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COVID-19: प्रशासन के निर्देश के बाद भी नहीं खुले प्राइवेट अस्पताल, चिकित्सक भी नहीं उठा रहे हैं फोन

COVID-19: प्रशासन के निर्देश के बाद भी नहीं खुले प्राइवेट अस्पताल, चिकित्सक भी नहीं उठा रहे हैं फोन

छत्तीसगढ़ में शनिवार को 44 नए पॉजिटिव केस सामने आए. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

छत्तीसगढ़ में शनिवार को 44 नए पॉजिटिव केस सामने आए. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

प्राइवेट हॉस्पिटल (Private Hospital), नर्सिंग होम व क्लीनिक में भी ओपीडी संचालित करने के साथ ही इमरजेंसी में मरीजों को देखने को लेकर एडवाइजरी जारी की गई थी. लेकिन इसके बावजूद भी अधिकांश प्राइवेट अस्पताल ओपीडी संचालित नहीं कर रहे हैं.

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    गाजियाबाद. देश में कोरोना वायरस (Corona virus) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. अभी तक 26 हजार से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 8 सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई है. वहीं, कोरोना वॉरियर्स दिन-रात काम कर रहे हैं. इधर खबर है कि गाजियबाद (Ghaziabad) में प्रशान के बार-बार निर्देश देने के बाद भी प्राइवेट अस्पताल (Private Hospital) नहीं खुले हैं. ऐसे में सामान्य रोगियों को भी इलाज कराने में पेरशानी हो रही है. जानकारी के मुताबिक, हाल ही में मीटिंग के बाद जिलाधिकारी ने प्रवाइवेट और सरकारी डॉक्टरों के नम्बर जारी किए थे, लेकिन फोन करने पर अधिकांश चिकित्सक फोन नहीं उठाते हैं. इससे सामान्य रोगियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

    सूत्रों के मुताबिक, बीते दिनों मोदीनगर में डाक्टरों ने इलाज करने से इनकार कर दिया था. तब तहसीलदार एवं पूर्व मंत्री ने इसकी शिकायत भी की थी. वहीं, सीएमओ डा. एनके गुप्ता ने बताया कि निजी हॉस्पिटल्स के लिए एक बार फिर से एडवाइजरी जारी की जाएगी. ताकि, लॉकडाउन के दौरान किसी भी आम लोगों को इलाज के लिए  परेशानी का सामना नहीं करना पड़े. इसके लिए सरकारी स्तर पर जिला एमएमजी अस्पताल में सामान्य ओपीडी शुरू कर दी गई है.

    मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है
    वहीं, प्राइवेट हॉस्पिटल, नर्सिंग होम व क्लीनिक में भी ओपीडी संचालित करने के साथ ही इमरजेंसी में मरीजों को देखने को लेकर एडवाइजरी जारी की गई थी. लेकिन इसके बावजूद भी अधिकांश प्राइवेट अस्पताल ओपीडी संचालित नहीं कर रहे हैं. यहां तक कि इमरजेंसी में भी मरीजों का इलाज नहीं किया जा रहा है. गाजियाबाद के मोदीनगर, खोड़ा साहिबाबाद, लोनी, डासना मुरादनगर सहित बीच शहर में भी बने अस्पतालों में भी ओपीडी नहीं खुले हैं. वहीं, कई जगह हॉस्पिटल भी नहीं खुले हैं. हालांकि, इसकी शिकायत स्वास्थ्य विभाग को मिल गई है.

    फिर से एडवाइजरी जारी की जाएगी
    अमर उजाला के मुताबिक, सीएमओ डा. एनके गुप्ता ने कहा कि प्राइवेट डॉक्टरों द्वारा मरीजों को नहीं देखने की शिकायतें मिली हैं. ऐसे समय में डॉक्टरों को मरीजों के उपचार के लिए कोरोना संबंधी सभी सावधानी बरतते हुए इलाज कर सकते है. इस संबंध में एक बार फिर से सभी निजी अस्पताल, नर्सिंग होम,  क्लीनिक संचालकों को एडवाइजरी जारी की जाएगी. फिर यदि कोई डॉक्टर मरीज को नहीं देखता है तो उसके खिलाफ  कार्रवाई की जाएगी. वहीं, आईएमए गाजियाबाद के अध्यक्ष वीबी जिंदल का कहना है कि गाजियाबाद क्षेत्र में अधिकांश अस्पतालों में ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं चालू हैं, यदि अन्य क्षेत्रों में शुरू नहीं है तब वहां चिकित्सकों से बात की जाएगी. उन्होंने बताया,आईएमए के व्हाट्सएप पर मरीज अपनी समस्या भेज रहे हैं.

    निशुल्क टेलीफोनिक इलाज की सुविधा शुरू
    वहीं, आईएमए की ओर से मरीजों के निशुल्क टेलीफोनिक इलाज की सुविधा शुरू करने पर दो दिनों में ही जिले के 1801 मरीजों ने नंबर पर मैसेज कर इलाज के बारी में जानकारी मांगी है. दो ही दिन में इतने मैसेज आने से आईएमए थोड़ा उत्साहित तो है पर अधिकारियों को परेशानी हो रही है. दरअसल, आईएमए की ओर से हेल्पलाइन व्हट्सएप नंबर पर केवल मैसेज करने और उसमें अपना नंबर भी लिखकर देने की अपील की गई है. डॉ. वर्मा ने बताया कि जो लोग मैसेज कर रहे हैं वह अपने मैसेज में अपना नंबर टाइप करके नहीं जोड़ रहे हैं. ऐसे में उन्हें रिप्लाई करने और उनका नंबर संबंधित डॉक्टर तक पहुंचाने में खासी दिक्कत हो रही है.

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    Tags: Corona, Corona Virus, Ghaziabad News, Lockdow, Uttar pradesh news

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