Greater Noida: केंद्र सरकार ने जारी किया 165 करोड़ रुपए का स्ट्रेस फंड, अधूरे पड़े 900 फ्लैट का काम होगा पूरा

ग्रेटर नोएडा में जल्द ही अपने आशियाने का सपना पूरा होगा. केंद्र सरकार के फंड से पूरे होगा अधूरे फ्लैट का निर्माण.

ग्रेटर नोएडा में जल्द ही अपने आशियाने का सपना पूरा होगा. केंद्र सरकार के फंड से पूरे होगा अधूरे फ्लैट का निर्माण.

केंद्र सरकार द्वारा अधूरे फ्लैट का निर्माण पूरा कराने के लिए 165 करोड़ रुपए का स्ट्रेस फंड जारी किया है. ऐसे में शहर के 900 खरीदारों का आशियाना पाने का सपना इस साल के अक्टूबर और अगले वर्ष फरवरी तक पूरा होने की उम्मीद है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 9:43 AM IST
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ग्रेटर नोएडा. केंद्र सरकार द्वारा अधूरे फ्लैट को पूरा कराने के लिए जारी किए गए स्ट्रेस फंड से शहर के 900 खरीदारों का आशियाना पाने का सपना इस साल के अक्टूबर और अगले वर्ष फरवरी तक पूरा हो जाएगा. केंद्र सरकार द्वारा स्थापित स्पेशल विंडो फॉर कंपलीशन ऑफ कंस्ट्रक्शन ऑफ अफॉर्डेबल एंड मिड इनकम हाउसिग प्रोजेक्ट्स (स्वामीह) के नाम से स्थापित फंड के तहत 165 करोड़ रुपए कैपिटल इंफ्राटेक होम्स प्राइवेट लिमिटेड को स्वीकृत हुए हैं. इससे कुल 900 फ्लैट का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा, जिनमें 450 का अक्टूबर व बाकी 450 फ्लैट का फरवरी 2021 तक काम पूरा होगा.

ग्रेटर नोएडा के सीईओ नरेंद्र भूषण की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वामीह इन्वेस्टमेंट के सलाहकार द्वारा प्रस्तुतीकरण दिया गया. इसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण क्षेत्र के तहत अधूरी पडीं ग्रुप हाउसिग परियोजनाओं को जल्द पूरा कराने पर चर्चा हुई. प्राधिकरण के मुताबिक देशभर में केंद्र सरकार द्वारा अधूरे फ्लैट को पूरा कराने के लिए 25 हजार करोड़ का स्ट्रेस फंड जारी किया गया है. भारतीय स्टेट बैंक कैप मार्केट्स को नोडल एजेंसी नियुक्त किया गया है। प्रदेश सरकार ने भी ग्रुप हाउसिग परियोजनाओं को पूरा कराने और खरीदारों को राहत पहुंचाने के लिए प्राधिकरण को दिशा निर्देश जारी किए हैं.

इसी के तहत क्षेत्र के बिल्डरों को प्रोत्साहित करने के लिए बुलाया जा रहा है. इसी कड़ी में एसबीआइ कैप्स ने बिल्डर कैपिटल इंफ्राटेक होम्स प्राइवेट लिमिटेड को 165 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं. इससे प्राधिकरण का बकाया व अन्य प्रक्रिया पूरी कर ली गईं और सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है. अब 15 मार्च को प्राधिकरण में अन्य बिल्डरों के साथ बैठक होगी, जिसमें उनकी परियोजानाओं को पूरा कराने पर चर्चा होगी. इस स्वामीह फंड का लाभ लेने के लिए बिल्डर को आवेदन करना होगा.
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