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NOIDA: फ्लैट खरीदने-बेचने को 15 दिन में जारी करना होगा NOC, वरना होगा एक्शन; जानें नियम

NOIDA: फ्लैट खरीदने-बेचने को 15 दिन में जारी करना होगा NOC, वरना होगा एक्शन; जानें नियम

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण 

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में काफी दिनों से शिकायत मिल रही थी कि घर खरीदने या बेचने में अपार्टमेंट ऑनर एसोसिशन (AoA) पैसे मांगता है. जिसके कारण आम लोगों को एक बड़ी समस्या झेलनी पड़ती है. इसके बाद ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के सीईओ सुरेंद्र भूषण ने यह स्पष्ट कर दिया कि एओए फ्लैट मालिकों से मेंटेनेंस के अलावा कोई अन्य राशि की मांग नहीं कर सकते.

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रिपोर्ट: आदित्य कुमार

ग्रेटर नोएडा: अगर आप ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के क्षेत्र में घर खरीदना और बेचना चाहते हैं और कोई आपके काम में अड़ंगा लगाता है तो यह खबर आपके लिए है. दरअसल प्राधिकरण के सीईओ सुरेंद्र सिंह ने यह साफ कह दिया है कि 15 दिन के भीतर अपार्टमेंट ऑनर एसोसिशन (AoA) अगर एनओसी (NOC) जारी नहीं करता है तो कर्रवाई भी हो सकती है.

दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में काफी दिनों से शिकायत मिल रही थी कि घर खरीदने या बेचने में अपार्टमेंट ऑनर एसोसिशन (AoA) पैसे मांगता है. जिसके कारण आम लोगों को एक बड़ी समस्या झेलनी पड़ती है. इसके बाद ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) के सीईओ सुरेंद्र भूषण ने यह स्पष्ट कर दिया कि एओए फ्लैट मालिकों से मेंटेनेंस के अलावा कोई अन्य राशि की मांग नहीं कर सकते.

क्या होता है AoA?
एओए यानी अपार्टमैंट ऑनर एसोसिशन. जब कोई भी सोसाइटी बनकर तैयार हो जाती है, तो बिल्डर सोसाइटी को वहां के निवासियों को सौंपती है, और एक ग्रुप बनाती है उसी को एओए (AoA) कहते हैं. यह कम्पनी अधिनियम के तहत ही बनाया जाता है. इसमें सोसाइटी के ही लोगों द्वारा चुने गए कुछ मेंबर बनते हैं. इनका काम सोसाइटी का रखरखाव करने, शिकायतों का निराकरण करने का होता है.

120 बिल्डरों और एओए को नोटिस
सीईओ सुरेंद्र सिंह ने कहा कि निवासियों से इस तरह से पैसे की मांग करना अवैध है. यह केवल भ्रष्टाचार है. प्राधिकरण ने 120 बिल्डरों और एओए को नोटिस भेजकर बताया है कि मेंटेनेंस को छोड़कर किसी भी मद में कोई पैसा नहीं मांगा जा सकता है. पैसे की मांग करने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई तक की जाएगी. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कोई अपार्टमेंट ऑनर एसोसिएशन से एनओसी के लिए आवेदन करता है तो 15 दिन के अंदर एनओसी जारी करना ही होगा, नहीं तो प्राधिकरण यूपी अपार्टमेंट एक्ट के सेक्शन-39 के तहत फ्लैट ट्रांसफर की स्वीकृति खुद दे देगा.

अपार्टमेंट एक्ट क्या कहता है?
एनसीआर में फ्लैट बायर्स के हितों में काम करने वाली संस्था नेफोवा की महासचिव श्वेता भारती बताती हैं कि यूपी में अपार्टमेंट अधिनियम, 2010 के तहत घर खरीदने और बेचने में फ्लैट ऑनर फ्लैट की ट्रांसफर वैल्यू की कीमत का मात्र 1/2 प्रतिशत रुपए ही एसोसिएशन को ट्रांसफर के लिए देगा. उस पैसे को बिल्डिंग के ठीक करने इत्यादि के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इससे ज्यादा की मांग नहीं की जा सकता. अगर कोई इस तरह से लाखों रुपए की मांग करता है तो यह सही नहीं है.

Tags: Greater noida news, Noida news, Uttar pradesh news

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