अपना शहर चुनें

States

योगी का डेढ़ दशक पुराना सपना होगा साकार, रेडिमेट गारमेंट हब के रूप में उभरेगा गोरखपुर

योगी आदित्यनाथ ने सांसद रहते हुए चाहा था कि गोरखपुर रेडिमेड कपड़ों का हब बने.
योगी आदित्यनाथ ने सांसद रहते हुए चाहा था कि गोरखपुर रेडिमेड कपड़ों का हब बने.

योगी आदित्यनाथ के इस सपने के पूरा होने से गोरखपुर जहां रेडिमेट गारमेंट का हब बनेगा, तो वहीं बड़ी संख्या में रोजगार भी पैदा होंगे. इससे यहां के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में नहीं जाना होगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 9:56 PM IST
  • Share this:
गोरखपुर. रेडिमेट गारमेंट (readymade garment) का बड़ा हब बनने जा रहा है गोरखपुर (Gorakhpur). मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने जो सपना सांसद रहते हुए डेढ़ दशक पहले देखा था, वह अब साकार होने जा रहा है. इस सपने के पूरा होने से गोरखपुर जहां रेडिमेट गारमेंट का हब बनेगा, तो वहीं बड़ी संख्या में रोजगार (Employment) भी पैदा होंगे. इससे यहां के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में नहीं जाना होगा.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप गोरखपुर को गारमेंट हब बनाने के लिए गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने चार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने की बात कही है. सीईओ गीडा संजीव रंजन गारमेंट उद्योग के लिए चार एकड़ जमीन उपलब्ध करा दी गई है. साथ ही पिछले दिनों हुए एक सेमिनार में 150 उद्योपतियों ने गीडा में फैक्ट्री लगाने की इच्छा जाहिर की थी. इन उद्योगपतियों के आने से यहां पर रोजगार भी बढ़ेगा. साथ ही गीडा में फ्लैटेड फैक्ट्री बनाकर उद्यमियों को दी जाएगी.

अब कुछ ही लोग जुड़े रह गए हैं इस पेशे से



पूर्वांचल में घनी आबादी होने के कारण यहां पर एक बड़ा बाजार है. साथ ही यहां पर मानव संसाधन की भी कमी नहीं है. पूर्वांचल में वस्त्र उद्योग काफी पुराना है. यहां के पावरलूम और हैंडलूम की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान रही है. पर समय के साथ तकनीक से खुद को न जोड़ने और सरकारों की उपेक्षा के कारण ये उद्योग यहां पर दम तोड़ते चले गए. अब कुछ परंपरागत लोग ही इस काम से जुड़े हुए हैं. पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयास से एक बार फिर गोरखपुर और पूर्वांचल गारमेंट हब के रूप में उभरेगा.
सांसद रहते योगी ने देखा था सपना

योगी आदित्यनाथ जब सांसद थे, तब उन्होंने केन्द्र सरकार की मदद से गोरखपुर को गारमेंट हब बनाने का सपना देखा. गीडा में 'टेक्सटाइल सेंटर इंफ्रास्ट्रकचर डेवलपमेंट स्कीम' के तहत 'टेक्सटाइल पार्क' की स्थापना होनी थी. योजना परवान चढ़ती तो यह उत्तर भारत का पहला टेक्सटाइल पार्क होता. 170 एकड़ जमीन में 26.24 करोड़ की लागत से इसके निर्माण होना था. 'नादर्न इंडिया टेक्सटाइल एसोसिएशन' ने इसके विकास की योजना तैयार की थी.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज