बिल्डिंग हादसा: अब तक निकाले गए 8 शव, मलबा हटाने में लग सकते हैं दो और दिन

इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. साथ ही 24 लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है

News18 Uttar Pradesh
Updated: July 18, 2018, 11:39 PM IST
बिल्डिंग हादसा: अब तक निकाले गए 8 शव, मलबा हटाने में लग सकते हैं दो और दिन
ग्रेटर नोएडा में बिल्डिंग हादसे की जगह की तस्वीर (File Photo)
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Updated: July 18, 2018, 11:39 PM IST
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी गांव में मंगलवार रात दो इमारतें ढह जाने से 8 लोगों की मौत हो गई. बिल्डिंग हादसे में अबतक 8 शव निकाले जा चुके हैं. इसमें एक बच्चा भी शामिल है. अभी भी 12 से 14 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है. एनडीआरएफ की चार कंपनियां मलबा हटाने में जुटी हैं. एनडीआरएफ के मुताबिक, मलबे में दबे लोगों के बचने की संभावना बहुत कम बची है. मलबा हटाने में दो दिन और लग सकते हैं.

इससे पहले पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. साथ ही 24 लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. डीएम बीएन सिंह ने कहा कि इन दोनों मकानों को बनाने में शामिल सभी बिल्डर, कॉन्ट्रैक्टर और घर बेचने वाले ब्रोकर के खिलाफ गिरफ्तारी के साथ-साथ उन पर एनएसए (नेशनल सिक्योरिटी एक्ट) के तहत भी कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि इन लोगों ने पब्लिक ऑर्डर को डिस्टर्ब करने की कोशिश की है.

अधिकारियों पर गिरी गाज
इस संबंध में योगी सरकार ने सख्त रवैया अपनाते हुए विशेष कार्याधिकारी डॉ विभा चहल को हटा दिया है. उन्हें प्रशासन ने कृषि उत्पादन शाखा का विशेष सचिव नियुक्त किया है. प्रशासन ने सहायक परियोजना अख्तर अब्बास जैदी और प्रबंधन परियोजना वीपी सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. इस हादसे के जांच की जिम्मेदारी मेरठ के कमिश्नर को सौंपी गई है. वह सरकार को इस मामले से संबंधित जानकारियां सौंपेंगे.

सीएम ने दिया सहायता राशि उपलब्ध कराने का निर्देश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रेटर नोएडा में हुए बिल्डिंग हादसे के पीड़ित परिजनों की सहायता के लिए दो लाख रुपए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि अवैध निर्माण कराने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज करायी जाए और दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी की जाए.

मजिस्ट्रियल जांच का आदेश
डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि मजिस्ट्रियल जांच का आदेश दिया गया है. अवैध निर्माण करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार शिकायतों का परीक्षण कराएगी कि अवैध निर्माण कैसे हुआ. लापरवाही करने वालों पर सरकार एक्शन लेगी. अभी घटनास्थल पर राहत और बचाव का कार्य कराया जा रहा है.

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