गाजियाबाद धर्मांतरण मामला: अफवाह की शिकायत पर सक्रिय हुई पुलिस, FIR दर्ज कर छानबीन शुरू

पिछले दिनों गाजियाबाद में वाल्मीकि समाज के 236 लोगों ने बौद्ध धर्म अपनाने की खबर आई थी. ये तस्वीर भी तभी की है.
पिछले दिनों गाजियाबाद में वाल्मीकि समाज के 236 लोगों ने बौद्ध धर्म अपनाने की खबर आई थी. ये तस्वीर भी तभी की है.

गाजियाबाद (Ghaziabad) के साहिबाबाद में पप्पू कॉलोनी के रहने वाले मोंटू चंदेल वाल्मीकि की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों और संगठनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 23, 2020, 9:13 AM IST
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गाजियाबाद. दिल्ली से सटे गाजियाबाद में हाथरस कांड (Hathras Case) से आहत वाल्मीकि समाज (Valmiki Community) के 50 परिवारों के 236 लोगों के बौद्ध धर्म (Buddhism) अपनाने के मामले में नया मोड़ आ गया है. धर्मांतरण की अफवाह फैलाने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है. गाजियाबाद के साहिबाबाद में पप्पू कॉलोनी के रहने वाले मोंटू चंदेल वाल्मीकि की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों और संगठनों के खिलाफ यह मुकदमा दर्ज किया है. धर्मांतरण की झूठी अफवाह फैलाकर समाज में वैमनस्यता फैलाने की कोशिश के आरोपों को लेकर मामला दर्ज किया गया है.

दावा किया गया है कि सादे कागज व अधूरे कागजातों के आधार पर धर्मांतरण की अफवाह फैलाई गई. लोगों को फॉर्म देने वालों ने बताया कि ये लाभकारी योजनाओं का फॉर्म हैं. बाद में इसी को आधार बनाते हुए धर्मांतरण की अफवाह फैला दी गई.

शिकायतकर्ता ने किया यह दावा
मोंटू चंदेल द्वारा की गई तहरीर के अनुसार, 21 अक्टूबर को साहिबाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम करहेड़ा में कुछ अज्ञात लोगों और संगठनों द्वारा 230 लोगों के धर्मांतरण की झूठी अफवाह फैलाने की कोशिश की गई. इससे संबंधित प्रमाणपत्र में कोई नाम व पता नहीं है. साथ ही प्रमाणपत्र जारी करने की तारीख भी नहीं लिखी है. कोई पंजीकरण संख्या भी अंकित नहीं है. ऐसे में इस पर किसी का भी नाम लिखा जा सकता है, जो कि आपराधिक षड्यंत्र के तहत जातीय हिंसा व लोगों में विद्वेष भड़काने का प्रयास है. मोंटू ने ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.




ये है पूरा मामला
बता दें कि मामला गाजियाबाद के करहेड़ा इलाके का है. बीती 14 अक्टूबर को इलाके में रहने वाले वाल्मीकि समाज के 236 लोग एकजुट हुए और उन्होंने बाबा साहब अंबेडकर के परपोते राजरत्न अंबेडकर की मौजूदगी में बौद्ध धर्म की दीक्षा ली.

इन परिवारों का आरोप है कि हाथरस कांड से वे काफी ज्यादा आहत हुए हैं. आरोप यह भी है कि लगातार आर्थिक तंगी से जूझने के बावजूद इनकी कहीं सुनवाई नहीं होती है. इन लोगों ने आरोप लगाया कि हर जगह इनकी अनदेखी की जाती है. बीती 14 अक्टूबर का वो वीडियो भी सामने आया है, जिसमें राजरत्न आंबेडकर बौद्ध धर्म की दीक्षा इन लोगों को दे रहे हैं. इसी दौरान इन लोगों ने बौद्ध धर्म को अपना लिया. इन्हें भारतीय बौद्ध महासभा की तरफ से एक प्रमाण पत्र भी जारी किया गया है.

समाजसेवा करेंगे
धर्म परिवर्तन करने वाले बीर सिंह ने बताया कि उनके गांव के 50 परिवारों के 236 लोगों ने बौद्ध धर्म अपना लिया है, इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इसके लिए कोई फीस नहीं ली गई है. बस अब इस धर्म को अपनाने के बाद समाज सेवा जैसे अच्छे काम करने को कहा गया है.
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