नोएडा में ड्राइव इन वैक्सीनेशन सेंटर की शुरुआत, 45 साल से ऊपर वालों को कार में ही लगेगा टीका

नोएडा में ड्राइव इन वैक्सीनेशन की शुरुआत (फाइल फोटो)

नोएडा में ड्राइव इन वैक्सीनेशन की शुरुआत (फाइल फोटो)

Noida Drive in Vaccination: गौतमबुद्ध नगर में वैक्सीनेशन सेंटर की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई है. अगर यह प्रयोग सफल रहा तो प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसे शुरू किया जाएगा.

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नोएडा. उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर (Noida) में प्रदेश का पहला ड्राइव इन वैक्सीनेशन सेंटर (Drive in Vaccination Centre) की शुरुआत सोमवार से की गई है. टीकाकरण अभियान में तेजी लाने के उद्देश्य से नोएडा ईस्ट गेट डीएलएफ मॉल और ग्रेटर नोएडा शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को ड्राइव इन वैक्सीनेशन सेंटर की शुरुआत हो गई है. यहां 45 साल के ऊपर के लोग, जिन्होंने पहली डोज लगवा रखी है, वे सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक वैक्सीन लगवा सकते है.

दरअसल, गौतमबुद्ध नगर में वैक्सीनेशन सेंटर की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई है. अगर यह प्रयोग सफल रहा तो प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसे शुरू किया जाएगा. इसके पीछे का उद्देश्य यह है कि जो लोग अस्पतालों में जाने से बच रहे हैं वे अपनी कार में ही वैक्सीन लगवा सकते हैं. इससे अस्पतालों में भी भीड़ कम होगी. पहले दिन 200 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है.

टीकाकरण में आएगी तेजी

बता दें कि रविवार को नोएडा दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों के लिए वैक्सीनेशन की स्पीड को और बढ़ाने के निर्देश दिए थे. इसके बाद सोमवार से नोएडा में अब ड्राइव इन वैक्सीनेशन सेंटर की शुरुआत की गई है. यह उत्तर प्रदेश का पहला ऐसा जिला होगा जहां इस तरीके की मुहिम शुरू की गई है. यह मुहिम ग्रेटर नोएडा के स्टेडियम में 17 मई यानी सोमवार से शुरू हो गई है. इस मुहिम का हिस्सा 45 साल से ज्यादा के लोग बन सकेंगे और रजिस्ट्रेशन के बाद ही उन्हें वैक्सीन लगेगी. वह अपनी कार से डेस्टिनेशन पर पहुंचेंगे और उसके बाद उन्हें इंजेक्शन लगाया जाएगा.
सीएमओ ने कही ये बात

सीएमओ दीपक ओहरी का कहना है शहर में 2 जगह इस तरह के प्रोग्राम की शुरुआत की गई है, ताकि 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले लोगों को वैक्सीनेशन में सहूलियत मिल सके. अस्पतालों में वैक्सीनेशन के लिए लगातार लंबी लाइने लग रही है, जिस कारण कई लोगों को बिना वैक्सिन लगवाए वापस जाना पड़ता था. इस तरह के प्रोग्राम से अस्पतालों में वैक्सीनेशन के लिए भीड़ कम हो जाएगी।

(रिपोर्ट: अमित सिंह )

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