Home /News /uttar-pradesh /

हमीरपुर लोकसभा सीट: बीजेपी के सामने सीट बरकरार रखने की चुनौती

हमीरपुर लोकसभा सीट: बीजेपी के सामने सीट बरकरार रखने की चुनौती

हमीरपुर के बीजेपी प्रत्याशी कुंवर पुष्पेंद्रचंद्र सिंह चंदेल जनसंपर्क में लोगों का अभिवादन स्वीकार करते.

हमीरपुर के बीजेपी प्रत्याशी कुंवर पुष्पेंद्रचंद्र सिंह चंदेल जनसंपर्क में लोगों का अभिवादन स्वीकार करते.

कांग्रेस के अलावा यहां से बीजेपी, बीएसपी, एसपी, जनता दल और लोक दल भी जीत चुके हैं. बीजेपी ने यहां एंट्री मारी 1991 में, जब विश्वनाथ शर्मा जीते.

    उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड की हमीरपुर लोकसभा सीट चित्रकूट धाम बांदा मंडल का हिस्सा है. कानपुर से करीब 65 किलोमीटर दूर है हमीरपुर. यहां वो सारी दिक्कतें हैं, जो बुंदेलखंड के साथ जुड़ती हैं. वो सारी अच्छी बातें भी हैं, जो बुंदेलखंड के साथ हैं. यमुना और बेतवा नदियों के किनारे बसा यह इलाका मंदिरों के लिए मशहूर है. शहर में कई मंदिर हैं.

    हमीरपुर लोकसभा चुनाव 2019 में कौन हैं प्रत्याशी
    पिछली बार के विजेता कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल ही इस बार भी चुनाव मैदान में हैं. गठबंधन में यह सीट बीएसपी के हिस्से आई है, जिसके दिलीप सिंह को मैदान में उतारा गया है. कांग्रेस से प्रीतम सिंह चुनाव लड़ रहे हैं. कुंवर पुष्पेंद्र सिंह चंदेल का लोकसभा में बेहतर प्रदर्शन रहा है. पांच साल चले सदन के 331 दिन में वो 321 दिन उपस्थित रहे. इस दौरान उन्होंने 492 सवाल सदन में उठाए और 1,832 बहस में हिस्सा लिया. चंदेल 26 निजी बिल लेकर भी आए. हालांकि उन्होंने पांच साल में मिले 25 करोड़ सांसद निधि में से 13.5 करोड़ रुपये ही विकास कार्यों पर खर्च किए.

    बीजेपी प्रत्याशी पुष्पेंचंद्र सिंह चंदेल लोगों का अभिवादन स्वीकार करते हुए.


    हमीरपुर लोकसभा 2014 चुनाव का हाल
    2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने मोदी लहर में जीत दर्ज की और यहां से कुंवर पुष्पेन्द्र सिंह चंदेल सांसद बने. इस सीट पर 56.11 फीसदी मतदान हुए थे. बीजेपी के चंदेल ने सपा के बिशंभर प्रसाद निषाद को दो लाख 66 हजार 788 वोटों से मात देकर जीत हासिल की थी. उनको 4,53,884 वोट मिले. निषाद को 1,87,096 वोट मिले. बीएसपी के राकेश कुमार गोस्वामी तीसरे और कांग्रेस की प्रतिमा लोधी चौथे स्थान पर रहीं.

    2014 में उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों की तरह यहां भी बीजेपी ने जीत दर्ज की. हालांकि यह सीट ऐसी नहीं है, जिसे कोई पार्टी परंपरागत तौर पर अपनी कहे. कांग्रेस यकीनन ज्यादा बार जीती है. उसकी वजह यह है कि आजादी के बाद शुरुआती चुनावों में कांग्रेस के लिए उस तरह की चुनौती नहीं थी. कांग्रेस की दिक्कतें सही तौर पर शुरू हुईं 1977 से. कांग्रेस के अलावा यहां से बीजेपी, बीएसपी, एसपी, जनता दल और लोक दल भी जीत चुके हैं. बीजेपी ने यहां एंट्री मारी 1991 में, जब विश्वनाथ शर्मा जीते.

    बसपा प्रत्याशी दिलीप सिंह


    हमीरपुर का सामाजिक समीकरण
    हमीरपुर लोकसभा सीट पर 2011 के जनगणना के मुताबिक 82.79 फीसदी ग्रामीण और 17.21 फीसदी शहरी आबादी है. 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के मुताबिक इस लोकसभा सीट पर पांचों विधानसभा सीटों पर कुल 17,11,132 मतदाता हैं. अनुसूचित जाति की आबादी 22.63 फीसदी है. इसके अलावा राजपूत, मल्लाह और ब्राह्मण मतदाता काफी निर्णायक भूमिका में हैं. 8.26 फीसदी मुस्लिम मतदाता भी हैं. हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र के तहत पांच विधानसभा सीटें हैं- हमीरपुर, राठ, महोबा, चरखारी और तिंदवारी. इस समय पांचों सीटों पर बीजेपी का कब्जा है.

    आपके शहर से (लखनऊ)

    Tags: Akhilesh yadav, Amit shah, BJP, Congress, Lok Sabha Election 2019, Narendra modi, Uttar Pradesh Lok Sabha Constituencies Profile, Uttar pradesh news

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर