Lockdown: भुखमरी से जूझ रहे हैं फिलिस्तीन में 200 भारतीय इंजीनियर, केंद्र से लगाई गुहार
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Lockdown: भुखमरी से जूझ रहे हैं फिलिस्तीन में 200 भारतीय इंजीनियर, केंद्र से लगाई गुहार
बीते 31 मार्च को हिंदपीढ़ी में एक मलेशियाई युवती के रूप में राज्य का सबसे पहला कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया था.

फिलिस्तीन में फंसे 200 से ज्यादा इंजीनियर (Indian Engineer) भुखमरी (Starvation) से जूझ रहे हैं. इनमें से कुछ इंजीनियर नोएडा (Noida) से भी हैं.

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ग्रेटर नोएडा. फिलिस्तीन में फंसे 200 से ज्यादा इंजीनियर (Indian Engineer) भुखमरी (Starvation) से जूझ रहे हैं. इनमें से कुछ इंजीनियर नोएडा (Noida) से भी हैं. ये लोग देश वापसी के लिए केंद्र सरकार (Government of India) और विदेश मंत्रालय से लगातार गुहार लगा रहे हैं. हालात खराब होने से अब उन्हें फिलिस्तीन में राशन नहीं मिल रहा है. इसके चलते उनके सामने भुखमरी का संकट गहराता जा रहा है. फिलिस्तीन के शहर मेट्रो मनीला में फंसे नोएडा के निवासी आदित्य शर्मा ने बताया कि वे और उनका परिवार सेक्टर-79 में रहता है. कुछ वर्षों पहले ही उनकी शादी हुई है. नोएडा में उनकी पत्नी और बेटा रहते हैं. आदित्य नोएडा में ही एक आईटी कंपनी में कार्यरत हैं और कंपनी के काम के सिलसिले में फिलिस्तीन गए थे और उन्हें 18 मार्च को भारत वापस लौटना था. फिलीस्तीन में 17 मार्च को लॉकडाउन होने के बाद उनकी देश वापसी नहीं हो पाई. उन्होंने फिलिस्तीन स्थित दूतावास में संपर्क किया और उन्हें वहां जल्द ही लॉकडाउन खुलने का आश्वासन मिला है.

'मां दिल्ली में अकेली है और मैं फिलीस्तीन में फंसा हुआ हूं'

हिंदुस्तान के अनुसार, इंजीनियर दीपांशु भाटिया भी फिलिस्तीन में फंसे हुए हैं. वे नोएडा स्थित एक आईटी कंपनी में नौकरी करते हैं. वे फिलीस्तीन के मेरला शहर में फंस गए हैं. वो भी कंपनी के काम के सिलसिले में मार्च के पहले सप्ताह में फिलिस्तीन पहुंचे थे और उनकी भी 18 मार्च की वतन वापसी की टिकट थी, लेकिन लॉकडाउन के चलते वे भी भारत नहीं आ पाए. उन्होंने बताया कि दिल्ली के रोहिणी इलाके में उनकी मां अकेले रहती हैं और उनकी उम्र 68 साल है. घर में उनका ध्यान रखने वाला कोई नहीं है. उन्हें मां की चिंता सता रही है. उनके पास भारत लौटने का लॉकडाउन खुलने से पहले कोई विकल्प भी नहीं है.




होटल और रेस्टोरेंट बंद होने से हो रही परेशानी

नोएडा के सेक्टर 78 में परिवार के साथ रहने वाले एके शर्मा भी फिलिस्तीन में फंसे हुए हैं. उन्होंने बताया कि वो भी काम के सिलसिले में फिलिस्तीन गए थे. वहां वे परेशान हैं क्योंकि वे पहली बार फिलिस्तीन गए हैं. लॉकडाउन के चलते सभी होटल और रेस्टोरेंट बंद है और उन्हें खाने-पीने को लेकर बहुत समस्याएं हो रही हैं.

फिलिस्तीन में 16 हजार भारतीय छात्र फंसे हुए हैं

सूत्र के अनुसार फिलिस्तीन में 16 हजार भारतीय छात्र फंसे हुए हैं. लॉकडाउन के चलते इनकी परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ गई है. अब सभी छात्र देश वापस लौटने के लिए मोदी सरकार से गुहार लगा रहे हैं. ग्रेटर नोएडा निवासी दिनेश कुमार का बेटा भी फिलिस्तीन में फंसा हुआ है. लॉकडाउन की वजह से उनका बेटा भारत वापस नहीं आ पा रहा है, इसलिए वे बहुत ज्यादा चिंतित हो रहे हैं.

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