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एक हज़ार करोड़ रुपये से सुधरेगी ग्रेटर नोएडा की बिजली व्यवस्था, प्‍लान है तैयार

ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 84 सोसाइटियों में रहने वालों ने बिल्डर के खिलाफ यह शिकायत दी है. (Demo Pic)

ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की 84 सोसाइटियों में रहने वालों ने बिल्डर के खिलाफ यह शिकायत दी है. (Demo Pic)

इसके लिए ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी नोएडा पॉवर कंपनी लिमिडेट (NPCL) और उत्तर प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPTCL) के साथ मिलकर काम कर रही है. अथॉरिटी की योजना 4 बड़े सब स्टेशन तैयार करने की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 5, 2021, 10:24 AM IST
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नोएडा. जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar International Airport) और इंडस्ट्रियल एरिया को देखते हुए ग्रेटर नोएडा को और बेहतर बनाने की कवायद चल रही है. इसी के चलते अब एक पहल ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) की बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए की जा रही है. एक हज़ार करोड़ रुपये बिजली व्यवस्था सुधारने पर खर्च किए जाएंगे. इस कोशिश का मकसद ग्रेटर नोएडा को नो पॉवर कट ज़ोन बनाने की है.

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के अधिकारियों की मानें तो 1 हज़ार करोड़ रुपये से 400, 220 और 132 केवी के दो-दो सबस्टेशन बनाए जाएंगे. यह वो स्टेशन होंगे जो हाईटेंशन लाइन से बिजली लेकर इलाकों में बने 33 केवीए सबस्टेशन को बिजली सप्लाई करेंगे. अथॉरिटी की योजना आने वाले दो साल में सभी 6 स्टेशन को तैयार कर लेने की है.

यहां बनेंगे सभी 6 सबस्टेशन
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के मुताबिक, अमरपुर और नोएडा मेट्रो डिपो के पास 400-400 केवी का एक-एक सबस्टेशन बनाया जाएगा. योजना के तहत एक हज़ार करोड़ में ग्रेटर नोएडा वेस्ट को भी ध्यान में रखा गया है. ग्रेनो वेस्ट के जलपुरा और नॉलेज पार्क-5 में 220 केवी के दो सब-स्टेशन बनाए जाएंगे. वहीं इंडस्ट्रियल एरिया के सेक्टर इकोटेक-8 और 10 में 132 केवी के दो सबस्टेशन बनाए जाएंगे.
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कब से शुरू होंगे सबस्टेशन?
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी 400, 220 और 132 केवी के 6 सबस्टेशन बनाने जा रही है. इनमें से 132 केवी के दोनों सबस्टेशन एक साल में बन कर तैयार हो जाएंगे. जबकि 220 केवी के दोनों सबस्टेशन 18 महीने में बनकर तैयार हो जाएंगे और काम करने लगेंगे. वहीं, 400 केवी के सबस्टेशन को तैयार करने में सबसे ज़्यादा 30 महीने का वक्त लगेगा. जलपुरा, नॉलेज पार्क-5, इकोटेक-8 इकोटेक-10 के चारों सबस्टेशन को मेट्रो डिपो के सबस्टेशन से जोड़ा जाएगा.

इंडस्ट्रियल एरिया को होगा सबसे ज़्यादा फायदा
ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने एक हज़ार करोड़ रुपये की योजना में बड़ी-बड़ी कंपनियों और फैक्ट्रियों का खास ख्याल रखा है. इसी के हिसाब से योजना तैयार की गई है. खास बात यह है कि जल्द ही डाटा सेंटर भी शुरु होने वाला है. ओप्पो, वीवो समेत कई इंटरनेशनल कंपनियों के आने का रास्ता भी साफ हो चुका है. कई मल्टीनेशनल कंपनियों के ऑफिस खुलने की तैयारी शुरू भी हो चुकी है.
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