्तार से जानकारी होगी.

प्राचीन काल के जंतुओं की दिखेगी झलक

इसमें कुल 25 उपकरण लगाए जाएंगे. उपकरणों से साथ उससे संबंधित जानकारियां भी विस्तार से होंगी. इसके अलावा पार्क में पृथ्वी पर जंतुओं की उत्पत्ति से लेकर प्राचीन काल के जंतुओं की भी झलक दिखेगी. इनडोर पार्क में इंडियन स्पेस साइंस गैलरी भी बनाने की योजना है. इसमें चंद्रयान वन, टू, कल्पना वन, इनसेट 3 डी आदि सैटेलाइट के मॉडल लगाए जाएंगे. साइंस पार्क में लगाए जाने वाले उपकरणों की रखरखाव के लिए एक टेक्निकल सहायक की भी नियुक्ति होगी. इसके अलावा माली भी नियुक्ति किए जाने का प्रस्ताव है. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से उपकरणों का मेंटीनेंस कराया जाएगा.
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First published: November 27, 2019, 2:11 PM IST
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