BRDMC गोरखपुर: परिजनों ने बताया- अचानक झटका आया और थम गई बच्चे की सांस

News18Hindi
Updated: August 13, 2017, 10:51 AM IST
BRDMC गोरखपुर: परिजनों ने बताया- अचानक झटका आया और थम गई बच्चे की सांस
मृतक बच्चों के परिजनों की फोटो
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Updated: August 13, 2017, 10:51 AM IST
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में जहां गुरुवार रात को ऑक्सीजन की कमी से बच्चे तड़प-तड़प कर मर रहे थे. वहीं इन बच्चों के परिजन डाॅक्टरों के आगे जिगर के टुकड़े की जिंदगी को बचाने के लिए भीख मांग रहे थे. लेकिन बीआरडी मेडिकल काॅलेज की लापरवाही से ये बच्चे मौते के गाल में एक-एक कर समा गए.

बीआरडी मेडिकल काॅलेज परिसर में जहां चारों तरफ अफरातफरी का माहौल था. इन अकाल मौत के शिकार बच्चों के परिजनों ने उस रात का खौफनाक सच बताया.

महाराजगंज जिले के रहने वाले राजेश की 7 साल की मासूम बेटी सोनी को सुबह अचानक झटके आने लगे. परिजन अस्पताल लेकर गए लेकिन वहां ऑक्सीजन की कमी से उसकी सांस थम गई. मौत का अहसास तो घरवालों को भी फ़ौरन हो गया था लेकिन हंगामे के डर से डॉक्टर घरवालों को झूठा दिलासा देते रहे.

पास ही कुशीनगर के गांव महुआडीह की एक 3 साल की बच्ची भी ऑक्सीजन की कमी से मारी गई. सुनील की बेटी शालू को बुखार के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया था. जहां पहले तो डॉक्टरों ने गोल मोल बातें कीं और फिर मौत की ख़बर दे दी. यहां तक कि पूछने पर डॉक्टरों ने उन्हें डांट-डपट कर भगा दिया.

बच्ची का शव लेकर जाता बेबस पिता.


वहीं वंदना को अभी महज़ दो दिन पहले ही तो मामूली सा बुखार हुआ था. डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में ऑक्सीजन ख़त्म होने की बात कहते हुए एक बैलून जैसी चीज़ देकर उसे लगातार पंप कर वंदना को मैनुअली ऑक्सीजन देते रहने को कहा.

समय-समय पर डॉक्टरों के कहने पर कभी ख़ून तो कभी दवाओं के लिए घरवालों की भागदौड़ चलती रही. लेकिन शुक्रवार की सुबह सूरज की पहली रौशनी के साथ ही वंदना सिर्फ़ ऑक्सीजन की कमी की वजह से सबको छोड़ कर इस दुनिया से दूर चली गई. फिलहाल योगी सरकार ने कार्रवाई करते हुए प्रिसिंपल को सस्पेंड कर दिया है. वहीं सरकार से लेकर विपक्षी पार्टियों के नेताओं का दौरा जारी है.
First published: August 13, 2017
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