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Good News: ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी 6 और गांवों को बनाएगी 'स्मार्ट विलेज', 25 करोड़ रुपये होंगे खर्च

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट के तहत 124 गांवों को स्मार्ट बनाने की योजना है.

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट के तहत 124 गांवों को स्मार्ट बनाने की योजना है.

Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी ने छह और गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने की पहल शुरू की है. प्राधिकरण से 25 करोड़ के टेंडर जारी किये हैं. पहले चरण में 14 गांवों को स्मार्ट बनाने की योजना है. योजना की शुरुआत मायचा गांव से हो चुकी है.

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ग्रेटर नोएडा. ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी के गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने की दिशा में प्राधिकरण ने एक और बड़ी पहल की है. प्राधिकरण ने छह गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने के लिए टेंडर जारी कर दिये हैं. इन पर करीब 25 करोड़ रुपये रुपये खर्च होंगे. एक माह में टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराने की योजना है.

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अंतर्गत 124 गांव आते हैं. इन गांवों को स्मार्ट विलेज में तब्दील करने की योजना है. प्राधिकरण पहले चरण में 14 गावों को स्मार्ट बनाने पर काम कर रहा है, जिनमें ग्राम मायचा, छपरौला, सादुल्लापुर, तिलपता-करनवास, घरबरा, चीरसी, लड़पुरा, अमीनाबाद (नियाना), सिरसा, घंघोला, अस्तौली, जलपुरा, चिपियाना खुर्द-तिगड़ी, युसुफपुर चक शाहबेरी शामिल हैं. इन गांवों में काम शुरू कराने के बाद पांच और गांवों को भी स्मार्ट विलेज बनाने की योजना है, जिनमें चुहड़पुर, पुराना हैबतपुर, बिसरख, हल्दौनी, रिछपाल गढ़ी शामिल हैं. इन 14 गांवों को स्मार्ट बनाने में करीब 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

मायचा गांव से हो चुकी है शुरुआत 

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण के निर्देश पर प्राधिकरण स्मार्ट विलेज योजना की शुरुआत मायचा गांव से कर चुका है. मायचा में काम शुरू हो चुका है. अमानीबाद उर्फ नियाना गांव का भी टेंडर जारी हो गया है. अब छह और गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने के लिए निविदा आमंत्रित करने की प्रक्रिया चल रही हैं. इन गांवों में चिपियाना खुर्द (तिगड़ी) , छपरौला, युसुफपुर चकशाहबेरी, जलपुरा, घरबरा और घंघोला शामिल हैं. इनके टेंडर एक से डेढ़ माह में फाइनल हो जाएंगे. उसके बाद शीघ्र काम शुरू करने की तैयारी की जाएगी.

दो चरणों में स्मार्ट बनाये जाएंगे विलेज 

इन गांवों को स्मार्ट विलेज बनाने की योजना दो चरणों में परवान चढ़ेगी. पहले चरण में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा. मसलन, हर घर को पानी व सीवर कनेक्शन से जोड़ा जाएगा. सीवर लाइनों को एसटीपी से जोड़ा जाएगा. पूर्व में सीवर लाइनें आधी-अधूरी डाल दी गईं. उनको एसटीपी से नहीं जोड़ा गया. इन गांवों की सड़कें बेहतर की जाएंगी. नाली बनाई जाएंगी. हर गली में स्ट्रीट लाइट होगी. कम्युनिटी हॉल बनेंगे. इन गांवों में विद्युतीकरण के कार्य भी होंगे. वहीं, दूसरे चरण में लाइब्रेरी, वाई-फाई की सुविधा, युवाओं के लिए ट्रेनिंग सेंटर, स्मार्ट क्लास बोर्ड आदि की सुविधा दी जाएगी. ट्रेनिंग सेंटर में युवाओं को रोजगार परक कोर्स की जानकारी दी जाएगी, जिससे उनको कैरियर बनाने में मदद मिल सके.

स्मार्ट विलेज और उन पर खर्च होने खर्च 

  1. चिपियाना खुर्द उर्फ तिगड़ी- 1.85 करोड़
  2. छपरौला- 3.24 करोड़
  3. युसुफपुर चक शाहबेरी- 0.88 करोड़
  4. जलपुरा- 5.82 करोड़
  5. घंघोला- 6.68 करोड़
  6. घरबरा- 5.89 करोड़

स्मार्ट विलेज के तहत होने वाले कार्य एक नजर में

-सड़कें, ड्रेनेज, सीवरेज, जलापूर्ति और बिजली के कार्य.
-सामुदायिक केंद्र, पंचायत घर और प्राथमिक विद्यालय का विकास.
-हॉर्टिकल्चर व लैंड स्कैपिंग के कार्य-वाई-फाई की सुविधा,
-खेल के मैदान का विकास.
-तालाबों का संरक्षण-सौर ऊर्जा का संरक्षण-कूड़े का प्रबंधन.
-स्ट्रीट फर्नीचर लगाना.
-युवाओं को हुनरमंद बनाना और रोजगार के लिए प्रेरित करना.

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