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हापुड़ :- हापुड़ के प्रसिद्ध मंदिरों पर कैंटर से मिलेगा गंगाजल

हापुड़ :- हापुड़ के प्रसिद्ध मंदिरों पर कैंटर से मिलेगा गंगाजल

हापुड़ :- हापुड़ के प्रसिद्ध मंदिरों पर कैंटर से मिलेगा गंगाजल

हरिद्वार और उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा पर रोक लगने के बाद दिल्ली, पंजाब, हरियाणा से हजारों की संख्या में कावड़ उठाने के लिए शिवभक्त गढ़मुक्तेश्वर की पहुंच सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है.

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हापुड़ : उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा को रद्द कर दिया है. लेकिन श्रावण मास में वर्षों से चली आ रही प्रथा को देखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा फैसला लिया है. उत्तर प्रदेश सरकार के कदम को देखते हुए प्रशासन ने जनपद हापुड़ के मुख्य मंदिरों के पास गंगाजल की व्यवस्था करने का निर्णय लिया है. प्रशासन का निर्णय इसलिए भी जरूरी है कि उत्तराखंड के हरिद्वार में कांवड़ यात्रा पर रोक लगने के बाद भी उत्तर प्रदेश की तीर्थ नगरी गढ़मुक्तेश्वर से भी कावड़ उठाने की परंपरा वर्षो से चली आ रही है. जिसको देखते हुए प्रशासन ने हापुड़ जनपद के मुख्य मंदिरों पर गंगाजल के टैंकर रखने का निर्णय लिया है ताकि भोले के भक्तों को गढ़मुक्तेश्वर में कावड़ उठाने के लिए ना पहुंचना पड़े और भक्तों को मुख्य मंदिरों के पास ही गंगाजल मिल जाए. इसी को लेकर प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है.

कवाड़ यात्रा की रोक है चुनौती
आशंका जताई जा रही है कि हरिद्वार और उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा पर रोक लगने के बाद दिल्ली, पंजाब, हरियाणा से हजारों की संख्या में कावड़ उठाने के लिए शिवभक्त गढ़मुक्तेश्वर की पहुंच सकते हैं.
अगर ऐसा हुआ तो प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है. हजारों कावड़िए तीर्थ नगरी गढ़मुक्तेश्वर से गंगाजल भरकर अपने गंतव्य को रवाना होंगे. इसी को देखते हुए प्रशासन की चिंता बढ़ गई है और जनपद के आला अधिकारियों ने निर्णय लिया है कि जनपद के मुख्य मंदिरों पर गंगाजल की व्यवस्था की जाए ताकि. कावड़िए तीर्थ नगरी बृजघाट ना पहुंच सके और मुख्य मंदिरों के पास से ही जल भरकर भोले का अभिषेक करें.

श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार व शिवरात्रि के दिन भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं. कुछ भक्त हरिद्वार व गढ़ गंगा से गंगाजल लेकर आते हैं और भगवान का जलाभिषेक करते हैं. ऐसे में भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने हापुड़ के मुख्य शिव मंदिरों के पास गंगाजल का टैंकर खड़ा करने की व्यवस्था की है.

डीएम अनुज सिंह ने बताया कि श्रावण शिवरात्रि तथा श्रावण माह के प्रत्येक सोमवार को शिवमन्दिरों पर जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या एवं कोविड-19 के संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए यह आवश्यक है कि श्रद्धालुओं को जागरूक करते हुए भीड़ एकत्र न हो एवं धार्मिक आस्था के दृष्टिगत उपरोक्त सभी शिवमन्दिरों पर गंगा जल की भी व्यवस्था करायी जाये. जिससे श्रद्धालुओं को मन्दिर पर ही गंगाजल उपलब्ध होने के कारण, जनसमूह के रूप में यात्रा करने, एक स्थान पर एकत्र होने से रोका जा सके.

इन मंदिरों में मिलेंगे गंगा जल के टैंकर
इन मंदिरों पर होगी गंगाजल की व्यवस्था गढ़मुक्तेश्वर के नक्का कुंआ शिवमंदिर ,हापुड़ के ग्राम सबली में शिवमंदिर ,ग्राम छपकौली शिवमंदिर , धौलाना के ग्राम दहपा स्थित शिवमंदिर, ग्राम सपनावत तहसील धौलाना स्थित शिवमंदिर, ग्राम कल्याणपुर तहसील गढ़मुक्तेश्वर स्थित शिवमंदिर,ग्राम दत्तियाना स्थित शिवमंदिर  में पानी के टैंकरों के माध्यम से ब्रजघाट से गंगाजल लाकर भरे हुए टैंकर  मन्दिरों के समीप खड़े होंगे.


हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

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हापुड़ : जानिए कहां मा वैष्णो देवी की तर्ज पर देवियों के मंदिर में हो रहा गुफा का निर्माण

मंदिर में हो रहा गुफा का निर्माण

अब हापुड़ में भी मां वैष्णो देवी धाम की तर्ज पर मंदिर में एक गुफा का निर्माण कराया जा रहा है.इस गुफा के दर्शन करने पर आपको मां वैष्णो देवी धाम का एहसास होगा, इसका निर्माण तेजी से कराया जा रहा है. मंदिर में नौ देवियों की प्राण प्रतिष्ठा कर वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर गुफा का निर्माण कराया जा रहा है.

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माता वैष्णो देवी धाम की तर्ज पर हापुड़ के एक मन्दिर में नौ देवियों की प्राण प्रतिष्ठा कर गुफा का निर्माण कराया जा रहा है

अगर आप मां वैष्णो देवी धाम की गुफा के दर्शन करने का सोच रहे हैं तो आपकी यह इच्छा उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ में भी पूरी हो सकती है, जी हां, अब आपको हापुड़ में भी मां वैष्णो देवी धाम की तर्ज पर मंदिर में एक गुफा का निर्माण कराया जा रहा है.इस गुफा के दर्शन करने पर आपको मां वैष्णो देवी धाम का एहसास होगा, इसका निर्माण तेजी से कराया जा रहा है. मंदिर में नौ देवियों की प्राण प्रतिष्ठा कर वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर गुफा का निर्माण कराया जा रहा है. जिसका कार्य जल्दी ही पूरा हो जाएगा. उम्मीद है कि यह गुफा जल्द ही बनकर तैयार हो जाएगी जो हापुड़ के लोगों के लिए एक अटूट आस्था का केंद्र होगी. गुफा बनने से इस मंदिर की लोकप्रियता और बढ़ जाएगी.

माता वैष्णो देवी मंदिर की तर्ज पर हापुड़ के एक मन्दिर में नौ देवियों की प्राण प्रतिष्ठा कर गुफा का निर्माण कराया जा रहा है,इसका निर्माण हापुड़ रेलवे सुरक्षा बल द्वारा कराया जा रहा है,जिसका कार्य जल्द ही पूरा होगा.रेलवे सुरक्षा बल के इस कार्य के लिए उनकी लोग जमकर प्रशंसा कर रहें हैं.आप को बता दें कि हापुड़ के रेलवे पार्क के पीछे रेलवे सुरक्षा बल हापुड़ बैरक का नीलकंठ महादेव मंदिर है.आवास विकास वाले पुल के पास स्थित इस मन्दिर में नौ देवियों की प्राण प्रतिष्ठा कर वैष्णो देवी मन्दिर की तर्ज पर गुफा बनाई जा रही है.

मंदिर के पुजारी पंडित शिवेंद्र शास्त्री ने बताया कि आरपीएफ के बैरिक के पास एक बहुत पुराना मंदिर है,जिसको नीलकंठ महादेव मंदिर के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर का काफी महत्व है, आरपीएफ के सौजन्य से इसमें निर्माण कार्य चल रहा है मां वैष्णो देवी की तर्ज पर नौ देवियों की प्राण प्रतिष्ठा कर गुफा बनाने का कार्य किया जा रहा है.इसका निर्माण जल्द ही पूरा हो जाएगा और फिर भक्त यहां आकर दर्शन का लाभ उठा पाएंगे.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : जानिए किसने कहा कि हिंदी रोजगार की भाषा,सिखाती है सामाजिकता और संस्कार

शिक्षाविद डॉ तिलक सिंह हिंदी की महत्वा पर अपने विचार रखते हुए

हिंदी की लोकप्रियता का सबसे बड़ा उदाहरण पत्रकारिता है, ट्रांसलेशन के क्षेत्र में भी हिंदी का बड़ा महत्व है इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर तलाशे जा सकते हैं. देश के कई विश्वविद्यालयों के सिलेबस में भी हिंदी को वरीयता दी गई है, अनेक भाषाओं के शब्दों का समायोजन हिंदी को समृद्ध बनाता है केवल भारतीय ही नहीं विदेशी पटल पर भी हिंदी पढ़ी जाने वाली प्रिय भाषाओं में एक बनती जा रही है, प्रवासी हिंदी साहित्य पटल पर समृद्ध हो रहा है.

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हिंदी रोजगार की भाषा,सिखाती है सामाजिकता और संस्कार

उत्तरप्रदेश के जनपद हापुड में शिक्षाविद डॉ तिलक ने हिंदी में 100 से अधिक शोध कार्य और चार किताबे लिखकर हिंदी की गरिमा को बढ़ाया है. उनके द्वारा लिखित पुस्तके भारत के सभी विश्वविद्यालय के कोर्स में शामिल है. हिंदी की लोकप्रियता का सबसे बड़ा उदाहरण पत्रकारिता है, ट्रांसलेशन के क्षेत्र में भी हिंदी का बड़ा महत्व है इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर तलाशे जा सकते हैं. देश के कई विश्वविद्यालयों के सिलेबस में भी हिंदी को वरीयता दी गई है, अनेक भाषाओं के शब्दों का समायोजन हिंदी को समृद्ध बनाता है केवल भारतीय ही नहीं विदेशी पटल पर भी हिंदी पढ़ी जाने वाली प्रिय भाषाओं में एक बनती जा रही है, प्रवासी हिंदी साहित्य पटल पर समृद्ध हो रहा है.

डॉ तिलक का का जन्म 20 जनवरी 1944 को आगरा के एक गांव में हुआ था, इनके पिता किसान थे इन्होंने हाई स्कूल तक की पढ़ाई गांव से कुछ दूरी एक स्कूल में की. 1960 में इन्होंने हाईस्कूल परीक्षा पास की जिसमें उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया था.उस समय सरकारी आदेश था कि जो विद्यार्थी हाई स्कूल में प्रथम स्थान प्राप्त करेगा उसके लिए भारत सरकार द्वारा दूरसंचार विभाग में सीधे नियुक्ति मिलेगी. नौकरी के साथ साथ ही इन्होंने स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई के साथ आगरा विश्वविद्यालय से भाषा विज्ञान में पीएचडी कर 1978 में हापुड़ के एसएसबी डिग्री कॉलेज में हिंदी विभाग में नियुक्ति हुई, इस कॉलेज में इन्होंने शोध परिषद की स्थापना कराई.डॉक्टर तिलक के 500 आर्टिकल राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पत्रिका में प्रकाशित हो चुके है.भाषा विज्ञान पर 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उनके सानिध्य में पीएचडी करने वालों में कई छात्र आज आईएएस, पीसीएस है.उल्लेखनीय कार्य के लिए भारत सरकार ने डॉक्टर तिलक को दो बार सम्मानित.
डॉक्टर तिलक की पुस्तकें सभी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों में शामिल है 1: नवीन शोध विज्ञान, 2: नवीन भाषा विज्ञान, 3 : हिंदी भाषा और साहित्य का इतिहास यह किताबें देश में आईएएस,पीसीएस, आईपीएस की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए अति महत्वपूर्ण बताई गई हैं.

डॉ तिलक ने बताया कि उनके द्वारा लिखित पुस्तके विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम में शामिल हैं हिंदी में सबसे अधिक रोजगार हैं. उनकी पुस्तक हिंदी भाषा और साहित्य का इतिहास आईएएस, आईपीएस, पीसीएस, नेट की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं. कई बार हिंदी की बारीकियां सीख आईपीएस, आईएएस बन चुके हैं. डिग्री कॉलेज में प्रवक्ता बनने के लिए हिंदी में पीएचडी जरूरी है, इसके अलावा अनुवाद हिंदी अधिकारी, भाषा अधिकारी पद पर जाने की भी अच्छी संभावनाएं हैं.


हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : वायरल (Viral) बुखार के बाद डेंगू ने दी दस्तक, पुलिसकर्मी समेत कई मरीज मिले 

मरीज को देखते हुए डॉक्टर

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1 : हापुड़ में वायरल बुखार के बाद डेंगू ने दी दस्तक पुलिसकर्मी समेत कई मरीज हुए भर्ती 

हापुड़ जनपद में वायरल बुखार और टाइफाइड के बाद अब जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है, एक पुलिसकर्मी समेत 7 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है, निजी लैब की रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग में संदिग्ध सैंपल की जांच कराई थी. डेंगू के मच्छर का लार्वा तलाश कर नष्ट करने के लिए रैपिड टीमों को लगाया गया है. अस्पतालों में डेंगू के मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं. जिले में वायरल और टाइफाइड का प्रकोप कम नहीं हो रहा अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना करीब 400 से 500 मरीज पहुंच रहे हैं, इसके अलावा नजला, खांसी के मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है.

सीएमओ डॉक्टर रेखा शर्मा ने बताया कि जिले में डेंगू का असर बीते सालों के मुकाबले काफी कम है.अस्पतालों में इस रोग से बचाव को बेहतर उपचार की सुविधा के साथ चिकित्सकों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं, रैपिड टीमों को भी अलर्ट कर दिया गया है, किसी भी मरीज को परेशान नहीं होना पड़ेगा.

2 : मुख्यमंत्री योगी की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन,22 सितम्बर को हापुड़ आनें की सम्भावना, अधिकारियों ने किया दौरा

हापुड़ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 22 सितम्बर को हापुड आनें की सम्भावना के चलते पुलिस प्रशासन तैयारियों में जुट गया हैं. प्रशासनिक अधिकारियों ने मौकें का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया.जानकारी के अनुसार जनपद के पिलखुवा में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 सितंबर को पिलखुआ के रामलीला मैदान में आनें की सम्भावना हैं. पिलखुवा रामलीला मैदान पिलखुआ में 22 सितंबर को होने वाली उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा की सूचना मिलते ही प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं.

जिलाधिकारी अनुज सिंह ने रामलीला मैदान का निरीक्षण कर ऊर्जा विभाग को रामलीला मैदान में लगे अनुपयोगी विद्युत पोल हटाने के निर्देश दिए.प्रस्तावित 22 सितंबर के कार्यक्रम की सूचना मिलते ही रामलीला मैदान में भरे बारिश के पानी को सुखाने के लिए मिट्टी डालने का काम के साथ अन्य विभाग भी तैयारी में जुट गए हैं.

3 : कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा पहुँचे हापुड़

हापुड़ जनपद में पहुंचे कैबिनेट एवं ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों के साथ वार्ता कर जनता की समस्याओं के बारे में जाना. कैबिनेट मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि हम जनता के आशीर्वाद से राजनीति करते है, जनता के हितों पर काम करते है. जो-जो जनता से वादे किये थे उन पर खरा उतरने का पूरा प्रयास किया है.हम विकास की राजनीति करते है. विकास किया है विकास कर रहे है और आगे भी करते रहेंगे.कैबिनेट मंत्री श्रीकांत ने बताया कि लोगों के मुद्दों पर वह लगातार काम करते है उन्ही काम के बल पर हम जनता के बीच मे जाएंगे.

4 : अतिक्रमण और प्रतिबंधित पॉलीथिन के खिलाफ अभियान

हापुड़ : नगर पालिका परिषद पिलखुवा के अधिकारीयों बुधवार को पिलखुवा के चंडी मंदिर, बस अड्डा, गांधी बाजार, चंडी रोड, न्यू आर्यनगर, सर्वोदय नगर में फैल रहे अतिक्रमण और प्रतिबंधित पॉलिथिन के खिलाफ अभियान चलाया. अभियान के दौरान पालिका अधिकारियों की टीम द्वारा सडक़ पर अतिक्रमण कर रहे ठेलो को हटवाया और दुकानों से प्रतिबंधित पॉलीथिन जब्त कर जुर्माना वसूला गया.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : जानिए बनखण्डा में 500 वर्षो से अजगर और बसंती माता की याद में लगते आ रहे मेले(Mela) का इतिहास

अजगर माता और बसंती माता का मंदिर

जिसमें रियासत के कुछ गांवों में भयंकर आपदा, महामारी से समस्त क्षेत्र के गांवों में त्राहि-त्राहि से ग्रामीण बहुत परेशान थे.उस वक्त कुचेसर किला के महाराजा नरेश कंचन सिंह त्यागी के पुत्र कुंवर बनी सिंह त्यागी ने गांव बनखण्डा में चामुंडा माता पवित्र स्थान पर जन कल्याण के लिए एक विशाल महायज्ञ का आयोजन कराया था.

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जनपद हापुड़ के गांव बनखण्डा में पीढ़ी दर पीढ़ी जनश्रुति के आधार पर लगभग 500 वर्ष पूर्व कुचेसर किला की रियासत में 360 गांव थे. जिसमें रियासत के कुछ गांवों में भयंकर आपदा, महामारी से समस्त क्षेत्र के गांवों में त्राहि-त्राहि से ग्रामीण बहुत परेशान थे.उस वक्त कुचेसर किला के महाराजा नरेश कंचन सिंह त्यागी के पुत्र कुंवर बनी सिंह त्यागी ने गांव बनखण्डा में चामुंडा माता पवित्र स्थान पर जन कल्याण के लिए एक विशाल महायज्ञ का आयोजन कराया था. जिसमें कुचेसर रियासत क्षेत्र की समस्त जनता को आमंत्रित कर यज्ञ में आहुति देने के लिए एकत्रित किया गया था. विशाल यज्ञ रियासत के कुल गुरु पंडित जगन्नाथ प्रसाद तिवारी द्वारा संपन्न कराया गया था.
यज्ञ में आहुति देने ग्राम बनखण्डा के त्यागी समाज के एक परिवार से दो कन्याएं आई और हवन में शामिल हुई. हवन के कुछ ही समय  बाद दोनों कन्याओं (अजगर व बसंती) के जिस्म से अचानक अग्नि प्रकट हो गई तथा क्षेत्र की जनता के समक्ष यज्ञ में अग्नि समाधि लेकर अपने प्राणों की आहुति देकर जीवन समर्पित कर दिया था. इन दो कन्याओं के परमधाम जाने के कुछ ही क्षण बाद ही जल वर्षा शुरू हो गई थी. तब से लेकर आज तक कुचेसर रियासत क्षेत्र की जनता श्री अजगर माता व श्री बसंती माता की पुण्य स्मृति में माता पूजन मेले और दंगल का आयोजन होता आ रहा है.इस मेले में आस पास के सभी गांवों की लड़कियां दूर दूर से आ कर पूजा अर्चना करती है.मान्यता है कि माता कन्याओं की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं. इस मेले में लड़कियों की ज्यादा मान्यता है.

हापुड से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ में न्यूज़18 लोकल की खबर का हुआ बड़ा असर,अब आबू धाबी में खेलने के लिए जाएगा छोटा खली(Chhota Khali)

अब महावीर विनोद राणा बहुत खुश है

आबू धाबी जाने के लिए विनोद को एक लाख रुपये की आवश्यकता थी, जो उनके लिए सिरदर्द बनी हुई थी, महावीर राणा ने सरकार के मंत्री, विधायकों, नेताओं से मदद नहीं मिलने के बाद सोशल मीडिया पर देश की जनता से मदद की गुहार लगाई थी. न्यूज़18 लोकल ने जब महावीर विनोद राणा के एशियन चैंपियनशिप में चयन होने पर उनकी समस्या को लेकर जब प्रमुखता से ख़बर दिखाई तो लोगों ने विनोद राणा की आर्थिक मदद के लिए ना सिर्फ संपर्क करना शुरू किया और बल्कि आबू धाबी में होने वाली एशियन चैंपियनशिप में खेलने के लिए किराए की भी व्यवस्था कर दी.

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हापुड़ में न्यूज़18 लोकल की खबर का हुआ बड़ा असर,अब आबू धाबी में खेलने के लिए जाएगा छोटा खली

उत्तरप्रदेश के जनपद हापुड में छोटा खली के नाम से मशहूर महावीर विनोद राणा का एशियन चैंपियनशिप में चयन होने के बाद आबू धाबी जाने के लिए उनके पास किराए के पैसे नहीं थे.आबू धाबी जाने के लिए विनोद को एक लाख रुपये की आवश्यकता थी, जो उनके लिए सिरदर्द बनी हुई थी, महावीर राणा ने सरकार के मंत्री, विधायकों, नेताओं से मदद नहीं मिलने के बाद सोशल मीडिया पर देश की जनता से मदद की गुहार लगाई थी. न्यूज़18 लोकल ने जब महावीर विनोद राणा के एशियन चैंपियनशिप में चयन होने पर उनकी समस्या को लेकर जब प्रमुखता से ख़बर दिखाई तो लोगों ने विनोद राणा की आर्थिक मदद के लिए ना सिर्फ संपर्क करना शुरू किया और बल्कि आबू धाबी में होने वाली एशियन चैंपियनशिप में खेलने के लिए किराए की भी व्यवस्था कर दी.
लोगों के सहयोग से महावीर विनोद राणा अब आबू धाबी में खेलने के लिए 10 सितंबर को जाएंगे,जिससे विनोद राणा अब बहुत खुश हैं और उन्होंने न्यूज़ 18 लोकल को बार-बार धन्यवाद भी दिया है.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ :गणेश चतुर्थी पर मूर्तिकारों ने तैयार की पानी में घुलने वाली इको फ्रेंडली मूर्तियां

बाजार में विभिन्न रंग रूप में भगवान गणेश की मूर्तियां उपलब्ध

गणेश चतुर्थी को लेकर मूर्तिकारों ने इको फ्रेंडली भगवान गणेश बनाकर तैयार किए है जो महज 10 मिनट में ही पानी में घुल जाती है. श्रद्धालुओं को नहर या गंगा पर मूर्ति विसर्जन के लिए जाने की जरूरत नहीं होंगी.

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जनपद हापुड़ में कोरोना संकट के बीच गणेश चतुर्थी को लेकर मूर्तिकारों के अच्छे दिन आ गए है. गणेश चतुर्थी को लेकर मूर्तिकारों ने इको फ्रेंडली भगवान गणेश बनाकर तैयार किए है जो महज 10 मिनट में ही पानी में घुल जाती है. श्रद्धालुओं को नहर या गंगा पर मूर्ति विसर्जन के लिए जाने की जरूरत नहीं होंगी. इसके साथ ही बाजारों में विभिन्न रंग रूप में भगवान गणेश की प्रतिमा उपलब्ध है जिनमे अधिकतर लाल बाग़ के राजा, दगडू सेठ, अष्टविनायक, अमरावती के गणेश, बाल गणेश श्रंगार गणेश और पगड़ी वाले गणेश है. वही आसपास के जनपद के श्रद्धालु गणेश मूर्ति खरीदने पहुंच रहे है साथ ही श्रद्धालुओं में खासा उत्साह भी देखने को मिल रहा है.जिससे कुम्हारों और मूर्तियां बेचने वालों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई है.पिछले दो सालों में कोरोना के व्यापक असर ने मूर्ति उद्योग की कमर तोड़ दी थी.

गणपति बप्पा मोरिया से उत्साह

देश मे बेशक अभी कोरोना संकट टला नहीं हो लेकिन गणेश महोत्सव को लेकर जनपदवासी में उमंग और उत्साह है. गणपति बप्पा को रंग- बिरंगे कलरो से सजाने की तेरी शुरू हो गयी है. इस बार दस सितंबर से लेकर 19 सितंबर तक गणेश महोत्स्व रहेगा. जनपद में अनेको स्थानों पर गणेश महोत्सव का आयोजन होता है.गली-मोहल्लों में लोग एकत्र होकर मंडप सजाकर गणेश भगवान की प्रतिभा को स्थापित करते है. कई स्थानों पर मेले का भी आयोजन होता है. जिससे बच्चो के मनोरंजन के लिए झूले और सर्कस भी लगाए जाते हैं.


हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : जानिए कहां सीएचसी हुआ चिकित्सा सुविधाओं से लैस,जनता को मिलेगा लाभ

 सीएचसी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करते हुए विधायक

सिखैड़ा सीएचसी अस्पताल 60 बैड वाला हास्पिटल है और प्रत्येक बैड आक्सीजन प्लांट से जुड़ा है. इससे जनपद की जनता को बहुत लाभ होगा,महिलाओं, पुरुषों व बच्चों की अलग-अलग व्यवस्था है. सिखैड़ा सीएचसी क्षेत्र के रहनेवाले लोगो को फायदा होगा.

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हापुड़ : जानिए कहां सीएचसी हुआ चिकित्सा सुविधाओं से लैस,जनता को मिलेगा लाभ

हापुड़ : जनपद हापुड़ के सिम्भावली विकास खंड के गांव सिखैड़ा में चिकित्सा की आधुनिक सुविधाओं से लैस सीएचसी अस्पताल में आक्सीजन प्लांट का शुभारंभ गढ़मुक्तेश्वर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक कमल मलिक ने मंगलवार को नारियल तोड़कर व फीता काटकर किया.गढ़मुक्तेश्वर से भाजपा विधायक  कमल मलिक ने कहा कि सिखैड़ा सीएचसी अस्पताल 60 बैड वाला हास्पिटल है और प्रत्येक बैड आक्सीजन प्लांट से जुड़ा है. इससे जनपद की जनता को बहुत लाभ होगा,महिलाओं, पुरुषों व बच्चों की अलग-अलग व्यवस्था है. सिखैड़ा सीएचसी क्षेत्र के ग्रामीण लाभान्वित होंगे.गढ़ विधायक कमल मलिक ने दावा किया कि अगले एक पखवाड़े में कस्बा बहादुरगढ़ में सीएचसी प्रारम्भ हो जाएगा जो जिलास्तर का होगा. इस अवसर पर मुख्य चिकित्साधिकारी रेखा शर्मा भी उपस्थित रही.

2 : तेंदुए की दहशत से ग्रामीण हुए घरों में कैद

जनपद हापुड़ के थाना सिंभावली क्षेत्र के गांव सिखेड़ा मुरादाबाद के माजरा नयाबास में खेतों पर काम करने जा रहे किसानों ने 3 तेंदुए के बच्चे देखें. जिससे गांव के लोगों में खौफ है. ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दे दी है.वन क्षेत्राधिकारी राजेश कुमार का कहना हैं कि तेंदूए के बच्चों को जल्द पकड़ लिया जाएगा.
ग्राम प्रधान धर्मेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि आज गांव में तेंदुए देखे गए जिसके बाद वन विभाग के अधिकारियों को तेंदुए के बच्चे होने की सूचना दे दी गई. तेन्दुओं को पकड़ने के लिए पिंजरों की व्यवस्था की जा रही है. फिलहाल तेंदुए की तलाश के लिए वन विभाग के अधिकारी, ग्रमीण लगातार प्रयास कर रहे हैं.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : अपर जिलाधिकारी ने 84 आढ़तियों के लाइसेंस किए निरस्त

मंडी परिसर में पसरा सन्नाटा

जिला प्रशासन ने कोविड नियमो का पालन करने के लिए निर्देश दिए गए जिसमें मंडी परिसर में मास्क लगाकर रहें, शारीरिक दूरी का पालन करें और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें. लेकिन मंडी परिषद में इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ कई बार चेतावनी देकर सख्त कार्रवाई करने की बात कही फिर भी हालात ना सुधरने पर अपर जिलाधिकारी जयनाथ यादव ने आढ़तियों के 84 लाइसेंस निरस्त कर दिए.

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1 : अपर जिलाधिकारी ने 84 आढ़तियों के लाइसेंस किए निरस्त

कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन ना करना मंडी के आढ़तियों को भारी पड़ गया अपर जिलाधिकारी जयनाथ यादव ने मंडी अधिनियम एवं मंडी परिषद के निर्देशक द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन न करने पर आढ़तियों के 84 लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं.जिला प्रशासन ने कोविड नियमो का पालन करने के लिए निर्देश दिए गए जिसमें मंडी परिसर में मास्क लगाकर रहें, शारीरिक दूरी का पालन करें और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें. लेकिन मंडी परिषद में इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ कई बार चेतावनी देकर सख्त कार्रवाई करने की बात कही फिर भी हालात ना सुधरने पर अपर जिलाधिकारी जयनाथ यादव ने आढ़तियों के 84 लाइसेंस निरस्त कर दिए. उन्होंने बताया कि सभी लाइसेंसधारी जिनके लाइसेंस हो चुके हैं वे व्यापारी अब मंडी परिसर के अंदर किसी भी प्रकार की कोई भी व्यापारिक गतिविधि ना करें और तत्काल प्रभाव से मंडी परिसर से बाहर चले जाएं,अगर इसके बाद भी मंडी परिसर में व्यापारिक गतिविधि करते पाए जाने पर संबंधित व्यापारी के खिलाफ  धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. साथ ही जो वैध लाइसेंसधारी आढ़ती मंडी के अंदर अपना व्यापार कर रहे हैं, वे सभी नियमों का कड़ाई से पालन कराएं कोई भी आढ़ती  किसी भी दशा में मंडी के अंदर बनी काली सड़क पर वाहन लोडिंग व अनलोडिंग नहीं करेंगे.

2 : 55 गांव में दूर होगी लो-वोल्टेज की समस्या

हापुड़ : बिजली कटौती और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं के चलते बिजली विभाग ने रिवेम प्रोग्राम की शुरुआत की है, जिसमें बाबूगढ़ बिजली घर से जुड़े चार बिजली घरों में कैपेसिटी बैंक लगाकर क्षमता बढ़ाई जाएगी. इससे 55 गांवों के लोगों को लो वोल्टेज की समस्या से साल 2022 मार्च में निजात मिलेगी. आपको बता दें कि हापुड़ डिवीजन में घरेलू कमर्शियल और नलकूप के लगभग 94000 उपभोक्ता हैं जो कि 50 महीने 60 मिलियन यूनिट बिजली का इस्तेमाल करते हैं.इसके बाद भी ट्रिपिंग जैसी समस्याएं उपभोक्ताओं के साथ बनी रहती है. इसीलिए उपभोक्ताओं की समस्याओं को दूर करने के लिए निगम ने इस प्रोग्राम की शुरुआत की है.इस प्रोग्राम के तहत बाबूगढ़ क्षेत्र के 4 बिजली घरों में कैपेसिटी बैंक लगाया जा रहा है  गांव खेड़ा काकोरी गोहरा और बहादुरगढ़ शामिल है. इसका कार्य 2022 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा.जिसके बाद जनता को लो वोल्टेज से निजात मिल पाएगी.

3 : एकमुश्त समाधान योजना में  उपभोक्ताओं को मिलेगी ब्याज पर 100% छूट

हापुड़ : हापुड़ में बिजली विभाग 20 सितंबर से 5 अक्टूबर तक एकमुश्त समाधान योजना की शुरुआत करने जा रहा है. बिजली उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा सकते हैं. घरेलू और निजी नलकूप के उपभोक्ताओं को 31 अगस्त तक के बकाया बिजली दिलों पर लगे ब्याज पर सौ पर्सेंट सूट और सर चार्ज में छूट देकर 6 किस्तों में बिल जमा करने की सुविधा मिलेगी.वही 1 से 2 किलो वाट से अधिक विद्युत भार और 2 किलोवाट से अधिक लेकिन 5 किलो वाट  बाहर तक के बकायेदारों को बिजली का बिल न चुकाने के चलते लगाए गए ब्याज पर 50% की छूट मिलेगी. इस दौरान शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 2 किलो वाट विद्युत भार के बकायेदारों को विद्युत बिलों की मूल धनराशि को 6 किस्तों में चुकाने की सुविधा दी जाएगी.

4 : हापुड़ – रेत से भरा ओवर लोड ट्रक रेलवे फाटक के बीचों बीच फसा. घंटो की मसक्कत के बाद भी रेलवे अधिकारी नही हटा सके रेलवे ट्रैक से ट्रक.मौके पर लगी रही भारी भीड़.रेलवे क्रासिंग पर फसे ट्रक के कारण दोनों तरफ लगा लंबा जाम लग गया.लोग बंद फाटक के नीचे से अपने वाहन निकालते नजर आए.करीब एक घटे तक दिल्ली लखनऊ रेलवे ट्रैक बाधित रहा.बहरहाल क्रेन की सहायता से ट्रक को हटवाया गया. बाबूगढ़ क्षेत्र के कुचेसर चौपला का था यह मामला.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : महीनों से खड़ी रोडवेज (roadways) की बसें बनी शोपीस,रोजाना विभाग को हो रहा लाखो का नुकसान

टायरो के अभाव में डिपो में खड़ी रोडवेज बस

इन बसों का संचालन न होने से निगम को प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख की चपत लग रही है.महीनों से बसों का संचालन बंद है जिस कारण अब तक करीब 50 लाख से ज्यादा का चूना विभाग को लग चुका है. वही संविदा से जुड़े चालक और परिचालक को भी रूट पर जाने से वंचित होना पड़ रहा है.गढ़मुक्तेश्वर रोडवेज डिपो से आसपास के जनपदों समेत कई राज्यों के लिए बसों का संचालन होता है.

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महीनों से खड़ी रोडवेज की बसें बनी शोपीस,रोजाना विभाग को हो रहा लाखो का नुकसान

उत्तरप्रदेश के जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर डिपो में टायरों के अभाव में रोडवेज डिपो के अंदर 15 से अधिक बच्चे धूल फांक रही हैं, इन बसों का संचालन न होने से निगम को प्रतिदिन डेढ़ से दो लाख की चपत लग रही है.महीनों से बसों का संचालन बंद है जिस कारण अब तक करीब 50 लाख से ज्यादा का चूना विभाग को लग चुका है. वही संविदा से जुड़े चालक और परिचालक को भी रूट पर जाने से वंचित होना पड़ रहा है.गढ़मुक्तेश्वर रोडवेज डिपो से आसपास के जनपदों समेत कई राज्यों के लिए बसों का संचालन होता है, डिपो के अंदर 15 से अधिक बसें पिछले एक माह से शोपीस बनकर खड़ी धूल फांक रही हैं. जिसका मुख्य कारण बसों के खराब हो चुके टायरों का ना बदला जाना है. डिपो की वर्कशॉप में खड़ी इन बसों के टायर पूरी तरीके से खराब हो चुके हैं. बसे अब टायर बदलने की राह देख रही हैं, लेकिन विभागीय स्तर से उनकी कोई सुध नहीं ले रहा है रूटों पर बसों का संचालन होने के कारण यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा है. जिसके चलते महिला बच्चों समेत हजारों यात्रियों को निजी एवं डग्गामार वाहनों में सफर करने को मजबूर होना पड़ता है. इसके अलावा बसों का संचालन ना होने पर संविदा पर कार्यरत चालक परिचालक की खाली बैठने को मजबूर हैं.चालक और परिचालकों का कहना है कि टायर ना बदलने की वजह से डिपो में 15 से अधिक बसें धूल फांक रही हैं. जिससे उन्हें संबंधित रूटों पर ना जाकर खाली बैठने के साथ ही आर्थिक तंगी से भी जूझना पड़ रहा है.

तो वही सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल कुमार का कहना है कि खराब हुए टायरों को बदलने के लिए काफी समय से निरंतर निगम के उच्चाधिकारियों के साथ पत्राचार किया जा रहा है. कई बार संविदा पर तैनात कर्मचारियों के बारे में भी बताया गया है, लेकिन अभी तक मुख्यालय से कोई आपूर्ति नहीं हो सकी है.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़(Hapur) में अब स्वयं सहायक समूह की सखी गांव में करेंगी बैंकिंग (Banking) लेनदेन

विकास भवन में सखियों को प्रशिक्षण दिया गया

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1 : स्वयं सहायक समूह की सखी अब गांव में करेंगी बैंकिंग लेनदेन
हापुड़ : राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में एक सखी तैनात किए जाने के संबंध में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के बाद ग्राम पंचायत में एक सखी को कार्य के लिए रखा जाना है, इसी क्रम में शुक्रवार को विकास भवन के सभागार में 80 सखियों को प्रशिक्षण के साथ मशीन वितरण की गई. मुख्य विकास अधिकारी उदय सिंह ने बताया कि अब गांव में सखी नियुक्त होने के बाद अब ग्राम वासियों को बाहर जाने की आवश्यकता नहीं है. अब आपके गांव में ही सखी लेनदेन का कार्य करेगी. सखी को इस कार्य करने के लिए 6 माह तक 4000 प्रति माह का वेतन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के द्वारा दिया जाएगा. सखी को गांव में खाता खोलने में लेनदेन करने पर कमीशन के रूप में भी एयरटेल पेमेंट बैंक के द्वारा भी कमीशन प्राप्त होगा, जिससे महिलाओं की आमदनी बढ़ेगी. विकासखंड हापुड़ में 33, सिंभावली में 26, धौलाना में 13 व गढ़ में 8 सखियों द्वारा प्रतिभाग किया गया.

2 : 11 सितंबर को हापुड़ में होगा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
हापुड़ : उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ एवं जिला न्यायाधीश हापुड़ के निर्देशों के अनुपालन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हापुड़ के कुशल नेतृत्व में 11 सितंबर को हापुड़ जनपद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन  मुख्यालय एवं तहसील न्यायालय में होने जा रहा है इस संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने जानकारी देते हुए बताया कि आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में आपराधिक, पारिवारिक मामले, मोटरयान दुर्घटना अधिनियम के मामले, बिजली व पानी से संबंधित मामले, धारा 138 एन आई एक्ट के वाद, भू राजस्व वाद, सेवा संबंधित मामले एवं प्री लिटिगेशन मामलों के साथ साथ सुलह समझौते के माध्यम से निस्तारण किए जाएंगे. लोक अदालत के माध्यम से ज्यादातर वादों का निस्तारण किया जा सके.

3 : मुख्य रास्ते मे जलभराव व टूटी सड़क से लोग परेशान
जनपद हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र में बीबीनगर रोड पर काफी समय से जलभराव है गड्ढों की समस्या जस की तस बनी हुई है.लोगों को आने जाने की बहुत सारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है लोगों ने बताया इस सड़क पर लगभग 50 गांव जुड़े हैं 50 गांव के लोग इसी रोड से आवागमन करते हैं जहां आए दिन बाइक सवार लोग गिरकर घायल भी हो रहें हैं.


हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी (international player) विनोद राणा को मदद की दरकार, सोशल मीडिया पर लगाई गुहार

खिलाड़ी विनोद राणा प्रतियोगिताओं में जीते हुए मेडल दिखाते हुए

शासन-प्रशासन की अनदेखी के कारण एशियन चैंपियनशिप जु-जुत्सु गेम्स में चयन होने के बाद भी आबू धाबी में जाने के लिए किराया तक नही जुटा पा रहे है. इस खेल को खेलने के लिए मात एक लाख रुपये का खर्चा बताया जा रहा है.

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उत्तरप्रदेश के जनपद हापुड़ में देश के लिए दो बार वर्ल्ड चैम्पियन रहे छोटा खली के नाम से मशहूर महावीर विनोद राणा आज बेरोजगारी और शासन-प्रशासन की अनदेखी के कारण एशियन चैंपियनशिप जु-जुत्सु गेम्स में चयन होने के बाद भी आबू धाबी में जाने के लिए किराया तक नही जुटा पा रहे है. इस खेल को खेलने के लिए मात एक लाख रुपये का खर्चा बताया जा रहा है. लेकिन आर्थिक तंगी की वजह से एक लाख की रकम उनके लिए बेड़िया बन गई है.सरकार,जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कोई मदद नही मिलने के बाद अब महावीर विनोद राणा ने देश की जनता से अपील की है कि उनकी आर्थिक मदद करे ताकि वो एशियन चैंपियनशिप में खेलकर अपने देश का नाम रोशन कर सके.

गरीब परिवार में 21 सितम्बर1986 को जन्में महावीर विनोद राणा अपने हौसले की उड़ान नहीं छोड़ी और 29 वर्ष की उम्र में वर्ड चैंपियनशिप 2015 में बुशू किक बॉक्सिंग में 5 देश के खिलाड़ियों को हराकर अपने माता-पिता बाप के साथ यूपी का नाम रोशन किया और हालही में ही पानीपत में हुई wwe fight में भी खिलाड़ीयो को हराकर अपने नाम का डंका बजा चुकें हैं.आपको बतादे कि अबू धाबी में होने वाली एशियन चैंपियनशिप में चयन होने के बाद विनोद राणा खुश है लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते वो सोशल मीडिया पर योगी सरकार और जनता से मदद की गुहार लगा रहे हैं.विनोद राणा को 10 सितंबर को अबू धाबी जाना है लेकिन उनके पास टिकट का किराया भी नहीं है.जिसके चलते वे तमाम अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन कहीं से किसी तरह की कोई मदद नहीं मिल पा रही है.अबू धाबी में 12 सितंबर से एशियन चैंपियनशिप होनी है जिसके लिए उन्हें 10 सितंबर को अबू धाबी पहुंचना है. इससे पहले भी विनोद राणा कई बार किक बॉक्सिंग, मैराथन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हापुड़ का नाम रोशन कर चुके हैं फिलहाल किसी तरह की कोई मदद विनोद राणा की अभी तक नहीं हो पा रही है.
अब  खिलाड़ी विनोद राणा योगी सरकार से मदद की गुहार लगा रहा है. सरकार उनकी मदद करें तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का झंडा लहराएंगे. विनोद राणा ने बिना किसी कोच के अपने स्तर से तमाम तैयारियां कर देश को कई मेडल दिलाए हैं और एशियन चैंपियनशिप की तैयारी भी उन्होंने बिना कोच के खुद ही अपने गांव की मिट्टी में अपने आप को तपा कर की है.अब ऐसे में देखना होगा कि सरकार या जनता विनोद राणा की कितनी मदद कर पाती है. विनोद राणा ने लोकल 18 के माध्यम से भी सरकार से मदद की  गुहार लगाई है.

हापुड से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : तेजी से बढ़ रहे वायरल बुखार (Viral Fever) के मामले, अस्पतालों में बुखार के 60 फ़ीसदी मामले बढ़े

वायरल बुखार लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है

लक्षण समान होने की वजह से शुरू में लोग कोरोना जांच करा रहे हैं.लेकिन इसमें संक्रमण की पुष्टि नहीं हो रही. वायरल बुखार में अधिकांश मरीजों को बुखार के साथ-साथ गले में दर्द, कपकपी, खांसी जुखाम की भी शिकायत है. कई गांव में तो घर-घर में बुखार के मरीज हैं कोरोना की दूसरी लहर भी मौसम के बदलाव के बीच आई थी.

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हापुड़ : आज कल मौसम में बदलाव की वजह से जिले में वायरल बुखार के मरीज बढ़ गए हैं, सरकारी व निजी अस्पतालों में पहुंच रहे मरीजों में 60 फ़ीसदी वायरल बुखार से पीड़ित हैं, डॉक्टरों का कहना है कि बीते 15 दिनों में बुखार के मरीज तेजी से बढ़े हैं, लक्षण समान होने की वजह से शुरू में लोग कोरोना जांच करा रहे हैं.लेकिन इसमें संक्रमण की पुष्टि नहीं हो रही. वायरल बुखार में अधिकांश मरीजों को बुखार के साथ-साथ गले में दर्द, कपकपी, खांसी जुखाम की भी शिकायत है. कई गांव में तो घर-घर में बुखार के मरीज हैं कोरोना की दूसरी लहर भी मौसम के बदलाव के बीच आई थी. ऐसे में फिर संक्रमण हावी न हो जाए इसलिए स्वास्थ्य विभाग इनकी कोरोना जांच भी करा रहा है.

सीएचसी प्रभारी डॉक्टर दिनेश खत्री ने बताया कि अगर किसी व्यक्ति को बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं सरकारी अस्पतालों में उपचार की बेहतर व्यवस्था की गई है.मरीजों को परेशानी न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है.साथ ही सभी चिकित्सकों को इस संबंध में निर्देशित कर दिया गया है. इस वायरल बुखार से लोग 10 से 12 दिनों में ठीक हो रहे हैं वायरल बुखार लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रहा है. 5 से 6 दिन तक तो बुखार रहता है और उसके बाद कमजोरी व अन्य परेशानियों के कारण 10 से 12 दिन का समय लग रहा है. इसलिए कोई भी लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराएं और डॉक्टर से परामर्श करें.लापरवाही जान पर आफत बन सकती है.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़: जन्माष्टमी पर पेट्रोल से करतब के दौरान हादसा, कई बच्चे आग में झुलसे

UP: हापुड़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दौरान हादसा हो गया है.

Hapur News: हापुड़ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर एक युवक पेट्रोल से करतब दिखा रहा था. इसी दौरान बोतल से पेट्रोल डालने पर आग फैल गई. उसने बोतल जमीन पर फेंकी तो वह फट गई और आसपास खड़े बच्चे आग की चपेट में आ गए.

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हापुड़. उत्तर प्रदेश के हापुड़ (Hapur) जिले में जनमाष्टमी (Shri Krishna Janmashtami) के मौके पर पिलखुआ कोतवाली क्षेत्र की नई आबादी में पेट्रोल से करतब के दौरान बड़ा हादसा हो गया. मुंह में पेट्रोल भरकर करतब दिखाने वाले युवक सहित कई छोटे बच्चे आग में झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. एक की हालत गंभीर है.

जन्माष्टमी के मौके पर एक युवक पेट्रोल से करतब दिखा रहा था, इसी दौरान बोतल से पेट्रोल डालने पर आग फैल गई और बोतल जमीन पर फेंक दी गई. जिसके बाद बोतल फट गई और आसपास खड़े बच्चे आग की चपेट में आकर झुलस गए. आग में झुलसने से बच्चों सहित सात लोग घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज़ चल रहा है. इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि एक युवक हाथों में लकड़ी लेकर आग के साथ करतब दिखा रहा है लेकिन इसी दौरान जब पेट्रोल से भरी बोतल से लकड़ी के ऊपर पैट्रोल डाला गया तो बोतल ने आग पकड़ ली. जिसके बाद बोतल नीचे फेंक दी गई, जमीन पर बोतल गिरते ही फट गई औऱ आग फैल गई .

बोतल फटने के बाद आसपास खड़े लोग आग की चपेट में आ गए. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस कार्यवाही की बात कह रही है. हादसे में घायल बच्चों के परिजनों ने बताया कि बीती रात जन्माष्टमी के मौके पर करतब दिखाया जा रहा था. इसी दौरान मोहल्ले के बच्चे भी करतब देखने पहुंच गए. करतब दिखाने के दौरान लगी आग में आसपास खड़े बच्चे भी झुलस गए, जिसमें उनका भी एक बेटा शामिल है. फिलहाल उसका उपचार सरस्वती मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.

इस मामले में पिलखुआ कोतवाली के प्रभारी सुबोध कुमार सक्सेना का कहना है कि जन्माष्टमी पर करतब दिखाने वाले शख्स का पता लगाया जा रहा है. पुलिस इस मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई करेगी. आग से हादसे में झलसे लोगों में मनीष, मोहित, सोनू, लकी, लोकेश, सोनू और आरव शामिल है.

हापुड़ (Hapur) के ITBP के जवान ने ड्यूटी के दौरान हुई मौत

जवान को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई

आइटीबीपी के जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई. सभी की आंखें नम थी और नम आंखों से ही जवान के शव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया.

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उत्तरप्रदेश के जनपद हापुड़ के ITBP के जवान ने ड्यूटी के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. आइटीबीपी में एएसआई के पद पर तैनात पंकज कुमार शर्मा की ड्यूटी के मौत हो गई. आज उनका शव हापुड़ जनपद में उनके घर पर लाया गया.
आइटीबीपी के जवान को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई. सभी की आंखें नम थी और नम आंखों से ही जवान के शव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. जानकारी के अनुसार पंकज कुमार शर्मा 55 बटालियन आइटीबीपी जवान पंकज कुमार शर्मा तेजपुर असम में ड्यूटी पर तैनात थे. शुक्रवार को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी. जिसके बाद आइटीबीपी के अधिकारियों ने शनिवार को मृतक जवान के शव का पोस्टमार्टम करा कर एयर इंडिया के विमान से दिल्ली लाया गया.जहां से उनका शव गाड़ी में रख कर हापुड़ के सदर कोतवाली क्षेत्र के शांति विहार स्थित आवास पर लाया गया.तो वही परिजनों में शोक की लहर है.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ : 16 महीनों बाद हापुड़ हुआ कोरोना (corona) से मुक्त,स्वास्थ्य विभाग लगातार वैक्सीनेशन पर दे रहा जोर

कोरोना मुक्त हुआ जिला हापुड़ सीएमओ ने दी जानकारी

कोविड-19 को लेकर सरकार के अच्छे प्रयासों और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की मेहनत से जिला हापुड़ कोरोना मुक्त हो गया है. लगभग 16 महीने के बाद जिले की जनता को कोरोना से मुक्ति मिली है.

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हापुड़ जनपदवासियो के लिए अच्छी खबर है. कोविड-19 को लेकर सरकार के अच्छे प्रयासों और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की मेहनत से जिला हापुड़ कोरोना मुक्त हो गया है. लगभग 16 महीने के बाद जिले की जनता को कोरोना से मुक्ति मिली है. कोरोना से जिले को मुक्ति दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग दिन रात मेहनत कर के वैक्सीनेशन का कार्य कर रहे थे और उन्ही की मेहनत से आज जिला कोरोना मुक्त हो गया है. सीएमओ डॉ० रेखा शर्मा ने बताया कि आज तक जिले में एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं है.साथ ही रेखा शर्मा ने जिले के लोगों से अपील की है कि वो माक्स लगाकर रहे और उचित दुरी बनाकर रखे.इसके साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही ना करते हुए वैक्सीनेशन अवश्य कराए.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

प्राइवेट अस्पताल में युवक ने लगवाया इंजेक्शन, कुछ ही सेकंड बाद मौत; हड़कंप

हापुड़ के एक अस्पताल में युवक की इंजेक्शन लगाने के फौरन बाद मोत से हड़कंप मच गया है.  (सांकेतिक फोटो)

Hapur News: गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली के सामने एक हॉस्पिटल में जीशान नाम का युवक ने अस्पताल में अपने एलर्जी का इंजेक्शन लगवाया. इंजेक्शन लगने के चंद सेकंड में ही युवक की मौत हो गई.

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हापुड़. उत्तर प्रदेश के हापुड़ (Hapur) जनपद में एक प्राइवेट अस्पताल से दिल दहला देने वाली तस्वीर सामने आई है. अस्पतालों में लापरवाही से मौतों की कई खबरें आपने सुनी होंगी लेकिन हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर से अस्पताल की लापरवाही की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाएंगे. यहां गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली के सामने एक प्राइवेट हॉस्पिटल का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. प्राइवेट अस्पताल में एक युवक के इंजेक्शन लगने के कुछ ही सैकेंडो में उसकी मौत हो गई, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है.

बताया जा रहा है कि प्राइवेट अस्पताल में जीशान नाम का एक युवक सोमवार को अपनी किसी परिचित महिला को लेकर अस्पताल में डिलीवरी कराने गया था. इस दौरान जीशान ने भी अस्पताल में अपने एलर्जी का इंजेक्शन लगवाया. इंजेक्शन लगने के चंद सेकंड में ही युवक की मौत हो गई.

अस्पताल परिसर के अंदर ही बने मेडिकल स्टोर में जीशान के इंजेक्शन लगाया गया. इस दौरान वहां 4 से 5 लोग मौजूद थे. इंजेक्शन लगते ही जीशान कुर्सी से नीचे गिर गया और तुरंत ही उसकी मौत हो गई. जिसके बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और अस्पताल के कर्मचारी मौके से भाग खड़े हुए.

परिजन अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग को लेकर गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली पहुंचे. पुलिस ने अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है हालांकि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद विसरा सुरक्षित रख लिया है.

जिले की सीएमओ रेखा शर्मा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है लेकिन उन्हें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है. एक टीम बनाकर अस्पताल भेजी जा रही है, जो अस्पताल के डॉक्यूमेंट देखकर पता लगाएगी कि आखिर कौन सा इंजेक्शन लगाया गया? जो भी लोग दोषी होंगे उनके विरूद्ध कानूनी रूप से कार्रवाई की जाएगी.

वहीं अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि जीशान के इंजेक्शन लगने के बाद कुछ ही सेकेंड के अंदर उसकी मौत हो गई.

इस मामले में गढ़मुक्तेश्वर पुलिस क्षेत्राधिकारी पवन कुमार का कहना है कि गढ़मुक्तेश्वर कोतवाली क्षेत्र में एक प्राइवेट हॉस्पिटल में जीशान नाम के युवक की इंजेक्शन लगवाने के कुछ ही सेकंड में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसका पोस्टमार्टम कराने के बाद विसरा सुरक्षित रख लिया है. साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए सीएमओ हापुड़ को पत्र लिखा गया है.

हापुड़ : जानिए गढ़ गंगा नगरी के मुक्तेश्वरा मंदिर की क्या है अनूठी मान्यता

हापुड़ : जानिए गढ़ गंगा नगरी के मुक्तेश्वरा मंदिर की क्या है अनूठी मान्यता

उत्तरप्रदेश के जनपद हापुड़ के गढ़ गंगा नगरी में मुक्तेश्वरा मंदिर की भी अनूठी मान्यता है. कार्तिक गंगा स्नान के लिए आने वाले अधिकांश श्रद्धालु मंदिर में एक दिन पहले से ही डेरा डाल लेते हैं.क्योकि ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु यहां रात में पड़ाव डाल कर मन्नत मांगता है उसकी मन्नत जरूर पूरी हो जाती है. मन्नत पूरी होने पर यहा प्रसाद चढ़ाया जाता है.हापुड की तीर्थ गंगा नगरी गढ़मुक्तेश्वर में वैसे तो बहुत से धार्मिक स्थल और मंदिर हैं, जिनकी अपनी अपनी मान्यताएं होने के कारण श्रद्धालु इन स्थानों के दर्शन करते हैं. ऐसे ही खादर गंगा मेला मार्ग पर स्थित मुक्तेश्वरा मंदिर है, जिसमें हर वर्ष कार्तिक गंगा मेले पर आने वाले अधिकांश श्रद्धालु रात को  पड़ाव डाल कर मन्नत मांगते हैं. 

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उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ के गढ़ गंगा नगरी में मुक्तेश्वरा मंदिर की भी अनूठी मान्यता है. कार्तिक गंगा स्नान के लिए आने वाले अधिकांश श्रद्धालु मंदिर में एक दिन पहले से ही डेरा डाल लेते हैं.क्योकि ऐसी मान्यता है कि जो श्रद्धालु यहां रात में पड़ाव डाल कर मन्नत मांगता है उसकी मन्नत जरूर पूरी हो जाती है. मन्नत पूरी होने पर यहा प्रसाद चढ़ाया जाता है.हापुड की तीर्थ गंगा नगरी गढ़मुक्तेश्वर में वैसे तो बहुत से धार्मिक स्थल और मंदिर हैं, जिनकी अपनी-अपनी मान्यताएं होने के कारण श्रद्धालु इन स्थानों के दर्शन करते हैं. ऐसे ही खादर गंगा मेला मार्ग पर स्थित मुक्तेश्वरा मंदिर है, जिसमें हर वर्ष कार्तिक गंगा मेले पर आने वाले अधिकांश श्रद्धालु रात को पड़ाव डाल कर मन्नत मांगते हैं.

मंदिर के पुजारी बाबा महेश गिरी ने बताया कि पूर्वज बताते हैं कि भगवान परशुराम ने कार्तिक गंगा स्नान के दौरान यहां पांच स्थानों पर शिवलिंग स्थापित किए थे. भगवान परशुराम द्वारा स्थापित शिवलिंग मुक्तेश्वरा महादेव के प्रांगण में तथा दूसरा नुहुश कूप के निकट जंगल में स्थित है, जो आज झारखण्डेश्वर महादेव के नाम से दर्शनीय है और तीसरा शिवलिंग गांव कल्याणपुर के निकट स्थापित महादेव के नाम से प्रसिद्ध है. चौथा शिवलिंग दतियाना में लाल मंदिर व पांचवा पुरा महादेव मेरठ में स्थापित है. राजा नुहुश जो किसी श्राप वश गिरगिट की योनि में आ गये थे, धर्मराज युधिष्ठर के कहने पर यहीं पर पाप मुक्त हुऐ थे. उन्होंने यहां यज्ञ कराया. यज्ञ शाला के निकट मुक्तेश्वरा महादेव मंदिर के प्रांगण में एक बाबड़ी बनावाई.

स्वत:महाभारत काल से ही परम्परागत कार्तिक मास में लगने वाले इस विशाल मेले का प्रबंधन जिला परिषद करती है. दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु कलुश विनाशनी, पाप हारिणी, अमृतमयी गंगा जी में स्नान करके आपको पापों से मुक्त बनाते हैं. मेला आरम्भ होने से पूर्व श्रद्धालुओं की भैंसा बुग्गी, ट्रैक्टर-ट्राली तथा अन्य वाहनों से पहुंचना शुरू हो जाते हैं, जो एक रात को अवश्य रूप से मुक्तेश्वरा मंदिर में रुक कर जाते हैं.


हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

जानिए, कैसे दम तोड़ने की कगार पर पहुंचा हापुड़ का मूढ़ा उद्योग

मूढा बनाने वाले कारीगरों को तो उनकी मेहनत की मजदूरी भी नहीं मिल पाती है, जबकि प्रदेश सरकार ने गढ़ में बने मूढा उद्योग को एक बड़ा उद्योग घोषित कर इसे विश्व पटल पर लाने की कवायद शुरू की थी, लेकिन यह उद्योग बढ़ने की वजह कम होता दिखाई पड़ रहा है.

मूढा बनाने वाले कारीगरों को तो उनकी मेहनत की मजदूरी भी नहीं मिल पाती है, जबकि प्रदेश सरकार ने गढ़ में बने मूढा उद्योग को एक बड़ा उद्योग घोषित कर इसे विश्व पटल पर लाने की कवायद शुरू की थी, लेकिन यह उद्योग बढ़ने की वजह कम होता दिखाई पड़ रहा है.

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उत्तर प्रदेश के जनपद हापुड़ के गढ़ क्षेत्र का मूढा उद्योग दम तोड़ने की कगार पर पहुंच गया है, जहां का बना मूढा भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में बसे लोगों की बैठकों और बड़ी-बड़ी कोठियों की शान बना हुआ था. यहां के मूढा कारीगर दिन- रात मेहनत करके गंगा किनारे खादर क्षेत्र से सरकंडा सेटा और सुतली को इकट्ठा करके अपने – अपने घरों में नया डिजाइन देकर तैयार करते हैं.

गढ़ का बना मूढा दिल्ली प्रगति मैदान में लगने वाले ट्रेड फेयर में दर्शकों को अत्यधिक पसंद आता है. वहां मूढो की एक प्रदर्शनी भी लगाई जाती है और वहां से लिए गए ऑर्डरो के आधार पर देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कई शहरों में भी सप्लाई किये जाते है. शासन – प्रशासन की उपेक्षा के चलते अब हापुड़ का मूढा उद्योग दम तोड़ता नजर आ रहा है.

मूढा बनाने वाले कारीगरों को तो उनकी मेहनत की मजदूरी भी नहीं मिल पाती है, जबकि प्रदेश सरकार ने गढ़ में बने मूढा उद्योग को एक बड़ा उद्योग घोषित कर इसे विश्व पटल पर लाने की कवायद शुरू की थी, लेकिन यह उद्योग बढ़ने की वजह कम होता दिखाई पड़ रहा है.

सन को लपेटकर बान तैयार कर गांव के लोग इन मूढा बनाने वाले कारीगरों को बेच देते हैं. बान और सेटों से मूढा तैयार किया जाता है. यह सेटा गंगा नदी के किनारे पर खाली पड़े मैदानो में झाड़ – झुण्ड खुद ही पैदा होता है जिसे काटकर, सुखाकर तथा सेटे के ऊपर पत्तियों को इकट्ठा करके यह मूढा बनाने के काम में आता है.आज के दौर में धीरे-धीरे बान कम बटने के कारण प्लास्टिक की बारीक रस्सी से मूढो की सिलाई की जाती है, जिसमें साइकिल के टायर नीचे गोलाई में लगाकर नीचे से मूढे को मजबूती प्रदान की जाती है. ये कारीगर मूढा ही नही छोटी छोटी मूढ़े, बच्चों के छोटे-छोटे  सोफे, मेज आदि सजावटी सामान भी तैयार करते हैं.

एक समय ऐसा भी था
हरियाणा के मुख्यमंत्री देवीलाल ने पूरे प्रदेश की ग्राम पंचायतों और न्याय पंचायतों पर गढ़ के बने मूढे और कुर्सी के सेट व मेज वहां मंगाए थे. गढ़मुक्तेश्वर से कई कई ट्रक मूढा तैयार कर हरियाणा ले जाया गया था, जहां आज भी चौपालों, पंचायत घरों और न्याय पंचायतों में लोग उन पर बैठकर खुद को गौरवान्वित महसूस करते हैं.

वहींं मूढा कारीगर पिंटू ने बताया कि मूढा उद्योग दम तोड़ रहा है, इस तरफ सरकार को ध्यान देना चाहिए और उन्हें सेटा, बान आदि मुहैया कराए जाएं तो यह उद्योग बड़े रूप में फैल सकता है.लेकिन मूढा कारीगरो के परिवार के लोग जिसमें बच्चें वह महिला भी शामिल है.वह सुबह से शाम तक मूढा तैयार कर थोक व्यापारियों को भेजते हैं उन्हें मनमाने ढंग से कीमत दी जाती है.यही व्यापारी ट्रकों में भरकर बहार महंगे रेटों में सप्लाई करते हैं, इसलिए ही व्यापारी दिन रात चौगुनी तरक्की कर रहे हैं.वही मूढा बनाने वाले मजदूर मेहनत करने के बावजूद भी गरीबी रेखा से ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड बुलेटिन: 2 पालियों में स्कूल खोलने पर भड़के शिक्षक

संघ के जिला सचिव श्री कृष्ण द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश सरकार की नीतियां शिक्षक विरोधी हैं. विद्यालयों को दो पाली में खोलना न्याय संगत नहीं है और शिक्षा संहिता के विरुद्ध है.

संघ के जिला सचिव श्री कृष्ण द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश सरकार की नीतियां शिक्षक विरोधी हैं. विद्यालयों को दो पाली में खोलना न्याय संगत नहीं है और शिक्षा संहिता के विरुद्ध है.

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1 : दो पालियो में स्कूल खोलने पर भड़के शिक्षक
हापुड़ : सरकार की शिक्षा नीतियों के विरोध में सोमवार को हापुड़ में शिक्षकों ने अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया. शिक्षकों का यह विरोध 25 अगस्त तक जारी रहेगा. उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर सोमवार को शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया. संघ के जिला सचिव श्री कृष्ण द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश सरकार की नीतियां शिक्षक विरोधी हैं. विद्यालयों को दो पाली में खोलना न्याय संगत नहीं है और शिक्षा संहिता के विरुद्ध है. उनकी मांग है कि शिक्षक हित में सरकार अपने निर्णय को वापस ले. उन्होंने बताया कि 25 अगस्त को मांग के समर्थन में जिला विद्यालय निरीक्षक के दफ्तर पर प्रदर्शन किया जाएगा.

2 : राखी पर हापुड़ के अंदर से निकलेंगे रोडवेज बसें
हापुड़ डिपो ने यात्रियों की सुविधा के लिए रोडवेज बसों को रक्षाबंधन पर शहर के अंदर से निकालने का फैसला लिया है. इस संबंध में एआरएम ने सभी बस संचालकों को दिशा निर्देश दिए हैं. 22 अगस्त को रक्षाबंधन का पर्व है, भाई बहन के त्योहार पर यात्रियों को समस्या न हो इसके लिए डिपो ने बसों को बाईपास की जगह शहर के अंदर से निकालने का फैसला लिया है. लापरवाही बरतने वाले चालक – परिचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी की जाएगी.


3 : सावन के अंतिम सोमवार पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब
सावन माह के अंतिम सोमवार पर श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा अर्चना की, आपको बता दें कि सोमवार के दिन लोग विशेष रूप से भगवान शिव का व्रत रखते हैं और पूजन करते हैं.इसीलिए सावन के सोमवार पर शिव पूजन के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. शिव भक्तों ने हापुड़ के सवली मंदिर में भी भगवान का जलाभिषेक किया. इस वर्ष 16 अगस्त को सावन का आखिरी सोमवार पड़ा है, मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव का पूजन करने और इस दिन व्रत रखने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और भगवान भोले प्रसन्न होते हैं.

4 : कंटेनर में बस ने मारी टक्कर, दर्जनों लोग घायल
थाना हापुड़ देहात क्षेत्र नेशनल हाईवे 9 पर थाने के निकट आज सोमवार को हाईवे पर खराब खड़े हुए कंटेनर से रोडवेज टकरा गई. जिसमें रोडवेज बस सवार 1 दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए. टक्कर इतनी जबरदस्त थी की रोडवेज बस के आगे से परखच्चे उड़ गए.इसी हादसे में पीछे से आ रही एक इको कार भी टकरा गई, इको कार सवार 4 लोग भी इस हादसे में घायल हुए हैं. ईको सवार लोग बृजघाट से अस्थि विसर्जन कर मोदीनगर के लिए जा रहे थे. रोडवेज बस गढ़मुक्तेश्वर से दिल्ली की तरफ जा रही थी तभी हादसा हो गया. हादसा होते ही बस में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई.हादसे की सूचना मिलते ही थाना देहात की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और तत्काल राहत बचाव कार्य शुरू किया. पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर सभी घायल यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया.रोडवेज बस के चालक व परिचालक भी इस हादसे में घायल हो गए. थाना देहात प्रभारी उत्तम सिंह राठौर ने बताया है कंटेनर को फिलहाल कब्जे में ले लिया गया है और मामले की जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.


हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

हापुड़ बुलेटिन: जानिए कहां रोजाना 7 दिनों तक 8 घंटे बाधित रहेगी बिजली सप्लाई

हापुड़ बुलेटिन :जानिए कहां रोजाना सात दिनों तक आठ घंटे बाधित रहेगी बिजली सप्लाई

अधिशासी अभियंता केपी पुरी ने बताया कि सिंभावली क्षेत्र में विभागीय ग्रिड कारपोरेशन के टावर निर्माण का कार्य किया जा रहा है,जिसके कारण 14 अगस्त से 20 अगस्त तक सुबह 6 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी.

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हापुड़ के सिंभावली क्षेत्र के जंगल मे ऊर्जा निगम की लाइन के टावर लगने के कारण आज यानी शनिवार की सुबह 6 बजे से दोपहर 3 बजे तक 20 अगस्त तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी,जिसमें ग्रामीण क्षेत्र भी शामिल है.अधिशासी अभियंता केपी पुरी ने बताया कि सिंभावली क्षेत्र में विभागीय ग्रिड कारपोरेशन के टावर निर्माण का कार्य किया जा रहा है,जिसके कारण 14 अगस्त से 20 अगस्त तक सुबह  6 बजे से दोपहर 3 बजे तक  बिजली सप्लाई बंद रहेगी.इसमें सिंभावली भोवापुर ,सिंभावली ढाना, लोधीपुर बिजलीघरों की सप्लाई बंद रहेगी.

2 : हापुड़: पानी से भरे गड्ढे में गिरकर मासूम की मौत
हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र के गांव उपैड़ा में चार वर्षीय बच्चा छह फुट गहरे पानी भरे गड्ढे में गिर गया. ग्रामीणों ने बच्चे को निकालकर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिजनों का आरोप है कि एक फैक्टरी मालिक ने रास्ते में अवैध तरीके से गड्ढा किया हुआ है. गांव उपैड़ा निवासी नौशाद पिलखुवा में सिलाई का काम करता है.  नौशाद काम पर गया था, जबकि उसकी पत्नी नसीम पुत्र अरमान व जीशान घर पर ही मौजूद थे. उसका चार वर्षीय पुत्र अरमान घर के बाहर खेल रहा था, खेलते-खेलते वह गांव की आबादी के पास बन रही एक फैक्टरी के पास पहुंच गया.

आरोप है कि यहां किसी काम के लिए फैक्टरी मालिक द्वारा करीब छह फिट गहरा एक गड्ढा खोदा गया था. जिसमें पानी भरा था. अरमान इस गड्ढे में गिर गया. पुत्र के लापता होने पर परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से उसकी तलाश शुरू कर की. करीब आधे घंटे के बाद बच्चे का शव पानी से भरे गड्ढे में पड़ा मिला. परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.इस हादसे से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है.


3 : चंड़ी मंदिर की गुल्लकों की गिनती हुई पूरी 37.53 लाख रुपये निकले
हापुड़ प्रशासन द्वारा ढ़ाई साल बाद हापुड़ की प्रसिद्ध पीठ मां चंड़ी मंदिर का दान पात्र प्रशासन की देखरेख में खोला गया.मंदिर के दान पत्रों से 37 लाख 53 हजार की धनराशि निकली हैं.जबकि कुछ की गिनती होनी अभी बाकी हैं.जानकारी के अनुसार श्री चंड़ी मंदिर में प्रबंध समिति के विवाद के चलते श्रद्धालुओं द्वारा गुल्लकों में चढ़ाई जा रही धनराशि ना खुलनें से वो पूरी तरह से भर गई थी. जिससे नोटों को नुकसान हो रहा था और गुल्लकों से चोरी होनें की भी चर्चा जोरों पर थी. डीएम अनुज सिंह के निर्देश पर शुक्रवार सुबह से तहसीलदार गजेन्द्र सिंह की मौजूदगी में गुल्लकों को खुलवाकर नोटों की गिनती आज सुबह पांच बजें तक करवाई गई.प्रशासन के अनुसार गुल्लकों में से श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए रूपयें में 37 लाख 53 हजार 370 रूपये निकलें,जबकि खरीजों की गिनती 18 अगस्त को होगी.


4 : तीन दिन में 7 डिग्री बढ़ा पारा उमस से लोग परेशान
आज सुबह से ही भीषण गर्मी ने लोगों को परेशान किया. शनिवार को तापमान 36 डिग्री के पार रहा. गर्मी और उमस के आगे पंखे कूलर भी फेल नजर आए, पिछले तीन दिनों में पारे में करीब 7 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है. बारिश नहीं होने के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. शनिवार को सुबह से ही आसमान में सूर्य के तल्ख तेवरों ने लोगों को परेशान किया, दोपहर में लोगों को घरों में भी गर्मी का सामना करना पड़ा. उमस के चलते पंखे और कूलर की हवा भी असरदार नहीं रही. ऊपर से बार बार लाइट कटने पर गर्मी का एहसास ज्यादा रहा.

हापुड़ से न्यूज़18 लोकल के लिए सौरभ त्यागी की रिपोर्ट

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