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जिला अस्पताल के कर्मचारियों के मिलीभगत से होती थी वैक्सीनेशन में धांधली

जिला अस्पताल के कर्मचारियों के मिलीभगत से होती थी वैक्सीनेशन में धांधली

जिला अस्पताल के कर्मचारियों के मिलीभगत से होती थी वैक्सीनेशन में धांधली

जिला अस्पताल में वैक्सीन की पूर्ति की जाती है, प्रतिदिन जितने ऑनलाइन स्लॉट बुक होते हैं उसी के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध कराई जाती है और 'ऑन दी स्पॉट' स्लॉट बुकिंग वालों की भी कोटा सीमित होती है, उसी के अनुसार वैक्सीन यहां पर दी जाती है.

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    नोएडा: आए दिन जिला अस्पताल में कोरोना (COVID 19) के वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों की भीड़ लगी रहती थी. कई लोगों को लाइन में घंटो लगने के बाद भी वैक्सीनेशन बिना ही बैरंग वापस लौटना पड़ता था. कई लोग अपने पहचान वाले कर्मचारियों के सहारे बिना पंक्ति में खड़े हुए ही वैक्सीन लगवा लेते थे. लेकिन इस स्थिति में सुधार लाने के लिए जिला अस्पताल प्रशासन ने कोशिश शुरू कर दी है. जिसने ऑनलाइन स्लॉट बुक किया है उसे तो उसी स्लॉट के अनुसार वैक्सीन दी जाएगी लेकिन \”ऑन दी स्पॉट\” वैक्सीन लगवाने के लिए पहले नंबर लगाए जाएंगे उसके अनुसार ही वैक्सीन लगाई जाएगी.

    पहले आओ पहले पाओ वाली व्यवस्था होगी लागू
    प्रतिदिन के अनुसार जिला अस्पताल में वैक्सीन की पूर्ति की जाती है, प्रतिदिन जितने ऑनलाइन स्लॉट बुक होते हैं उसी के अनुसार वैक्सीन उपलब्ध कराई जाती है और ‘ऑन दी स्पॉट’ स्लॉट बुकिंग वालों की भी कोटा सीमित होती है, उसी के अनुसार वैक्सीन यहां पर दी जाती है. यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) सुषमा चंद्रा का. उन्होंने कहा कि \”जो लोग ऑनलाइन पंजीकरण लोग कराते है, उन्हें तो स्लॉट ऑनलाइन मिल जाता है, वो डेटा हमारे पास भी कंप्यूटर में सेव हो जाता है.लेकिन जो लोग अस्पताल में आकर पंजीकरण कराते थे, उनके लिए समस्या होती थी. कुछ लोग अस्पताल के अंदर बैठे पहचान के कर्मचारियों से मिलकर आगे जाकर वैक्सीन लगवा लेते थे, बांकी लोग जिनका कोई जान-पहचान नहीं है उन्हें बारबार अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते थे.\”सुषमा चंद्रा ने बताया कि \”दो हफ्ते पहले जब मैं यहां आई तो इस तरह के अनियमितता मुझे देखने को मिली, जिसके बाद नई व्यवस्था तैयार की गई है.जिनके अनुसार वैक्सीनेशन के लिए अस्पताल परिषर में ही एक स्थान तैयार किया गया है. जिसमे सिर्फ वैक्सीनेशन के लिए ही रखा गया है.पहले जो स्थान था वहां अन्य बीमारियों के इलाज वाले लोग भी आते थे, जिस कारण संक्रमण का खतरा भी बना रहता था.\”चंद्रा ने जानकारी दी कि \” जो ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग के अलावा लोग आते है, उनका रजिस्टर में नाम मैन्शन किया जाता है, उनका आधार कार्ड नंबर दर्ज किया जाता है, उसके अनुसार उनको टोकन देकर टोकन नंबर के अनुसार बुलाया जाता है.

    जिला में क्या है वैक्सीनेशन की स्थिति?

    जिला गौतमबुद्ध नगर में अब तक 15.39 लाख वैक्सीन लग चुके है, जिसमे 12.6 लाख पहला डोज है वही, 2.73 लाख दूसरा डोज लोगों को लग चुका है. वहीं पूरे जिले के कोटे की बात करे तो एक दिन में 9 से 10 हजार वैक्सीन रोज जिला गौतमबुद्धनगर के झोली में आते हैं.  अगस्त तक 20 हजार डोज प्रतिदिन तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है.

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