अपना शहर चुनें

States

कोरोना का नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र पर नहीं दिखा असर, मिला 7617 करोड़ रुपये का निवेश

चार चरण में बनने वाले इस हवाई अड्डे की शुरुआती क्षमता 1.2 करोड़ यात्री प्रति वर्ष की होगी.
चार चरण में बनने वाले इस हवाई अड्डे की शुरुआती क्षमता 1.2 करोड़ यात्री प्रति वर्ष की होगी.

नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र (Noida International Airport Region) को कोविड के दौर में 7617 करोड़ रुपये का निवेश मिला है. जबकि उत्तर प्रदेश सरकार इसे विश्वस्तरीय बनाने में पूरा जोर लगा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 23, 2020, 6:46 PM IST
  • Share this:
ग्रेटर नोएडा. कोविड-19 महामारी (COVID-19) के बावजूद नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा (Noida International Airport) क्षेत्र को चालू वित्त वर्ष के दौरान 7,617 करोड़ रुपये का निवेश मिला है. एक शीर्ष सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि इनमें से कुछ बड़े निवेश फॉर्च्यून-500 कंपनियों से मिले हैं.

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुण वीर सिंह ने कहा कि अप्रैल से दिसंबर तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस क्षेत्र में 911 कंपनियों को प्लॉट आवंटित किए हैं. इनसे 1.91 लाख रोजगार के अवसरों का सृजन होने की उम्मीद है. आपको बता दें कि अरुण वीर सिंह नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा लि. (नायल) के सीईओ भी हैं. उन्होंने कहा कि इस विशाल नई परियोजना से उत्तर प्रदेश के जेवर क्षेत्र में जबर्दस्त बुनियादी ढांचा विकास हो रहा है. इसमें सड़क और रेल संपर्क भी शामिल है. यह राष्ट्रीय राजधानी से करीब 70 किलोमीटर पर स्थित है.

दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन नोएडा हवाईअड्डे पर होगा
जेवर को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. साथ ही ग्रेटर नोएडा मेट्रो से भी यह क्षेत्र जुड़ा होगाा. सिंह ने कहा कि महत्वाकांक्षी दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन नोएडा हवाईअड्डे पर भी होगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि यह सबकुछ पहली उड़ान से पूर्व तैयार हो जाएगा. पहली उड़ान दिसंबर, 2023 या जनवरी, 2024 में होने की उम्मीद है.
अरुण वीर सिंह के मुताबिक, हवाईअड्डे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) में दिल्ली से वाराणसी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन के एक स्टेशन का उल्लेख है. इसके अलावा ग्रेटर नोएडा को जेवर से जोड़ने वाली मेट्रो लाइन को भी मंजूरी मिल चुकी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली हवाईअड्डे से जेवर हवाईअड्डे के लिए कोई अलग सीधी मेट्रो लाइन नहीं होगी.



आपको बता दें कि चार चरण में बनने वाले इस हवाई अड्डे की शुरुआती क्षमता 1.2 करोड़ यात्री प्रति वर्ष की होगी, जिसे अलग-अलग चरण में बढ़ाते हुए 2050 तक सात करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक किया जाएगा. हवाई अड्डे का नाम नोएडा अंतरराष्ट्रीय ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा, जेवर (Noida International Greenfield Airport) होगा और इसे लंदन, मॉस्को और मिलान के विश्वप्रसिद्ध एयरपोर्ट की तर्ज पर तैयार किया जाएगा.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज