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अप्रैल से ग्रेटर नोएडा को मिलने लगेगा गंगाजल, गाजियाबाद से आ रही है पाइप लाइन

23 किमी लम्बी पाइप लाइन डालकर गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा तक गंगाजल लाया जा रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

23 किमी लम्बी पाइप लाइन डालकर गाजियाबाद से ग्रेटर नोएडा तक गंगाजल लाया जा रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

Greater Noida News: गंगाजल के चलते पानी (Water) की मात्रा भी बढ़ाई गई है. साल 2015 में शुरू होने वाली यह योजना ज़मीन (Land) अधिग्रहण के चलते लेट हो गई है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 24, 2021, 9:22 AM IST
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नोएडा. गर्मियों में ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) को गंगाजल पीने को मिल सकता है. 10 साल के लम्बे इंतज़ार के बाद आखिरकार गंगाजल की सप्लाई शुरू होने जा रही है. अगर किसी तरह की कोई तकनीकी अड़चन नहीं आई तो इसी साल अप्रैल के शुरू से गंगाजल (Gangajal) की सप्लाई शुरू हो जाएगी. हालांकि, ग्रेटर नोएडा के सभी एक से लेकर 122 सेक्टर और 19 गांवों को गंगाजल पिलाने की है, लेकिन शुरुआत ग्रेनो से होने जा रही है. अच्छी बात यह है कि अब 6 की जगह 12 घंटे पानी की सप्लाई की जाएगी.

जानकारों की मानें तो साल 2010 में यह योजना शुरू हुई थी. योजना पर जर्मनी की एक संस्था और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने काम किया है. सिर्फ ग्रेनो तक गंगाजल लाने का खर्च करीब 290 करोड़ रुपये है, जबकि ग्रेटर नोएडा वेस्ट को भी शामिल करने के बाद योजना की लागत 350 करोड़ रुपये हो गई है. वर्ष 2010 में यह योजना शुरू हुई थी. योजना पर जर्मनी की एक संस्था और एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने काम किया है.

एक किमी की पाइप लाइन का बचा है काम
जानकारों की मानें तो 22 किमी के एरिया में पाइप लाइन डाली जा चुकी है. अब सिर्फ एक किमी के इलाके में पाइप लाइन डालने का काम बाकी रह गया है. गाजियाबाद के देहरा गांव से ग्रेटर नोएडा तक पाइप लाइन बिछाई गई है. इस लाइन से ग्रेटर नोएडा तक 51.9 क्यूसेक गंगाजल लाया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि अभी शुरुआत में कुछ सेक्टर और गांवों से गंगाजल पिलाने की शुरुआत की जाएगी. हालांकि, पानी की यह मात्रा बाद में बढ़कर 85 क्यूसेक तक पहुंच जाएगी.
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गंगाजल आने से 15 क्यूसेक बढ़ जाएगी पानी की मात्रा
जानकारों की मानें तो अभी तक ग्रेनो में 70 क्यूसेक ग्राउंड वॉटर की सप्लाई हो रही है, लेकिन पीने में यह पानी खारा है. इस योजना के तहत ग्रेनो में 85 क्यूसेक गंगाजल की सप्लाई की जाएगी. गंगाजल को ट्रीट करने के लिए वाटर ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाए जा रहे हैं.



पहला ट्रीटमेंट प्लांट देहरा से 11 किलोमीटर दूर. दूसरा वहां से 18 किलोमीटर दूर पल्ला में बनाया गया है. इसी रास्ते से होकर ग्रेनो के मास्टर रिजर्व वायर तक गंगाजल लाया जाएगा. फिर यहां से सप्लाई के लिए बने रिजवॉयर तक पानी पहुंचाया जाएगा. आखिर में ओवरहेड टैंक के जरिए पूरे ग्रेनो में गंगाजल की सप्लाई की जाएगी.
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