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खनन घोटाले में जांच कर रही सीबीआई के रडार पर 4 आईएएस अफसर, पुलिस भी 'खेल' में शामिल

UMA SHANKER | News18 Uttar Pradesh
Updated: December 2, 2019, 5:59 PM IST
खनन घोटाले में जांच कर रही सीबीआई के रडार पर 4 आईएएस अफसर, पुलिस भी 'खेल' में शामिल
हमीरपुर में खनन घोटाले की जांच के लिए सीबीआई टीम डेरा डाले हुए है.

अवैध खनन घोटाले (Illegal Mining Scam) में सीबीआई (CBI) की जांच का दायरा दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है. सीबीआई ने आठवें दिन 2010 से 2016 तक रहे आईएएस अफसरों द्वारा जो खनन पट्टे हुए थे, उनकी कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है. इसमें सीबीआई पूर्व में सबसे ज्यादा 43 पट्टे करने वाली आईएएस बी चन्द्रकला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है और अब तीन आईएएस सीबीआई के रडार पर हैं. इन अफसरों में जी श्रीनिवास लू, संध्या तिवारी और भावनाथ शामिल हैं.

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हमीरपुर. अवैध खनन घोटाले (Illegal Mining Scam) में सीबीआई (CBI) की जांच का दायरा दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है. सीबीआई ने आठवें दिन 2010 से 2016 तक रहे आईएएस अफसरों द्वारा जो खनन पट्टे हुए थे, उनकी कुंडली खंगालना शुरू कर दिया है. इसमें सीबीआई पूर्व में सबसे ज्यादा 43 पट्टे करने वाली आईएएस बी चन्द्रकला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है और अब तीन आईएएस सीबीआई के रडार पर हैं. इन अफसरों में जी श्रीनिवास लू, संध्या तिवारी और भावनाथ शामिल हैं.

इससे पहले रविवार को सीबीआई ने पुलिस की कार्यशैली की हकीकत जानने के लिए पुलिस अधीक्षक आवास में बने गोपनीय कार्यालय में छापेमारी की. सीबीआई ने गोपनीय कार्यालय से पिछले 10 सालो में पुलिस द्वारा अवैध खनन और खदानों से सम्बंधित हुई कार्यवाही की रिपोर्ट कब्जे में ली है. पता चला है कि तत्कालीन पुलिस के अधिकारियों ने खनन माफियाओं पर कार्रवाई न करते हुये उन्हें क्लीन चिट देने का काम किया है. वहीं सीबीआई द्वारा सरीला के बेंदा घाट में खनन क्षेत्र का जायजा लेने के बाद वहां के लेखपाल को भी तलब किया, जिसने पट्टे की स्वीकृति में रिपोर्ट लगायी थी.

2016 में हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंपी जांच

बता दें ई-टेंडर के जरिए मौरंग के पट्टे देने का प्रावधान था, आरोप है कि जिलाधिकारी पद पर रहते हुए सारे प्रावधानों की अनदेखी चन्द्रकला ने रमेश मिश्रा के साथ मिलकर की और जिले में जमकर अवैध खनन करवाया. 2015 में मौरंग के अवैध खनन पर हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई थी. 16 अक्टूबर 2015 को हाईकोर्ट ने सभी खनन पट्टे अवैध घोषित किए. लेकिन हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी खनन जारी रहा. 28 जुलाई 2016 को हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी थी. अप्रैल 2017 को हमीरपुर में सीबीआई की टीम ने अवैध खनन से जुड़े सभी खनन माफियों से पूछताछ की थी. इनमें रमेश मिश्रा के बड़े भाई सुरेश चंद्र मिश्रा से सीबीआई ने हमीरपुर डाक बंगले में पूछताछ कर चुकी है.

खनन माफियाओं को पुलिस का संरक्षण का आरोप

बता दें अवैध खनन घोटाले की जांच में पुलिस के ऊपर मौरंग खनन माफियाओं को संरक्षण देने का आरोप लगा है. साल 2009 से अब तक मौरंग खनन माफियाओं पर अवैध खनन की लगभग 128 रिपोर्ट दर्ज की गयी लेकिन इसमें पुलिस ने खनन माफियाओ को या तो क्लीन चिट दे दी या उनके स्थान पर किसी अन्य को आरोपी बनाकर चार्जशीट दाखिल की गई. कई मौरंग माफियाओं के नाम तो विवेचना में गायब कर दिये गये. इस खेल में विवेचक से लेकर उच्चाधिकारी तक शामिल हो सकते हैं. सीबीआई ने इन्हीं सब बिन्दुओ में जांच करते हुये पुलिस द्वारा अवैध खनन में दर्ज की गयी एफआईआर का ब्यौरा मांगा है.

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First published: December 2, 2019, 5:59 PM IST
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