नरेश त्यागी हत्याकांड: BJP विधायक ने गाजियाबाद पुलिस पर उठाए सवाल, बोले- जल्दबाजी में फर्जी खुलासे में जुटी

बीजेपी विधायक अजीत पाल त्यागी ने गाजियाबाद पुलिस पर सवाल खड़े किए हैं.

अजीत पाल त्यागी गाजियाबाद (Ghaziabad) की मुरादनगर सीट से विधायक हैं. विधायक का कहना है कि पुलिस उनको भी गुमराह करने के लिए ऐसे अपराधियों को गिरफ्तार कर रही है, जिनका इस केस से कोई संबंध नहीं है.

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गाजियाबाद. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) में 9 अक्टूबर को हुए नरेश त्यागी हत्याकांड (Naresh Tyagi Murder Case) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक अजीत पाल त्यागी (MLA Ajeet Pal Tyagi) ने पुलिस पर गभीर आरोप लगाए हैं. अजीत पाल त्यागी गाजियाबाद की मुरादनगर सीट से विधायक हैं. वह नरेश त्यागी के बेटे अभिषेक के साथ मीडिया के सामने आए. विधायक का कहना है कि पुलिस उनको भी गुमराह करने के लिए ऐसे अपराधियों को गिरफ्तार कर रही है, जिनका इस केस से कोई संबंध नहीं है.

हिंदू युवा वाहिनी के नेता की हिरासत पर उठाए सवाल

गाजियाबाद में 9 अक्टूबर को हुए नरेश त्यागी हत्याकांड में आज भारतीय जनता पार्टी के विधायक अजीत पाल त्यागी पहली बार मीडिया के सामने आए. उन्होंने गाजियाबाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. उनके मुताबिक गाजियाबाद पुलिस ने उनके मामा नरेश त्यागी के हत्या केस में हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र त्यागी को हिरासत में रखा है. विधायक ने बताया कि पुलिस ने उनकी बात जितेंद्र त्यागी से करवाई थी, जब खुद एसपी सिटी अपनी गाड़ी में बैठाकर विधायक को ले गए थे. विधायक ने बताया कि पुलिस बेवजह किसी को फंसा रही है. जबकि उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं हैं.

नरेश त्यागी के बेटे अभिषेक ने भी पुलिस की थ्योरी पर खड़े किए सवाल

यही नहीं नरेश त्यागी के बेटे अभिषेक त्यागी भी पहली बार मीडिया के सामने आए, उन्होंने भी पुलिस की कहानी पर सवाल खड़े कर दिए. विधायक और अभिषेक त्यागी दोनों ने बताया कि पुलिस जबरदस्ती किसी फर्जी आदमी को हत्याकांड में फंसा रही है. दोनों के मुताबिक पुलिस ने कोई ऐसी कहानी तैयार कर रखी है, जिसमे कोई भी फंस जाए.

किसी निर्दोष को बंद नहीं होने देना चाहता: विधायक

विधायक ने कहा कि आज तक मैं इस मामले में मीडिया से दूरी बनाकर चल रहा था ताकि किसी प्रशासनिक अफसर पर कोई दबाव न हो. मैं किसी निर्दोष को इस केस में बंद नहीं होने देना चाहता था. लेकिन पुलिस 9 तारीख को सुबह 11 बजे मेरे पास एक लाइन लेकर आई और उससे पहले पुलिस ने उस लाइन पर काम भी करना शुरू कर दिया था. उसी लाइन को आगे बढ़ाते हुए 11 तारीख को एक अपराधी का नाम लेकर मेरे पास पुलिस आती है. मकसद साफ हो गया है, कुछ लोग आपको परेशान करना चाहते हैं, उन्होंने ये काम कराया.

सबूत के साथ केस खोल जाए

मैंने पूछा परेशान करना राजनीतिक है या रंजिशन है. पुलिस ने कहा कि राजनीतिक रूप से नुकसान करना चाहता है. पुलिस खुद मान रही है कि गिरफ्तार शख्स न तो शूटर है, न ही उसने हत्या की योजना बनाई. बस पुलिस ने ये कहा कि मकसद चूंकि साफ हो गया है तो कुछ दिनों में सब बात सामने आ जाएगी. मैंने कहा कि जब सामने आ जाए तो सबूत के साथ केस खोला जाए.



शूटर कौन है? पुलिस के पास जवाब नहीं है

विधायक ने कहा कि मीडिया के माध्यम से एक कहानी प्रचारित कराई गई. मैंने कई बार साफ किया कि मैं इसमें बिना दोष के किसी को भी जेल नहीं जाने दूंगा. एक और नई कहानी सामने आई है. 36 घंटे से हो सकता है, वो शख्स पुलिस के पास हो. शूटर कौन है? पुलिस के पास इसका जवाब नहीं है. विधायक ने कहा कि एक स्यानी का अपराधी है मिंटू त्यागी, उसके माध्यम से वो कुछ नाम आगे बढ़ाना चाहती है. विधायक ने कहा कि मुझे लगता है कि पुलिस के हाथ में कुछ नहीं है, इसलिए केस के खुलासे में जल्दबाजी कर रही है.

विधायक ने कहा कि हिंदू संगठन के जितेंद्र त्यागी को पुलिस के घेरे में उनके पास लाया गया. उसने बस ये कहा कि आप समझ जाओ, जब उन्होंने पूछा कि शूटर कौन है? तो जितेंद्र त्यागी ने कहा कि भइया को पता होगा. ये भइया कौन है ये पता नहीं है. जाहिर है पुलिस के पास पुख्ता कोई सबूत नहीं है.