CM योगी के गले में पड़ी काले रंग की इस माला का क्या है रहस्य...

नाथ योग सिद्धपीठ गोरखनाथ मंदिर के योग तपोमय पावन परिसर में शिव गोरक्ष महायोगी गुरु गोरखनाथ जी के अनुग्रह स्वरुप 15 फरवरी 1994 को गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ जी महाराज द्वारा मांगलिक वैदिक मंत्रोच्चारपूर्वक शिष्य योगी आदित्यनाथ का दीक्षाभिषेक संपन्न हुआ था.

NAVEEN LAL SURI | News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 8:46 AM IST
CM योगी के गले में पड़ी काले रंग की इस माला का क्या है रहस्य...
CM योगी के गले में पड़ी इस काली रंग की माला का क्या हैं राज.
NAVEEN LAL SURI | News18Hindi
Updated: July 29, 2019, 8:46 AM IST
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ जब भी गोरखपुर में स्थित गोरखनाथ मंदिर जाते हैं. उनके गले में एक काली रंग की माला नजर आती है. हम आपको बताते हैं कि इस काले रंग की माला का राज क्या है. दरअसल सीएम योगी के गले में पड़ी माला को 'नाग जनेऊ' कहते हैं. 'नाग जनेऊ' के रहस्य को विस्तार से जानने के लिए न्यूज18 ने गोरखनाथ मंदिर के प्रबंधक और सीएम योगी के बेहद करीबी द्वारिका तिवारी से बातचीत की.

'नाग जनेऊ' की मान्यता
मंदिर के प्रबंधक द्वारिका तिवारी ने बताया कि सीएम योगी के गले में पड़ी काले रंग की माला को नाग जनेऊ कहते हैं. उन्होंने बताया कि एक योगी के लिए नाग जनेऊ, त्रिशूल, चिमटा और खप्पर अभूषण है. द्वारिका तिवारी कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ इस जनेऊ को हमेशा अपने साथ रखते हैं.  इस 'नाग जनेऊ' की मान्यता के बारे में तिवारी ने बताया कि मुख्य रूप से पूजा-पाठ से लेकर इंद्रियों को स्थिर करने में लाभदायक होता है. मंदिर के प्रबंधक बताते हैं कि गोरक्षपीठ और नाथ सम्‍प्रदाय में यह परंपरा सदियों से चली आ रही है.

सीएम योगी आदित्यनाथ


क्या है मंदिर का इतिहास

गोरखनाथ (गोरखनाथ मठ) नाथ परंपरा में नाथ मठ समूह का एक मंदिर है. इसका नाम गोरखनाथ मध्ययुगीन संत गोरखनाथ (11वीं सदी) से निकला है जो एक प्रसिद्ध योगी थे जो भारत भर में व्यापक रूप से यात्रा करते थे और नाथ सम्प्रदाय के कैनन के हिस्से के रूप में ग्रंथों के लेखक भी थे. नाथ परंपरा गुरु मच्छेंद्र नाथ द्वारा स्थापित की गई थी. गोरखनाथ मंदिर उसी स्थान पर स्थित है जहां वह तपस्या करते थे और उनको श्रद्धांजलि समर्पित करते हुए यह मन्दिर की स्थापना की गई.

मंदिर का नाम गुरु गोरखनाथ के नाम पर रखा गया जिन्होंने अपनी तपस्या का ज्ञान मत्स्येंद्रनाथ से लिया था, जो नाथ सम्प्रदाय (मठ का समूह) के संस्थापक थे. अपने शिष्य गोरखनाथ के साथ मिलकर, गुरु मच्छेंद्र नाथ ने योग स्कूलों की स्थापना की जो योग अभ्यास के लिये बहुत अच्छे स्कूल माने जाते थे.
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सीएम योगी ने ली दीक्षा
जब सीएम योगी ने ली दीक्षा


15 फरवरी 1994 को सीएम योगी ने ली दीक्षा

नाथ योग सिद्धपीठ गोरखनाथ मंदिर के योग तपोमय पावन परिसर में शिव गोरक्ष महायोगी गुरु गोरखनाथ जी के अनुग्रह स्वरुप 15 फरवरी 1994 को गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ जी महाराज द्वारा मांगलिक वैदिक मंत्रोच्चारपूर्वक शिष्य योगी आदित्यनाथ का दीक्षाभिषेक संपन्न हुआ था. योगी व्यवहारकुशलता, दृढ़ता, कर्मठता, वाक्पटुता के आदर्श मार्गों का अनुसरण करते हुए हिंदुत्व के प्रति पूर्ण रूप से समर्पित हैं. योगी के युवा नेतृत्व में थोड़े ही समय में पूरे भारत वर्ष में हिंदुत्व का तेजोमय पुनर्जागरण अवश्यम्भावी है.

 सबसे कम उम्र के सांसद बने सीएम योगी
सबसे कम उम्र के सांसद बने सीएम योगी


सबसे कम उम्र के सांसद बने सीएम योगी
महंत अवैद्यनाथ के उत्तराधिकारी योगी आदित्यनाथ ने 1998 में सबसे कम उम्र का सांसद बनने का गौरव प्राप्त किया. योगी आदित्यनाथ ने 'हिन्दू युवा वाहिनी' का गठन किया जो हिन्दू युवाओं को हिन्दुत्वनिष्ठ बनाने के लिए प्रेरणा देते है. गौरतलब है कि 11 सितंबर 2014 में गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ ब्रह्मलीन हुए थे. ब्रम्हलीन महंत की समाधि उनके गुरु महंत दिग्विजय नाथ की समाधि स्थल के पास में बनाई गई है.

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First published: July 29, 2019, 8:27 AM IST
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