जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को विकसित करने वाली इस कंपनी से 7 अक्टूबर को होगा अनुबंध

इस अनुबंध पर नियाल के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह दस्तखत करेंगे. (सांकेतिक फोटो)
इस अनुबंध पर नियाल के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह दस्तखत करेंगे. (सांकेतिक फोटो)

इस अनुबंध पर नियाल के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह (CEO Dr. Arunveer Singh) दस्तखत करेंगे. नोएडा अथॉरिटी की सीईओ ऋतु महेश्वरी और यूपी नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक सुरेंद्र सिंह भी बतौर गवाह दस्तखत करेंगे.

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नोएडा. जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar International Airport) को निकसित करने वाली कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी (Zurich International Airport AG) और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (Noida International Airport Limited) के बीच 7 अक्टूबर को अनुबंध होगा. कोरोना महामारी की वजह से कई बार अनुबंध की तिथि बढ़ाई जा चुकी है. अनुबन्धन लखनऊ या यमुना प्राधिकरण के दफ्तर में किया जाएगा. इस पर फैसला एक-दो दिन में हो जाएगा.

इस अनुबंध पर नियाल के सीईओ डॉ.अरुणवीर सिंह दस्तखत करेंगे. नोएडा अथॉरिटी की सीईओ ऋतु महेश्वरी और यूपी नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक सुरेंद्र सिंह भी बतौर गवाह दस्तखत करेंगे. पीपीपी मॉडल पर बनने वाले इस एयरपोर्ट को बनाने की जिम्मेदारी स्विट्जरलैंड की कंपनी ज्यूरिख इंटरनेशनल एयरपोर्ट एजी को मिली है.

29,560 करोड़ रुपए आंकी गई है इसकी अनुमानित लागत
दावा है कि निर्माण पूरा होने के बाद यह देश का सबसे बड़ा हवाईअड्डा होगा. बीते फरवरी महीने में अधिकारियों का कहना था कि स्विट्जरलैंड की कंपनी ने प्रति यात्री सबसे ऊंची बोली लगाई है. परियोजना के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने कहा था कि जेवर हवाईअड्डा या नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट जब पूरी तरह विकसित हो जाएगा तो यह 5,000 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला होगा. इसकी अनुमानित लागत 29,560 करोड़ रुपए आंकी गई है.
पहले से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में मौजूद हैं दो एयरपोर्ट


जेवर हवाईअड्डा के लिए 30 मई को अंतरराष्ट्रीय निविदा जारी की गई थी. इस हवाईअड्डा के प्रबंधन के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने एक एजेंसी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नायल) गठित की है. दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में बनने वाला यह तीसरा हवाईअड्डा पूरी तरह से नए सिरे से विकसित (ग्रीनफील्ड) किया जाएगा.

जेवर हवाईअड्डे पर होंगी छह से आठ हवाई पट्टियां
इससे पहले दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और गाजियाबाद में हिंडन हवाईअड्डा मौजूद है. परियोजना के नोडल अधिकारी शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि पूरी तरह बनकर तैयार होने के बाद जेवर हवाईअड्डे पर छह से आठ हवाई पट्टियां होंगी जो देश में अब तक किसी हवाई अड्डे की तुलना में सबसे अधिक होंगी.
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